इस्लाम के बारे में फैली गलत धारणाओं को साफ करने के लिए संगठनों ने शुरू किया अभियान

गुजरात , अहमदाबाद, सोमवार , 22-01-2018


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कलीम सिद्दीकी

सांप्रदायिक वातावरण तथा फ़ैलाए जा रहे इस्लामोफोबिया से मुस्लिम समाज चिंतित दिख रहा है। गुजरात से निकला सांप्रदायिकता और नफरत का धुआं पूरे देश में फ़ैल गया। इस्लाम को लेकर गलत धारणाएं बनाई जा रही हैं। जिस कारण देश का लोकतंत्र भी डगमगा रहा है। और धार्मिक कट्टरता को बल मिल रहा है। गुजरात में दलित-मुस्लिम एकता बन रही है। साथ कुछ संगठन प्रयत्न कर रहे हैं कि हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा को भी बढ़ाया जाये। इसमें जमात-ए-हिंद सबसे आगे है।

उसका कहना है कि देश में इस्लाम विरोधी वातावरण खड़ा किया गया है जिसके चलते पूरे विश्व में इस्लामोफोबिया फ़ैल रहा है। इस्लाम मात्र मुसलमानों का धर्म नहीं बल्कि मानवता की जीवन प्रणाली है जिसे मुसलमानों के साथ-साथ अन्य धर्म को मानने वालों को भी समझने की ज़रूरत है। आज पूरे विश्व में धर्म विशेष को समझे बिना तथा अनुभव किये बिना ही एक समझ को जन्म दिया गया है जो गलत है।

जिस कारण दुनिया भर में भयंकर फसाद, उत्पात, अशांति, अराजकता तथा मानव मानव के बीच खूनी संघर्ष हो रहा है। इस वातावरण से निपटने की आवश्यकता है। जमाते इस्लामी हिन्द गुजरात खंड ने रविवार से (21 जनवरी 2018) “इस्लाम एक भेंट सबके लिए” कम्पैन  लॉन्च किया है। जो 31 जनवरी 2018 तक चलेगा। इस अभियान को लांच करने के लिए स्वामी नारायण संप्रदाय के स्वामी माधवप्रिय दासजी तथा गायत्री परिवार के जयेश बरोट जी मुख्य अतिथि के तौर उपस्थिति थे। स्वामी माधवजी ने जमाते इस्लामी के इस अभियान की सराहना करते हुए 24 जनवरी को अहमदाबाद के मेमनगर गुरुकुल में जमाते इस्लामी को वहां के छात्रों तथा अन्य सेवकों को इस्लाम की शिक्षा पर बोलने का निमंत्रण दिया ताकि गुरुकुल के छात्रों से इस्लाम पर एक संवाद हो सकें। 

गुजरात यूनिट के अध्यक्ष शकील राजपूत ने कहा कि जिस प्रकार से इस्लाम के खिलाफ गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं और गलतफहमी पैदा की जा रही है मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से इस्लाम को बदनाम करने की कोशिश चल रही है। इस अभियान का मकसद है गलत समझ और धारणाएँ दूर हों। सौहार्द का वातावरण बने। राजपूत ने आगे कहा कि इस्लाम में ब्याज पर लेन देन की कोई जगह नहीं है ब्याज और इस्लाम पर भी बहुत सी गलत धारणाएँ बनाई गई हैं पूरे विश्व में नियंत्रित अर्थव्यवस्था है विश्व के नॉन इस्लामिक देश भी ब्याजरहित बैंकिंग व्यवस्था अपना रहे हैं। ब्याजमुक्त बैंकिंग व्यवस्था को गैर यूरोप के कई देशों ने अपनाया है। इस व्यवस्था को आर्थिक नजरिये से समझने की आवश्यकता है। 

अभियान के संयोजक इकबाल मिर्ज़ा ने कहा कि 11 दिनों में हम लोग 50 लाख गैर मुस्लिमों तक इस्लाम का संदेश पहुंचाएंगे इस लक्ष्य को पाने के लिए राज्य के 500 स्कूल और 100 कॉलेज जायेंगे, 80 सरकारी दफ्तरों का दौरा करेंगे।  50 पुलिस स्टेशन और 15 बार एसोसिएशन से मीटिंग फिक्स है। स्वामी नारायण मंदिर, साईं धाम सहित कई हिन्दू धर्म स्थलों में संबोधन होगा मीडिया, साहित्य और प्रोफेशनल मीट का आयोजन है। 35 दलित संगठनों के साथ मीटिंग होनी तय है। राज्य भर 35 बुक स्टाल लगाये जायेंगे। 

जमाते इस्लामी अकेला मुस्लिम संगठन है जिसकी महिला विंग है। इस अभियान में महिलाओं की भूमिका तय की गई। महिला विंग की सेक्रेटरी आरिफा परवीन ने बताया कि इस्लाम को लेकर बहुत सी गैर समझ है जिस कारण समाज समस्याओं में घिरता जा रहा है। परवीन ने आगे बताया कि इस अभियान में महिला विंग 6000 मोहल्ला मीटिंग करने वाली हैं। आशा वर्कर से मीटिंग हो चुकी है। 2 महिला पुलिस स्टेशनों में संबोधन का कार्यक्रम तय है। इसके अलावा 50 महिला मंडल हमारे संपर्क में हैं जिनके साथ इस्लाम पर संवाद होगा। दलित महिलाओं के साथ दलित मुस्लिम महिला भोज का कार्यक्रम तय है। महिला विंग अच्छाई को फ़ैलाने और बुराई को रोकने में अपनी भूमिका अदा करेगी। 

जमाते इस्लामी के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद इकबाल मुल्ला ने कहा कि जनजागरण अभियान के तहत विचारों का अदान-प्रदान करेंगे। हो सकता है कुछ लोग हमारे विचारों से सहमत न हों ये उनका अधिकार है। परन्तु समस्याओं के समाधान के लिए विचारों का अदान-प्रदान होना चाहिए। जिससे सौहार्द बनेगा। मुल्ला के अनुसार देश का लोकतंत्र खतरे में है। संवैधानिक संस्थाओं पर उँगलियाँ उठ रही हैं। जजों को जनता की अदालत में आना पड़ा। देश में बोलने की आज़ादी छीनने की कोशिश हो रही है। 

इन सब के अलावा सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जायेगा ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर इस्लाम की सही शिक्षाओं को लोगों तक पहुँचाया जा सके। ताकि देश में मुस्लिमों के प्रति बन रही गलत धारणाओं को रोका जा सके और देश की गंगा-जमुनी तहजीब बची रहे। इस अभियान का समापन 31 जनवरी को होगा।        










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Hanif G.vhora :: - 01-22-2018
Very good effort by JIH.I Appreciate it.I also want to be a part of this work.all the best.