अहमदाबाद में भीड़ की कायराना साजिश हुई नाकाम

गुजरात , अहमदाबाद, सोमवार , 28-05-2018


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कलीम सिद्दीकी

अहमदाबाद। तीन दिन पहले उत्तराखंड पुलिस के गगनदीप सिंह ने एक प्रेमी जोड़े को हिन्दूवादी भीड़ से बचाया था जिसकी सोशल मीडिया और मीडिया में खूब वाहवाही हुई थी। घटना कुछ ऐसी थी मुस्लिम युवक एक मुस्लिम लड़की के साथ था। किसी ने हिंदूवादी संगठनों को जानकारी दी हिन्दू लड़की के साथ मुस्लिम लड़का बैठा है, भीड़ से बचने के लिए वे लोग पास के मंदिर में चले जाते हैं भीड़ उन्हें ढूंढ़ निकालती है। भीड़ को गुस्सा इस बात का था कि मुस्लिम होकर हिन्दू लड़की से कैसे प्रेम कर रहा है। वे सब उसे जान से मारने पर उतारू थे। लेकिन पास खड़े उत्तराखंड पुलिस के एक अफसर गगनदीप ने जान पर खेलकर प्रेमी जोड़े को बचा लिया। गगनदीप को इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारी ने सम्मानित किया।

आज धर्म की दीवार इतनी बड़ी हो चुकी है की अंतरधार्मिक प्रेम एक बड़ा अपराध हो गया है। शुक्रवार को अहमदाबाद के दरियापुर में भी कुछ ऐसी घटना हुई जिसने साबित कर दिया कि भीड़ कट्टर ही होती है, चाहे उत्तराखंड की हो या अहमदाबाद के दरियापुर की।

शुक्रवार को कुछ लोगों ने दरियापुर में एक अफवाह फैला दी कि आमेना फ्लैट में एक महिला खाचड़ा (जिस्म का कारोबार) चलाती है। वहां हिन्दू आते हैं, इस समय कोई हिन्दू लड़का आया है। इफ्तार का समय खत्म ही हुआ था कि मिनटों में सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। फिरोज नाम के व्यक्ति ने भीड़ को उग्र होता देख लड़की सहित अन्य लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया और घटना की जानकारी पुलिस को दी। समय पर पुलिस पहुंच कर लड़के और लड़की के परिवार को बचाकर पुलिस स्टेशन लाई। पीछे-पीछे भीड़ भी पुलिस स्टेशन आ गई। पूछ ताछ में लड़की ने बताया हम दोनों एक ही कोचिंग क्लास में पढ़ते हैं और मित्रता होने के कारण कभी-कभी वह मुझे घर भी छोड़ने आ जाता है। इस से अधिक कुछ भी नहीं है। उसी कोचिंग क्लास में पढ़ने वाले एक अन्य छात्र ने जनचौक संवाददाता को बताया-

‘‘मोहल्ले के कुछ लड़के-लड़की के पीछे पड़े हुए थे। वह किसी से कोई बात नहीं करती थी, दरियापुर के हम उम्र लड़कों को यह अच्छा नहीं लग रहा था तो इन्हीं लड़कों ने हिन्दू मुस्लिम वातावरण बनाकर भीड़ को तैयार किया। मिली जानकारी के अनुसार कुछ पुलिस के मुखबिर भी हमलावरों के साथ थे। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। लेकिन लड़की के परिवार पर जो गंभीर आरोप लगाये गए उससे परिवार सदमे में है। भीड़ ने किसी की हत्या तो नहीं की लेकिन इज्जत का जनाजा जरूर निकाल दिया।’’

दरियापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार 15 से 20 लोगों की भीड़ ने लड़की के परिवार और लड़के के साथ मारपीट की। पुलिस एसीपी राजेश गाधिया ने जनचौक को बताया-

“इस पूरे मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है। लड़की के पिता ने लड़के के खिलाफ छेड़खानी की एफआईआर दर्ज कराई है दूसरी, एफआईआर दंगा भड़काने  की धारा में दर्ज की गई है। अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है पुलिस जांच कर निष्पक्षता से आगे की कार्रवाई करेगी।’’ 

आने वाले दिनों में संभवतः आईपीसी सेक्शन 146,147 और 148 के तहत कुछ लोगों की गिरफ्तारियां होंगी। जहां एक परिवार के खिलाफ भीड़ द्वारा अपमानित करने का खेल हुआ तो वहीं कुछ लोग परिवार के साथ खड़े दिखे इस प्रकार से किसी पर आरोप लगाने की निंदा की। 

 










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