वामपंथ के बिना नहीं बन सकता कोई कारगर मोर्चाः दीपंकर भट्टाचार्य

बिहार , , बुधवार , 02-05-2018


janadhikarmahasammelan-patna-gandhimaidan-cpiml-bihar-dipankarbhattyacharya

जनचौक ब्यूरो

पटना। मजदूर दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जनअधिकार महासम्मेलन संपन्न हुआ। विगत 23 अप्रैल से बिहार के पांच ज्वलंत सवालों को लेकर भाकपा-माले के नेतृत्व में ‘‘भाजपा-भगाओ, बिहार बचाओ’’ जनअधिकार पदयात्रा निकली थी। एक सप्ताह से कड़ी धूप और कई तरह के संकटों को झेलते हुए जब पदयात्री पटना पहुंचे तो भारी बारिश से उनका स्वागत हुआ। कई तरह के संकटों का सामना करते हुए जब पदयात्री गांधी मैदान पहंुचे तो जनकवियों ने जनगीत से उनका स्वागत किया। भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने महासम्मेलन में कहा कि- 

इस पदयात्रा में अपनी मांगों के साथ 10-12 साल के बच्चे भी शामिल हैं। उनके स्कूल में बेंच नहीं है, पढ़ाई नहीं होती है। उसी प्रकार से रसोइया, बालू मजदूर, निर्माण मजदूर, किसान आदि तबका भी अपने-अपने मुद्दों के साथ इस महासम्मेलन में आए हैं। ‘‘भाजपा भगाओ-बिहार बचाओ’’ का नारा केवल हमारी पार्टी या इस पदयात्रा का नारा नहीं है, बल्कि यह आज के समय की मांग है।

देश और विभिन्न राज्यों की सत्ता में बैठकर भाजपा जो कर रही है, उसकी मिसाल नहीं मिलती। किसानों की जमीन छीन रही है।

पटना के गांधी मैदान में जनअधिकार महासम्मेलन

चंपारण सत्याग्रह के सौ साल हुए, सरकार ने खूब जश्न मनाया, लेकिन बेतिया राज की जमीन आज भी जमींदारों-चीनी मिल मालिकों के कब्जे में हैं आजादी के 70 साल बाद भी राजा-महाराजा व अंग्रेजों का कानून चल रहा है। आज भी तय नहीं हो पाया कि चंपारण की जमीन वहां के गरीबों की जमीन है। पिछले साल की जुलाई महीने से अब तक बेरोजगारी में गुणात्मक वृद्धि हुई है। दूसरी ओर-

प्रधानमंत्री पकौड़ा बेचने के लिए कहते हैं। त्रिपुरा के उनके नए मुख्यमंत्री पान बेचने को कह रहे हैं। लेकिन जब नौजवान पकौड़ा अथवा पान की दुकान लगाने जाते हैं, तो पुलिस उन्हें भगा देती है। कहती है यहां स्मार्ट सिटी बनेगी। आज उस लाल किले को डालमिया के हाथों 25 करोड़ में बेच दिया गया, जो हमारे देश की आजादी का प्रतीक है। डालमिया कोई पूंजीपति नहीं है बल्कि उसी ग्रुप का आदमी है। वे विश्व हिंदू परिषद के आदमी हैं और बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपी हैं। 

भाजपा ऐसी पार्टी है जो चुनाव हारकर भी सता हथिया लेती है। बिहार में चुनाव हारने के बाद भी उसने चोर दरवाजे से सत्ता हथिया ली। इसलिए जहां भी चुनाव हो, भाजपा को खदेड़ बाहर करना व उसे सत्ता से बेदखल करना आज हम सबका प्रमुख कार्यभार है। 

आज भी महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान की गारंटी नहीं हो पाई है। यह बेहद शर्मनाक है कि कठुआ में 8 वर्ष की बच्ची के बलात्कारी-हत्यारे को भाजपा बचाने में लगी है और उनके लिए तिरंगा यात्रा निकाल रही है। यह तिरंगे का भी अपमान है। दलित उत्पीड़न के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया कि इसका गलत उपयोग हो रहा है। लेकिन राजस्थान से खबर आ रही है कि एक दलित को घोड़ी पर चढ़ने नहीं दिया गया।

आरक्षण पर तरह-तरह की उलटी दलीलें दी जा रही हैं। लेकिन आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। भाजपा एससी-एसटी कानून में संशोधन का समर्थन करती है, लेकिन मध्यप्रदेश में पुलिस की नौकरी में दलितों के शरीर पर एससी-एसटी लिख दिया गया। जब 2 अप्रैल को एससी-एसटी कानून में संशोधन के खिलाफ भारत बंद हुआ, तो हमने देखा कि यह सरकार आंदोलनकारियों को तरह-तरह से प्रताड़ित करने में लग गई है। हत्यारों-दंगाइयों को जेल से रिहा किया जा रहा है। सही फैसला देने वाले जजों की हत्या हो रही है। इन लोगों ने न्यायपालिका को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यदि ऐसे लोग देश की सत्ता में बने रहेंगे, तो संविधान, कानून, इंसानियत, आजादी का कोई मतलब नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि-

कुछ लोग 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में वामपंथ की गलती का सवाल उठाते हैं। उस चुनाव में बिहार की जनता भाजपा के खिलाफ जनादेश दिया था। उसी से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन हमने देखा कि कुछ ही दिन में वे भाजपा के साथ जा मिले और आज बिहार में भाजपा की सत्ता चल रही है, जिसके सामने नीतीश कुमार ने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया है। 2015 का मोर्चा नकली मोर्चा था। नीतीश कुमार सत्ता के भूखे हैं। कभी जयप्रकाश तो कभी लोहिया का नाम लेते हैं, लेकिन भाजपा की गोद में सरेंडर कर गए हैं। ऐसा कोई मोर्चा नहीं बन सकता जिसमें लाल झंडा न शामिल हो। बिहार के मजदूर-किसान, अकलियत, मजदूर-किसान, छात्र-नौजवान इस मोर्चा का निर्माण करेंगे और भाजपा के साथ कदम-कदम पर लडे़ंगे।  

5 मई 2018 को महान विचारक कार्ल मार्क्स के जन्म के दो सौल पूरे होने के अवसर पर गांव-गांव कार्ल मार्क्स का जन्मदिन मनाया जाएगा। महासम्मेलन में खेग्रामस के महासचिव धीरेन्द्र झा, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, सीपीआईएम के राज्य सचिव अवधेश कुमार, एसयूसीआईसी के राज्य सचिव मंडल सदस्य सूर्यकर जितेन्द्र, आरएसपी के महेश नारायण सिंह, अखिल हिंद फारवर्ड ब्लाक के राज्य सचिव टीएन आजाद, केंद्रीय कमेटी के सदस्य मनोज मंजिल, आइसा के महासचिव संदीप सौरभ ने संबोधित किया। इसके साथ ही महासम्मेलन में रसोइया संघ, आशाकर्मी, इंसाफ मंच, आॅल इंडिया बेदारी कारवां, जमैतुल राइन, भीम आर्मी आदि संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।   




Tagjanadhikarsammelan patna gandhimaidanbihar cpiml dipankarbhatyacharya

Leave your comment