सुरक्षाबल और पुलिस पर बर्बरता का आरोप, पीड़ित महिलाओं का बीजापुर में धरना-प्रदर्शन

इंसाफ की मांग , बीजापुर, शुक्रवार , 22-12-2017


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तामेश्वर सिन्हा

बीजापुर (बस्तर)। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सल उन्मूलन के नाम पर आदिवासी महिलाओं-बच्चों के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। 

बीजापुर जिले के गाँव सावनार, कोरचोली, तोड़का की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट और लूटपाट की। 

इसके विरोध में आज पीड़ित महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित महिलाओं के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी भी रहे। 

 

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि जब तक इस मामले में आरोपी जवानों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वे अपने बच्चों के साथ जिला मुख्यालय पर डटी रहेंगी। आंदोलनकारी सोनी सोरी ने भी इनके समर्थन में कल बीजापुर पहुंचने का ऐलान किया है।

 

बीजापुर में प्रदर्शन करने पहुंची आदिवासी ग्रामीण महिलाएं।

क्या है पूरा मामला?

महिलाओं ने बताया कि कल, गुरुवार 21 दिसम्बर को सुबह 10 बजे सुरक्षा बल और पुलिस के जवानों ने ग्राम कोरोचोली, तोड्का, सावनार में आकर उनके और उनके बच्चों की बर्बरता से पिटाई की। महिलाओं के मुताबिक पिटाई के बाद जोर-जबरदस्ती की भी कोशिश की गई। महिलाएं उन बांस के डंडों को भी साथ लेकर बीजापुर पहुंची थीं, जिनसे उनके मुताबिक जवानों ने उनकी पिटाई की थी। उनका कहना है कि जवानों की पिटाई से कई महिलाओं के हाथ-पांव समेत शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। 

कोरचोली से पहुंची मंगली पोटाम, लक्ष्मी पोटाम ने पत्रकारों को बताया कि गुरुवार सुबह सावनार के नजदीक खेतों में गोली चलने की आवाज सुनाई पड़ने पर गांव की महिलाएं खेतों की तरफ भागीं। चूंकि गांव के पुरुष खेतों के आस-पास मिंजाई कर रहे थे, जबकि बच्चे मवेशी चराने गए हुए थे। गोली की आवाज सुनकर महिलाएं डर गईं थी। अनहोनी की आशंका से महिलाएं खेतों की तरफ दौड़ी-दौड़ी जा रहीं थी। कोरचोली और तोड़का गांव की महिलाएं भी खेतों की ओर आ रहीं थी। इसी दौरान एक स्थान पर सुरक्षा बल के कुछ जवानों ने उनका रास्ता रोक लिया। चार जवान जो नशे की हालत में थे, सबसे पहले उन्होंने महिलाओं से दुर्व्यवहार शुरू किया। उन्हें एक स्थान पर एकत्रित कर नक्सलियों के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी और थोड़ी देर बाद डंडे-बांस से पीटना शुरू कर दिया। महिलाओं ने इसका विरोध किया तो जवान और भी उग्र हो गए। जवानों ने बच्चों को भी नहीं बख्शा। 

कोरचोली की सुक्की ने बताया कि मारपीट में उसकी छह साल की बच्ची लहूलुहान हो गई। महिलाओं ने दावा किया है कि मारपीट करने वाले कुछ जवानों को वे चेहरे से पहचानती हैं। उनमें एक पूर्व एसपीओ भी शामिल है, जो गंगालूर इलाके का स्थानीय निवासी है। 

सर्च अभियान पर निकले थे जवान 

आपको बता दें कि गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली में गुरुवार को एक वर्दीधारी माओवादी को ढेर करने के बाद इलाके में सर्चिंग के लिए सुरक्षा बलों का दल निकला था। जिला मुख्यालय पहुंची महिलाओं ने बताया कि पहले जवानों ने छीन कर शराब पी और फिर उनके द्वारा उत्पात मचाया गया। नशे की हालत में ही महिलाओं को लाठी और डंडों से बेरहमी से पीटा गया। 

पीड़ित महिलाओं की ओर डीएम को दिया गया प्रार्थना पत्र।

निष्पक्ष जांच होगी : एसपी

इस मामले में बीजापुर एसपी एमआर अहिरे ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।

आपको बता दें कि बीजापुर जिले में ही वर्ष 2015 अक्तूबर महीने में सुरक्षाबलों पर बलात्कार, लूटपाट का आरोप लगा था। आदिवासी महिलाओं का आरोप था कि माओवादियों की तलाशी के नाम पर जवानों ने उनके घरों से पुरुष सदस्यों को बलपूर्वक निकाला और उनके साथ बलात्कार किया। इस मामले में अब तक जांच लंबित है।

न्याय नहीं मिला तो होगा उग्र आंदोलनः मंडावी

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी ने पीड़ित महिलाओं के साथ प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि अगर इस पूरे मामले में पीड़ितों को शासन-प्रशासन की ओर से कोई न्याय नहीं मिलता है तो न्याय दिलाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही जिला कांग्रेस की एक टीम शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात करेगी और जवानों द्वारा बरपाए कहर की रिपोर्ट को हाईकमान को सौंपा जाएगा। 

मंडावी ने आरोप लगाया कि भाजपा के इस राज में पुलिस और अधिकारी अपना आतंक मचा रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीण ही नहीं बल्कि कोई भी व्यक्ति राज्य में सुरक्षित नहीं है। 










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Narsingh :: - 12-23-2017
रक्षक ही गुनाहों में गहराई में डुबा हुआ है। अब उम्मीद कहाँ... और किससे...करे