किसानों पर मेहरबान केजरीवाल सरकार, केंद्र सरकार से दोगुना मूल्य पर खरीदेगी अनाज

दिल्ली , , शनिवार , 09-02-2019


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चरण सिंह राजपूत

नई दिल्ली। किसानों की फसल के मूल्य को बढ़ाने के नाम पर नाक-भौं सिकुड़ने वाली सरकारों को अरविंद केजरीवाल झटका देने जा रहे हैं। पहले सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति सुधार कर एक अच्छा संदेश देने वाली दिल्ली सरकार व किसानों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। यदि अरविंद केजरीवाल की यह योजना सही ढंग से लागू हो गई तो दिल्ली के किसान अव मालामाल होने शुरू होने लगेंगे। अरविंद केजरीवाल टीम ने दिल्ली में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का ऐलान जो कर दिया है।आम बजट में किसानों की फसलों का थोड़ा सा मूल्य बढ़ाकर उन पर एहसान जताने का प्रयास कर रही मोदी सरकार को केजरीवाल सरकार किसानों के भले का सबक सिखाने वाली है।

दिल्ली सरकार ने केंद्र के प्रस्तावित न्यूनतम समर्थन मूल्य से लगभग दोगुने दर पर अनाज खरीदने की पूरी तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने भले ही लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने के नाम पर किसानों से छल कर रही हो पर दिल्ली में अब किसानों की लागत पर आने वाले खर्च का 50 फीसदी ज्यादा दाम विधिवत रूप से दिया जाएगा। मतलब लागत का डेढ़ गुना। इसके तहत गेहूं की खरीदारी 2616 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से होगी। धान 2667 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।

दिल्ली सरकार ने प्रति हेक्टयेर धान की फसल पर औसतन 67328 रुपए लागत मानी है। मजदूरी लागत प्रति हेक्टेयर 15602 रुपए आंकी गई है। इन दोनों खर्च में 8 प्रतिशत सालाना दर से यदि 6 माह का ब्याज जोड़ दें, तो कुल फसल उगाने में कुल खर्च 86247 रुपए माना गया है।

ज्ञात हो कि दिल्ली में प्रति हेक्टेयर धान की पैदावार लगभग 48.5 क्विंटल मानी जाती है। इस हिसाब से एक क्विंटल धान की पैदावार पर 1778 रुपए लागत आती है। दिल्ली सरकार अब प्रति क्विंटल धान के प्रस्तावित समर्थन मूल्य (1778) रुपए में 50 फीसदी फायदा देगी। यानी कि डेढ़ गुना पर 2667 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की जाएगी।

ऐसे ही दिल्ली में प्रति हेक्टयेर गेहूं की फसल पर 60418 रुपए लागत आंकी गई है। मजदूरी प्रति हेक्टेयर 2152 रुपए आती है। यदि इन दोनों खर्च में 8 प्रतिशत सालान दर से 6 माह का ब्याज जोड़ दिया तो फसल तैयार करने में कुल खर्च 78501 रुपए आएगा। दिल्ली में प्रति हेक्टेयर धान की पैदावार 45 क्विंटल है। इस हिसाब से एक क्विंटल गेंहू के पैदावार पर 1744 रुपए लागत आती है।

गेंहू की तय कीमत-दिल्ली सरकार प्रति क्विंटल गेंहू के प्रस्तावित समर्थन मूल्य (1744) रुपए में 50 फीसदी फायदा देगी। यानी कि 2616 रुपए प्रति क्विंटल की दस से गेंहू खरीदा जाएगा।

ज्ञात हो कि लंबे समय से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए देश भर में किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान आंदोलनों का केंद्र सरकार पर तो कोई खास असर नहीं पड़ा है पर आंदोलन से निकली केजरीवाल सरकार किसानों को मुंह मांगा मूल्य देकर देश में एक मिसाल कायम करने वाले हैं।

ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव के साथ ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव भी जल्द ही होने वाले हैं। किसानों के पक्ष में लागू होने वालू इस बंपर योजना का फायदा केजरीवाल को दोनों चुनाव में होगा।हरियाणा में भी केजरीवाल दुष्यंत चौटाला के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। दिल्ली से सटे होने की वजह से वहां पर भी केजरीवाल इसका फायदा उठाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर हो रहे केजरीवाल के लिए फसल मूल्य की यह योजना काफी कारगर साबित होगी।








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