केन्द्र से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने का मजदूर महासंसद का आवाहन!

उत्तर प्रदेश , , रविवार , 10-02-2019


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जनचौक ब्यूरो

अयोध्या। आवास, जमीन, रोजगार, स्वास्थ्य, तथा समान शिक्षा को मौलिक अधिकार होना चाहिए। भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य तथा खेग्राम्स के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड धीरेंद्र झा ने मजदूर महासंसद के माध्यम से उक्त मांगें उठाते हुए कहा कि मोदी-योगी सरकार अडानी, अंबानी के लिए काम कर रही है। भाजपा सरकार हिंदुस्तान की साझी विरासत को नष्ट करके अंधकार का साम्राज्य स्थापित करना चाहती है। मोदी सरकार देश में गरीबी का समुद्र तथा अमीरों की सोने की लंका तैयार कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि आज देश में 70 करोड़ लोग आवास विहीन हैं, ऐसे परिवारों का सरकार के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने मांग की ऐसे तमाम लोगों का आवासीय, भूमि, तथा भोजन व् रोजगार की व्यवस्था सरकार को करनी होगी। उन्होंने कहा कि मोदी - योगी सरकार पूरे देश में गरीबों को उजाड़ रही है। जगह-जगह आदिवासियों को भी विस्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेत मजदूर संगठन लाल झंडे की एकता व् सँघर्ष से देश के पैमाने पर अपनी दावेदारी पेश करें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मनुष्यता, सभ्यता तथा संस्कृति पर हमला कर रही है। धर्म और इबादत सीखने के लिए देश को मोदी और योगी की जरूरत नहीं है। 

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य सचिव कामरेड सुधाकर यादव ने कहा कि-

मोदी- योगी की सरकार देश के लिए आफत बन कर आई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार गरीबों और हमलावर है, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय गरीबों को ही उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी वन अधिकार कानून से आदिवासियों व दलितों को ही बाहर कर दिया गया। उन्होंने संसद में कोल व अनुसूचित जातियों को वन अधिकार में अधिकार संरक्षित करने के लिए कानून में संसोधन की मांग किया।

खेग्राम्स के सम्मानित व पूर्व सासंद कामरेड रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि-

देश की संसद में कारपोरेट घरानों के मुनाफ़ा बढ़ाने, अपराधियों को बचाने, गरीबों व किसानों से जमीन हड़पने पर चर्चा होती है। किंतु इस मजदूर संसद में गरीबों को वास-आवास आजीविका की गारंटी कराने पर चर्चा हो रही है। अगर देश की संसद गरीबों की चिंता नहीं कर रही है तो गरीबों को अपने हक अधिकार के लिए कानून का मोहताज नहीं होना चाहिए। बल्कि लड़ाई लड़कर अपना अधिकार हासिल करना चाहिए।

खेग्राम्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीराम चौधरी ने मजदूर संसद से आह्वान किया कि-

देश के गरीबों को आवास, सम्मानजनक रोजगार, शिक्षा स्वास्थ्य की गारंटी की लड़ाई तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में लाखों एकड़ जमीन मठों, मंदिरों, ट्रस्टों तथा वफ्फ बोर्ड के कब्जे में पड़ी है। सरकार इन जमीनों को कब्ज़े में लेकर गरीबों में वितरण करने का काम करे। नहीं तो गरीबों को यह अधिकार है कि ऐसी सारी जमीनें व खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर कब्जा कर ले। उन्होंने कहा कि शौचालय की धनराशि 50 हज़ार हो, 200 दिन रोज़गार तथा 600 रुपये दैनिक मजदूरी प्रत्येक मजदूर को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि देश में 70 करोड़ परिवारों की चिंता की बात न करके मोदी-योगी सरकार अपनी असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए, मंदिर के मुद्दे पर उन्माद पैदा करना चाहती है। किंतु देश के गरीब इसकी इजाज़त नहीं देंगे तथा लोकसभा के चुनाव में भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेंगे। 

मजदूर महासंसद को भाकपा माले के बिहार के विधायक कामरेड सत्यदेव राम, जीरा भारती,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष टी आर बालू, इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य सचिव राकेश सिंह, ऐपवा प्रदेश सहसचिव मीना सिंह, माकपा जिला सचिव राम तीरथ पाठक, भाकपा जिला सचिव माताभक्त, मो सईद, काशीराम, भाकपा माले जिला प्रभारी कामरेड अतीक अहमद, शंकर कोल, भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य राम भरोसे, आदि लोगों ने संबोधित किया। सभा का संचालन खेग्राम्स राज्य सचिव राजेश साहनी तथा अध्यक्षता खेग्राम्स के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कामरेड अखिलेश चतुर्वेदी ने किया!

 








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Umesh Chandola :: - 02-10-2019
From last decade all 10 central trade union centre are doing mere Ritualistic 2 days annual strikes. Even those ends in 1 or. 2 hours thanks to deliberate attempts of these renegade revisionist Refer to the 16 to 31 Jan 2019 issue of enagrik.com Page 6