दलित-मुस्लिम के साथ अब होगी किसानों-मजदूरों की एकता की बात-जिग्नेश

गुजरात , अहमदाबाद, शुक्रवार , 19-01-2018


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कलीम सिद्दीकी

अहमदाबाद। गुजरात के नवनिर्वाचित विधायकों को 21 जनवरी को शपथ लेना है उसके बाद महीने के अंत में बजट सत्र भी आरंभ होना है। गुरुवार को जिग्नेश मेवानी ने अहमदाबाद के आम्बेडकर हाल में राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संवाद कार्यक्रम में दलित समाज की उपजातियों को एकत्र कर दलित एकता और संगठन विस्तार को लेकर चर्चा की। जिग्नेश मेवानी ने कहा कि डिजिटल इंडिया की बात करने वाले भारत में वह तकनीक कब लाएंगे ताकि दलित समाज के लोगों को गटर में उतरना न पड़े और मैला न उठाना पड़े। 

जिग्नेश मेवानी ने गुरुवार को ही हमारी आवाज़ और जमाते इस्लामी हिन्द के एक कार्यक्रम में कहा कि गुजरात में 7% ( दलित जनसंख्या) या 10% (अल्पसंख्यक जनसंख्या) की बात न होकर 17% की बात होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर दलित-मुस्लिम एकता हो उससे पहले गुजरात में यह एकता होनी ज़रूरी है। दलित-मुस्लिम एकता साथ बैठ कर चिकन बिरयानी खाने से नहीं आएगी। बल्कि सरकार के खिलाफ एक साथ संघर्ष करने से आएगी। वडगाम में मेरी जीत दलित मुस्लिम एकता का एक उदहारण है। वडगाम में मैं उन 250 महिलाओं का आभारी हूं जिन्होंने मेरी जीत के लिए रोज़ा रखा था। जिन्हें मैं जानता भी नहीं हूं। ऊना आन्दोलन से पहले पोटा के खिलाफ, दंगा पीड़ितों के लिए 2002 से लड़ता आया हूँ। जिस कारण मुस्लिम नौजवानों का ज़बर्दस्त रेस्पांस मिला। लोगों को लगा यह लड़ता है बोलता है विधानसभा में पहुंचकर जबर्दस्त लड़ेगा और मैं अपनी इस छवि को बनाये रखूंगा। जिग्नेश ने कहा कि वडगाम को मॉडल असेंबली बनाने के अलावा राज्य के सभी 33 जिलों से फेसबुक के माध्यम से जनता से समस्याएं लूंगा। कम से कम हर जिले की एक समस्या को मैं विधान सभा में रखूं इसकी कोशिश करूंगा।   

जिग्नेश ने आगे कहा कि इस चुनाव में बीजेपी का घमंड 150 से टूटकर 99 पर आ गया। जिसके चलते बीजेपी जीत का जश्न भी नहीं कर पा रही है। चुनावी परिणाम के बाद ठाकोर सेना ने राधनपुर में जीत celeberate किया। इसके अलावा दलित-मुस्लिम ने जश्न मनाया। 

जिग्नेश मेवानी ने कहा कि मैं केवल दलितों और मुस्लिमों की बात नहीं करूंगा मैं किसानों की भी बात करूंगा। क्योंकि दलित-मुस्लिम से भी अधिक इस देश का किसान पीड़ित है। जिग्नेश ने नए राजनैतिक विकल्प की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए दलित-मुस्लिम-आदिवासी और वंचित समाज को एक साथ आने को कहा। जिग्नेश के अनुसार कास्ट के साथ-साथ क्लास पॉलिटिक्स भी होनी चाहिए। मेवानी ने कहा कि आने वाले दिनों में हम लोग जयंती पंचाल (मजदूर पंचायत के नेता) के साथ मिलकर लेबर यूनियन को मज़बूत करेंगे। जिसकी आवश्यकता है। यदि लेबर यूनियन मज़बूत होती तो राजसमन्द में एक मजदूर को मुसलमान होने के कारण नहीं मारा गया होता। 2019 के चुनाव से पहले संघी मंदिर बनाने की बात करेंगे। हम लोग बेरोज़गारी को मुद्दा बनायेंगे।

मोदी जी से पूछेंगे 8 करोड़ युवाओं को रोज़गार देने का वादा किया था लेकिन आधा प्रतिशत यानी 4 लाख को भी रोज़गार नहीं दिया। हम लोग जल्द ही बेरोजगार युवाओं का एक प्लाटफ़ार्म लांच करेंगे। बेरोजगारों का पहला सम्मलेन बंगलुरू में होगा। उसके बाद लखनऊ, दिल्ली इत्यादि शहरों में होगा। मोदी जी को छोड़ेंगे नहीं उन्हें झूठे वादों पर जवाब देना ही होगा। जिग्नेश ने सुझाव दिया कि 50 दलित और 50 मुसलमान मिलकर अहमदाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन को घेरें। इससे दोनों समाजों की एकता भी बनेगी और मुद्दों का हल भी निकलेगा। यही तरीका पूरे देश में अपनाने की आवश्यकता है। 

सम्मलेन की मुख्य अतिथि डॉ. सुमैय्या शेख़ जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं ने अपने संबोधन में पूरे विश्व में फैलाये जा रहे इस्लामोफ़ोबिया से निपटने की ज़रूरत पर जोर दिया। शेख ने कहा कि शिक्षा ही मात्र साधन है। जिससे सभी समस्याओं से निपटा जा सकता है। यदि आप शिक्षा हासिल करने पर कटिबद्ध हैं तो पैसा शिक्षा हासिल करने में कभी रोड़ा नहीं बन पायेगा। मैंने मेडिकल की चार डिग्रियां हासिल की हैं और अभी स्वीडन से रिसर्च कर रही हूं। मैंने हमेशा सरकारी पैसे से तालीम हासिल की है। altnews के प्रतीक सिन्हा ने मुख्यधारा की मीडिया को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सोशल मीडिया ही नहीं मुख्यधारा की मीडिया भी फेक न्यूज़ फैला रही है। अब दंगों की ज़रूरत नहीं है। उससे अधिक नफरत सोशल और गोदी मीडिया फैला रहे हैं। 

हमारी आवाज़ के कौशर अली सैय्यद ने कहा हम लोग जमाते इस्लामी और इन्साफ के साथ मिलकर गुजरात के मुस्लिमों के 15 अहम समस्याओं पर रिसर्च कर रहे हैं। मुस्लिमों के 15 मुद्दे एक-एक कर जिग्नेश विधान सभा में उठाएंगे। जैसे अशांत धारा कानून, राज्य में अल्पसंख्यक मंत्रालय, सरकारी लोन, हाउसिंग स्कीम में अल्पसंख्यकों को आरक्षण इत्यादि वह मुद्दे हैं जिन्हें कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों ने भी नहीं छुआ। कार्यक्रम का संचालन कलीम सिद्दीकी ने किया कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने दलित मुस्लिम एकता के लिए साथ में संघर्ष करने पर सहमति दर्ज कराई। 










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Saddam hussain :: - 01-19-2018
Yadi dalitbhai or Muslim bhai ek platefrom pr aate h to ye desh jadya unnati karegaa..

Jyotindra Yadav. :: - 01-19-2018
Good going, come forward for social equallyti.