बीजद का विकल्प बीजेपी नहीं बन सकती- नवीन पटनायक

ओडिशा , , बृहस्पतिवार , 21-12-2017


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जनचौक ब्यूरो

 

भुवनेश्वर/ नई दिल्ली। गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में  मिली जीत के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद है। नए वर्ष यानी 2018 में ओडिशा समेत आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा चल रही है कि अब बीजेपी की विशेष नजर ओडिशा और कर्नाटक पर है। क्योंकि ओडिशा में नवीन पटनायक के नेतृत्व में बीजद की सरकार तो कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी नेतृत्व ओडिशा और कर्नाटक में चुनाव जीतने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। बीजेपी ने ओडिशा में बीजद सरकार के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

बीजेपी बीजद सरकार के 18 साल के कार्यकाल को नाकामी का कार्यकाल बताते हुए प्रदेश भर में तीन दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रही है। 20 दिसंबर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन जिला मुख्यालयों पर चल रहा है जो 22 दिसंबर को समाप्त होगा।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं ओडिशा में पार्टी के प्रभारी अरुण सिंह कहते हैं, ‘‘ राज्य में सरकारी सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं, दवा नहीं है, बेड पर धूल जमी पड़ी है, नालियां खुली हैं, जो बीमारियों को निमंत्रित कर रही हैं। स्कूल में अध्यापक नहीं हैं । राज्य में विकास के काम ठप पड़े हैं। मुख्यमंत्री नबीन पटनायक अपनी नाकामी छिपाने के लिए महानदी का मुद्दा उठा रहे हैं।’’  

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी ओडिशा में हर कीमत पर बीजद सरकार को परास्त करने के लिए रणनीति बना रही है। लेकिन बीजद नेता भाजपा के रणनीति को खारिज करते हैं। बीजद नेताओं का कहना है कि नबीन पटनायक के नेतृत्व में राज्य में विकास को नई गति मिली है। 

गुजरात और हिमाचल प्रदेश की जीत का ओडिशा की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ‘‘बीजेपी की चुनावी सफलता से बीजद की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी तो बीजद को छू भी न पाएगी। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं और फिर कह रहे हैं कि उनकी पार्टी बीजद किसी भी पल चुनाव को तैयार है।’’

मीडिया से बात करते हुए पटनायक ने कहा कि-

पांचवी बार भी ओडिशा में बीजू जनता दल को आने से कोई नहीं रोक सकता। सरकार ने जन कल्याण के इतने कार्य किए हैं कि राज्य की जनता को बीजद के विकल्प की आवश्यकता ही नहीं है। उन्हें बिलकुल भी नहीं लगता है कि गुजरात और हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने का असर ओडिशा में पड़ भी सकता है। पटनायक का कहना है कि वो किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार हैं। 

ओडिशा में चुनाव अभी दूर है लेकिन दोनों तरफ से इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। इसकी ताजा मिसाल राज्य में भारी पैमाने पर नौकरशाही के हुए तबादले हैं।  राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से आइएएस स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। इसके साथ ही ओडिशा विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अतिरिक्त खर्च मंजूरी का बिल पारित हो गया है। 9 हजार 828 करोड़ 56 लाख 66 हजार रुपये के इस अतिरिक्त खर्च मंजूरी बिल में आदिवासियों के विकास, शहर के विकास योजना, ग्रामीण एवं मेरा गांव मेरा विकास योजना के लिए विशेष राशि की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति काउंसिल के लिए भी विशेष राशि की व्यवस्था की गई है।  

राज्य में चुनाव की चर्चा के बीच ही मुख्यमंत्री ने कहा सरकारी बाबुओं के कामकाज की अब मार्किंग की जाएगी। यह मार्किंग उनके कार्य के आधार पर होगी। जो अच्छा काम करेंगे, उन्हें ग्रीन मार्क मिलेगा और जो आशानुरूप कार्य नहीं करेगा उन्हें रेड मार्क दिया जाएगा। जनसाधारण की समस्याओं का त्वरित समाधान करने वाले अधिकारियों को ग्रीन मार्क दिया जाएगा। राज्य सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यदि जरूरत पड़ी तो खुद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ग्रीन एवं रेड मार्क पाने वाले अधिकारियों को बुलाकर उनके साथ चर्चा करेंगे। ग्रीन कार्ड पाने वाले को साधुवाद देंगे और लाल कार्ड पाने वाले अधिकारी को अच्छा करने की सलाह देंगे।

जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया ग्रीवांस सेल बनाया है। अब आमलोग अपनी शिकायत सोशल मीडिया के जरिए कर सकेंगे। शिकायत मिलने 24 घंटे के अन्दर राज्य सरकार एवं प्रशासन समाधान का रास्ता निकालेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए शिकायत की सुनवाई होने पर सरकार एवं आम जनता का सीधे मत विनिमय होगा और इससे एक विश्वास का वातावरण बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था को किस तरह से संचालन करना है, इस संदर्भ अधिकारियों को अच्छी तरह से अवगत करा दिया गया है। इस अवसर पर सूचना मंत्री चन्द्र सारथी बेहेरा, मुख्य सचिव, विकास कमिश्नर एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी जिलाधीश एवं एसपी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। 










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