त्रिपुरा के महामहिम तथागत चाहते हैं गृहयुद्ध

बिगड़े बोल , , मंगलवार , 20-06-2017


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जनचौक स्टाफ

नई दिल्ली। हिंदू-मुस्लिम समस्या जैसे संवेदनशील मुद्दे को हल करने के लिए अभी तक लाख तरह की बातें और कोशिशें होती रही हैं। सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आजादी के पहले और उसके बाद लगातार प्रयास जारी है। आपसी बातचीत और एक दूसरे समुदाय की भावनाओं को समझते हुए इस समस्या को समाप्त करने की पहल भी होती रही है। यह प्रयास कितना कामयाब हुआ यह अलग सवाल है। लेकिन त्रिपुरा के राज्यपाल महामहिम तथागत रॉय ने हिंदू-मुस्लिम समस्या के हल के लिए गृहयुद्ध को ही एकमात्र रास्ता बताया है। तथागत रॉय ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि, ‘‘सिविल वार के बिना हिंदू-मुस्लिम समस्या हल नहीं हो सकती है।’’ अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1946 में अपने डायरी में यह बात लिखी है। मुखर्जी ने बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। भाजपा उन्हें अपना आदर्श बताती रही है। भारतीय समाज को एक बनाए रखने की उनकी राय कितनी जहरीली है। वह उनके इन विचारों से समझा जा सकता है। हद तो यह है कि राज्यपाल जैसे पद पर बैठा हुआ एक व्यक्ति उन्हीं पंक्तिओं का हवाला दे रहा है। 

राज्यपाल तथागत राय का ट्वीट। 

तथागत रॉय के इस ट्वीट के आने पर सोशल मीडिया में कड़ी प्रतिक्रिया हुई। कुछ लोगों ने उन पर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप लगाया तो दूसरों ने उन्हें बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद तथागत रॉय का दूसरा ट्वीट आया। इस ट्वीट में उन्होंने कहा कि,‘‘ कुछ लोग मुझ पर गृहयुद्ध की वकालत करने’’ का आरोप लगा रहे हैं। मैं ‘‘ गृहयुद्ध करने की वकालत या सुझाव नहीं दे रहा था। मैं तो 70 साल पुरानी एक डायरी का हवाला दे रहा था।’’ 

18 जून को दोपहर 12.23 पर रॉय ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी डायरी में 10 जनवरी 1946 को लिखा था, ‘‘ हिंदू-मुस्लिम समस्याएं किसी नागरिक युद्ध के बिना हल नहीं होगी। लिंकन की तरह बहुत कुछ! 

श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत के विभाजन के पहले यह भविष्यवाणी की थी। जिसे सात महीने बाद जिन्ना ने शुरू किया। उस गृहयुद्ध में जिन्ना को विजय मिली और पाकिस्तान बना। यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भविष्यवाणी है। इससे पहले, ट्विटर में शामिल होने के दौरान, रॉय ने ‘‘श्यामपुर मस्जिद समिति और निवासियों’’ के लिए एक फोटो पोस्ट किया था। जिसमें लिखा था कि इस सूचना को देखें। इसमें कहा गया है कि, ‘‘सभी के लिए संगीत मना है। उल्लंघनकर्ता को दंड मिलेगा। यह आईएसआईएस, तालिबान और सऊदी में नहीं हो रहा है लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा हो रहा है। ’’इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक राज्यपाल ने इस पर कोई टिप्पणी या जवाब नहीं दिया है।

तथागत राय का एक और विवादित ट्वीट।

पहले भी देते रहे हैं विवादित बयान

 

यह पहली बार नहीं है कि रॉय ने ट्विटर पर विवादास्पद टिप्पणी की है। इसके पहले भी वे विवादित बयान देते रहे हैं। अगस्त 2015 में, उन्होंने एक ट्वीट में लिखा था कि मुंबई के ब्लास्ट अभियुक्त याकूब मेमन के अंतिम संस्कार में भाग लेने वालों पर निगरानी रखी जानी चाहिए। सितंबर 2015 में, एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि आपकी धारणा है कि मैं धर्मनिरपेक्ष हूँ? मैं एक हिंदू हूँ मेरा राज्य, भारत हालांकि, 1976 से धर्मनिरपेक्ष है। यह ट्विटर हैंडल त्रिपुरा के गवर्नर का था। मेरी पहचान अब एक गवर्नर के रूप में है लेकिन फिर भी एक स्वयंसेवक होने पर मैं गर्व करता हूं। मेरी पहचान एक सिविल इंजीनियर, स्वयंसेवक, प्रोफेसर, राजनीतिज्ञ, लेखक, वकील, हिंदू के रूप में हैं। अब मैं त्रिपुरा के गवर्नर के रूप में जाना जाता हूं। मुझे यात्रा करना और संगीत सुनना पसंद है। मैं पाखंड और दोहरे मानदंडों से नफरत करता हूं।






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