"भाजपा को चुनाव में हराना राष्ट्रीय कर्तव्य"

उत्तर प्रदेश , लखनऊ, बुधवार , 06-02-2019


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जनचौक ब्यूरो

लखनऊ। आरएसएस के निर्देशन में चल रही भाजपा की सरकार ने देश की सभ्यता और संस्कृति पर हमला किया है। यह ज्ञान विरोधी, विज्ञान विरोधी और तर्क विरोधी है। इसने संस्थाओं को नष्ट किया है और लोकतंत्र के लिए गहरा खतरा उत्पन्न कर दिया है। इस सरकार ने जनता और जनांदोलन में लगे हुए लोगों पर मजबूती से काले कानूनों को लगाया है और असहमति के अधिकार को कुचला है। इसलिए भाजपा को हराना राष्ट्रीय कर्तव्य है। इसके लिए पूरी ताकत से आने वाले लोकसभा चुनाव में उतरना है। यह बातें मंगलवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में स्वराज अभियान की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहीं। 

उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में जनता के आर्थिक सवाल आए हैं। देश के प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा जनता को राहत देने के लिए कुछ पैसा देने की बात हो रही है जो स्वागत योग्य है लेकिन इन दलों को जनता को बताना चाहिए कि इसके लिए धन कहां से आयेगा। उन्होंने कहा कि जैसे-तैसे किसानों के या आम गरीबों के खाते में कुछ पैसा डाल देने की जगह उस सम्पूर्ण पूंजी को खेती किसानी व ढांचागत विकास में लगायी जाती तो इससे किसानों समेत गरीबों का भला होता। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के साथ-साथ किसी गठबंधन व महागठबंधन का हिस्सा बनने की जगह हमें लोकसभा चुनाव में जनमुद्दों पर स्वतंत्र राजनीतिक अभियान चलाना चाहिए और उन सभी ताकतों को गोलबंद करना चाहिए जो इससे सहमत हों। बैठक की अध्यक्षता नसीम खाऩ व संचालन एसआर दारापुरी ने किया। 

बैठक में पांच राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए जिन्हें आगामी लोकसभा के चुनाव में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने का फैसला लिया गया। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि इन राजनीतिक प्रस्तावों पर भाजपा को हराने में लगे कांग्रेस समेत क्षेत्रीय दलों से भी उनका रूख स्पष्ट करने के लिए कहा जायेगा। 

देश में बढ़ रही आर्थिक असमानता पर पहला राजनीतिक प्रस्ताव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह ने रखा जिसमें कहा गया कि भारत के 9 अमीरों के पास देश की कुल सम्पत्ति का आधा हिस्सा है। देश में बढ़ रही आर्थिक असमानता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बैठक में इसे समाप्त करने और राष्ट्रीय संसाधनों व आम जनता की आमदनी बढ़ाने के लिए कारपोरेट पर सम्पत्ति कर, उत्तराधिकार कर जैसे करों को लगाने की जरूरत महसूस की गयी। प्रस्ताव में आय से अधिक सम्पत्ति अर्जन करने वाले मंत्रियों, अधिकारियों जैसे राज्य से गैरकानूनी ढ़ग से लाभ कमाने वाले लोगों की नामी-बेनामी सम्पत्ति जब्ज करने और इससे अर्जित धन को रोजगार सृजन, कृषि, शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च करने की मांग की गयी। 

बैठक में सुप्रसिद्ध दलित चिंतक आनंद तेलतुल्बड़े समेत मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा व सुधा भारद्वाज की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए असहमति के अधिकार की रक्षा व आफ्सा, राजद्रोह, यूएपीए, यूपीकोका जैसे काले कानूनों को समाप्त करने का प्रस्ताव पूर्व आईजी व जन मंच के संयोजक एसआर दारापुरी ने रखा। हाईकोर्ट के अधिवक्ता नितिन मिश्रा ने भाजपा सरकार द्वारा चुनाव बांड के जरिए राजनीतिक दलों को चुनावी चंदा देने के लिए वित्त विधेयक के जरिए किए संशोधन के विरूद्ध प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह व्यवस्था भ्रष्टाचार को संस्थाबद्ध करेगी और इससे पूरी राजनीतिक प्रणाली के लिए गहरा संकट खड़ा होगा। बैठक में इसे समाप्त करने और कम्पनियों से प्राप्त चंदे को भी सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की मांग की गयी। बैठक में वर्तमान चुनाव प्रणाली ‘जो सबसे आगे वहीं जीता‘ में बदलाव कर सामानुपातिक प्रणाली के जरिए संसद व विधानसभाओं में सीटों के आवंटन का प्रस्ताव सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल कृष्ण ने रखा। 

बैठक में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए रखे प्रस्ताव में कहा गया कि यह आरएसएस के कट्टर दृष्टिकोण पर आधारित भाजपा का प्रयास पूरे तौर पर देश और खासतौर पर उत्तर पूर्व की संरचना को बदलने वाला हिन्दुत्व की राह पर देश को ढकेलने वाला राष्ट्रदोही कदम है। इसे राज्यसभा में पेश न करने और तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग बैठक में की गयी। बैठक में 9 मार्च को लखनऊ में राफेल के भ्रष्टाचार व अन्य जन मुद्दों पर आयोजित हो रहे सम्मेलन को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। 








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