वनों से बेदखली की आशंका के खिलाफ आदिवासियों की गोलबंदी तेज

छत्तीसगढ़ , , शनिवार , 02-03-2019


adivasi-van-march-bastar-raipur

तामेश्वर सिन्हा

रायपुर। जंगलों से बेदखली की आशंका के खिलाफ आदिवासी अब गोलबंद होना शुरू हो गए हैं। और इसकी धमक छत्तीसगढ़ में उस समय दिखी जब वहां के बस्तर और रायपुर के इलाके में आदिवासियों ने परंपरागत तीर और कमान के साथ बड़ा जुलूस निकाला।   

इस बीच छत्तीसगढ़ के ही सूरजपुर जिले में 20 सालों से रह रहे दो आदिवासी परिवारों के मकानों को वन विभाग के कर्मचारियों ने आग के हवाले कर दिया। 

बता दें कि सूरजपुर जिले के वन परिक्षेत्र बिहारपुर अंतर्गत ग्राम करोंटी (अ) में वन विभाग ने दो आदिवासी परिवारों की झोपड़ी में आग लगा दी। ये दोनों परिवार विगत 15-20 वर्षों से जंगलों के बीच झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। अब वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा झोपड़ी के जला दिए जाने के बाद दोनों परिवार बेघर हो गए हैं। सूरजपुर जिले के वन परिक्षेत्र बिहारपुर के तहत आने वाले गांव करोंटी (अ) निवासी 50 वर्षीय ललन सिंह गौड़ पिछले 15 सालों से यहां रह रहे थे। मवेशी पालन और वनोपज संग्रहण ही उनके परिवार के जीवन-यापन का साधन था।

इसी बीच 24 फरवरी को वन विभाग के कर्मचारियों ने ललन सिंह गौड़ व उसके परिवार को बेदखल करते हुए उसकी झोपड़ी में आग लगा दी। जिससे चलते उनके रहने, खाने और सोने का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। इसी तरह से वन परिक्षेत्र बिहारपुर के ही ग्राम पाटन में लक्ष्मण सिंह गौड़ भी इस त्रासदी के शिकार हो गए। तंगहाली में जी रहे लक्ष्मण सिंह की भी झोपड़ी जलकर खाक हो गयी। दोनों आदिवासी परिवारों की झोपड़ी जल जाने के बाद अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। लिहाजा अब उनके लिए जंगल ही एकमात्र सहारा बचा है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासियों के वनों से बेदखली के अपने फैसले पर रोक लगा दी है। लेकिन इसको लेकर आदिवासियों की आशंकाएं गहराती जा रही हैं। दरअसल इस मामले के सामने आने के साथ ही ये बात तय हो गयी है कि सरकार आदिवासियों को वनों में नहीं रहने देना चाहती है। और कोई मौका मिलते ही बेदखली की इस प्रक्रिया को वह लागू कर देगी। सरकार के इसी रुख को देखते हुए आदिवासियों के बीच इसको लेकर बहस छिड़ गयी है और जगह-जगह उसके खिलाफ गोलबंदी शुरू हो गयी है।  








Tagadivasi van march bastar raipur

Leave your comment











kishlesh netam :: - 03-03-2019
kishlesh netam

kishlesh netam :: - 03-03-2019
kishlesh netam

Anil Pratap :: - 03-02-2019
Very wrong action taken by govt officials against aboriginal tribes

Samnath Kashyap piplawand :: - 03-02-2019
हमारे लोगों को परेशान कर रही है । आजादी से जीना चाहते हैं उन्हें जीने नहीं दिया जा रहा है, आखिर कब तक अन्याय सहना करते रहेंगे । एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा।।जय सेवा।।