किसान ने फांसी लगाने के लिए मुख्यमंत्री से रस्सी मांगी!

एक नज़र इधर भी , बिलासपुर, सोमवार , 15-01-2018


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तामेश्वर सिन्हा

बिलासपुर। आम जनता की शिकायतों का निराकरण करने के लिए लोक सुराज अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में  मंगाए जा रहे आवेदनों में एक किसान ने मुख्यमंत्री से फांसी लगाने के लिए दो मीटर रस्सी मांगी है।

मामला बिलासपुर जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के सकरी गांव का है। यहां 61 वर्षीय किसान दिलहरण लाल भार्गव ने लोक सुराज में आवेदन दिया है। दिलहरण ने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन के मुआवजे की मांग की है और मुआवजा नहीं मिलने पर जमीन देने की बात कही है। 

 

साथ ही दिलहरण ने आवेदन में यह भी लिखा है कि यदि मुख्यमंत्री मुआवजा या जमीन दोनों में से कुछ भी नहीं दे सकते हैं तो उसे 2 मीटर रस्सी ही दे दें, जिससे वह फांसी लगा सके।

किसान दिलहरण का आवेदन पत्र।

किसान दिलहरण ने अपने आवेदन में लिखा है कि मुख्यमंत्री जी मेरे पुरखों की जमीन को वन विभाग ने यह कहकर हथिया लिया कि मुझे कहीं और जमीन दे दी जाएगी, लेकिन उसके बाद मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही। दिलहरण के मुताबिक साल 2013 में उनकी जमीन पर वन विभाग द्वारा कब्जा कर फेंसिंग कर दी गई, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है।

गौरतलब है कि प्रदेश में शुक्रवार, 12 जनवरी से लोक सुराज अभियान की शुरुआत की गई है। लोक सुराज अभियान का आयोजन 3 चरणों में किया गया है। इसके पहले चरण में आवेदन प्राप्त किए गए हैं। यह आवेदन 12 से 14 जनवरी तक लिए गए। दूसरे चरण में आवेदनों का निराकरण 15 जनवरी से 11 मार्च तक किया जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में समाधान शिविर लगाए जाएंगे। शिविर का आयोजन 12 मार्च से 31 मार्च तक किया जाएगा।

लोक सुराज अभियान का पोस्टर।


आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार हर साल आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए लोक सुराज अभियान चलाती है, लेकिन यह अभियान हमेशा सवालों के घेरे में रहता है। हर साल बड़ी संख्या में आम लोग समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन देते हैं लेकिन शिकायत यही है कि ज़्यादातर मामलों में निराकरण नहीं होता है और समस्या जस की तस बनी रहती है।


किसान दिलहरण ने लोक सुराज अभियान में की शिकायत में बताया कि जमीन खसरा नंबर 1/2 ग 2/5. एक एकड़ 1 डिसमिल को वन विभाग ने साल 2013 में ले लिया था। इसके बदले में दूसरी जगह उतनी ही जमीन देने का वादा भी किया था। मगर आज तक न तो जमीन मिली न मुआवजा। 


इसे लेकर किसान भार्गव ने साल 2015 में भी लोक सुराज (नगर सुराज) में अपना आवेदन लगाया था। इसका नंबर 12073112140012 है। लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उसने साल 2017 में भी लोक सुराज के तहत इंसाफ के लिए गुहार लगाई थी। इसका आवेदन नंबर 317073121400253 था। मगर इसके बाद भी सरकार ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया।


किसान के मुताबिक ऐसे लोक सुराज का क्या मतलब जिसमें आप ढोल तो खूब बजाते हो, मगर समस्या का समाधान नहीं करते।

किसान दिलहरण भार्गव ने अपने आवेदन में अंतिम लाइन में लिखा है कि अगर शासन उनकी समस्या को सुन भी नहीं सकता और समाधान भी नहीं करना चाहता तो मुख्यमंत्री जी कम से कम 2 मीटर रस्सी तो दे ही दीजिए, ताकि किसान फांसी लगाकर अपनी जान दे सके।










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