दलित एक्ट में बदलाव करने वाले जजों पर महाभियोग चलाने को लेकर गुजरात में निकली यात्रा

गुजरात , अहमदाबाद, शनिवार , 31-03-2018


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कलीम सिद्दीकी

अहमदाबाद। उत्तरप्रदेश के गवर्नर राम नाईक ने बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर का नाम बदलकर भीमराव रामजी आंबेडकर करने की सरकार से सिफारिश की है। बीजेपी इसे सम्मान बता रही है। वहीँ दलित चिंतक इसे बीजेपी की राम राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं। खैर पुरानी कहावत है नाम में क्या रखा है। बाबा साहेब आंबेडकर जो काम और विचार छोड़ गए हैं वह हमेशा याद रखा जायेगा। बीजेपी सरकार के गवर्नर एक तरफ बाबा साहेब के साथ उनके पिता का नाम जोड़कर सम्मान देने की बात कर रहे है। वहीँ दूसरी तरफ बीजेपी के कई नेता आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। 

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी राज्य में दलितों पर अत्याचार के मामले हर साल बढ़ रहे हैं। गाय के नाम पर ऊना में दलित परिवार की चमड़ी उधेड़ ली जाती है। दलित आन्दोलन करते हैं तत्कालीन मुख्यमंत्री अनंदी बेन पटेल 5 एकड़ ज़मीन, नौकरी से लेकर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा न्याय दिलाने का वादा करती हैं परन्तु 3.5 वर्ष बाद दलित समाज को बड़ा झटका लगता है। जब वडगाम विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी के लिखित प्रश्न के जवाब में गुजरात सरकार सभी वादों से मुकर जाती है।

28 मार्च को ऊना से गांधीनगर के लिए केवल सिंह राठौड़ ने संविधान गौरव यात्रा निकाली है जो 2 अप्रैल को गांधीनगर पहुंचेगी। और फिर उसके बाद राठौड़ राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन गवर्नर को देंगे। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के दो जजों द्वारा दलित उत्पीड़न एक्ट पर की गई टिप्पणी पर उनके खिलाफ महाभियोग लाने की मांग है। राष्ट्रपति से गुहार लगाई गई है कि सरकार तुरंत ऊना पीड़ितों से किया गया वादा पूरा करे ऊना आन्दोलन के समय दायर मुक़दमे वापस लिए जाएं आदि। 

केवल सिंह राठौड़ ने बताया कि भारतीय संविधान के मूल्यों को साकार करने व हमारे संविधान निर्माताओं के जीवन संघर्ष को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से हम सब ने ऊना से लेकर गांधीनगर तक 'संविधान गौरव यात्रा' का आयोजन किया है। हमारा मूल मकसद लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। हमारा संविधान दुनिया का सबसे बहेतरीन संविधान है, उसके मूल्यों को साकार करना व उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। हमारे क्रांतिकारियों ने अपना पूरा जीवन देश के नाम कुर्बान कर दिया। उनका योगदान हम कभी नहीं भुला सकते। हमारे महामानवों के विचारों को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जागरूकता के साथ-साथ गौरव की भावना होना ज़रूरी है। 

यात्रा में शामिल मनहर भाई राठौड़ ने बताया कि हमें अपने संविधान पर गर्व है। संविधान सभी के लिए समान अवसर और न्याय की गारंटी करता है। वर्तमान सरकार में आरक्षण समाप्त करने के षड्यंत्र हो रहे हैं। षड्यंत्र के अनुसार दलित अत्याचार कलम और आरक्षण पर बीजेपी के नेता बयानबाज़ी करते हैं। यात्रा से हम सभी नागरिकों को जागरूक करना चाहते हैं।  

28 मार्च को निकली यात्रा बोटाद पहुंची है और 1 अप्रैल को अहमदाबाद में हाल्ट कर 2 तारीख को गांधी नगर पहुंचेगी। जहां उसके नेता गवर्नर को अपना आवेदन देंगे। यात्रा में कोली समाज के जगश भाई गोहिल, ऊना पीड़ित, मोढा पीड़ित सहित 40 से 50 लोग शामिल हैं। 






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