बिहार में कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है एक केंद्रीय मंत्री का बेटा

बिहार , नई दिल्ली, सोमवार , 26-03-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। सुशासन की कभी बात करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शासन तेजी से दंगा राज की तरफ बढ़ रहा है। ये एक ऐसा सूबा बन गया है जहां दंगों की आग में केंद्रीय मंत्री घी डालने का काम कर रहे हैं। और शासन चलाने वाले सूबे के आला लोग मौन साध लिए हैं। भागलपुर में हुआ दंगा इसकी ताजा नजीर है।

ये दंगा केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत के नेतृत्व में निकाले गए जुलूस के बाद भड़का था। जुलूस हिंदू नववर्ष के मौके पर शनिवार को निकाला गया था। इस मामले में अर्जित समेत 20 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गयी थी। भागलपुर सीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत अन्य नौ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। नाथनगर थाने की प्राथमिकी संख्या 176/18 में अर्जित नामजद आरोपी हैं। लेकिन पुलिस अभी तक अर्जित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

जबकि कल रामनवमी के मौके पर अर्जित तलवार के साथ जुलूस निकालते देखे गए। इस मौके पर भी पुलिस ने न तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और न ही कोई पूछताछ करने की कोशिश की।

इस पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कल चुटकी लेते हुए सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा।

एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि “केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का बेटा अर्जित चौबे की एक केस में तलाश है। भागलपुर में दंगा भड़काने के आरोप में नीतीश सरकार ने उसके गिरफ्तारी का वारंट निकाला है। लेकिन आज (रविवार) उसने रामनवमी के अवसर पर बीजेपी विधायकों के साथ तलवार और हथियार लेकर एक और जुलूस निकाला।” 

अपनी गिरफ्तारी के मसले पर अर्जित शाश्वत ने आज अपनी जुबान खोली है। एएनआई के हवाले से आई खबर के मुताबिक उन्होंने कहा है कि “अगर पुलिस मुझे गिरफ्तार करने आती है तो उसके कहे के मुताबिक मैं काम करूंगा। मैं अग्रिम जमानत का आवेदन देने जा रहा हूं।” 

अर्जित के इस बयान पर तेजस्वी ने फिर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि “ये शख्स एक बार फिर नीतीश कुमार को चुनौती दे रहा है। उसने नीतीश कुमार का मजाक बनाकर रख दिया है। जमीन पर कहां है कानून का शासन मिस्टर सीएम? कायर मत बनिए! दंगा भड़काने के एक केस में उसकी तलाश है। नीतीश सरकार के लिए ये शर्म की बात है...”

हालांकि केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे अपने बेटे को निर्दोष मानते हैं। उनका कहना है कि आयोजकों ने जिला प्रशासन से जुलूस के लिए इजाजत ली थी।

इस बीच भोजपुर के आरा में कल रात दो पत्रकारों की हत्या कर दी गयी। नवीन और उसका मित्र विजय सिंह मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तभी पीछे से आ रही एसयूवी गाड़ी उनको रौंदते हुए आगे बढ़ गयी। घटना नाहसी गांव के पास हुई। घटना के बाद नाराज गांव वालों ने गाड़ी को रोक लिया लेकिन उसमें सवार लोग भागने में सफल रहे। फिर गुस्साए लोगों ने गाड़ी में आग लगा दी।

नवीन के भाई राजेश ने एफआईआर में पूर्व पंचायत मुखिया पति अहमद अली उर्फ हर्षू और उसके बेटे डब्लू का नाम दर्ज कराया है। एसयूवी स्कॉर्पियो हर्षू की ही थी। फर्स्टपोस्ट के हवाले से आयी खबर में बताया गया है कि हर्षू और नवीन में बहुत दिनों से किसी बात को लेकर तनातनी चल रही थी। नवीन के भाई का कहना है कि घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच पान की दुकान पर झगड़ा हुआ था। जिसके बाद पूर्व मुखिया के पति ने इस कांड को अंजाम दिया।

घटना के बाद इलाके में रोष है। और लोगों ने आज आरा-सासाराम स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। इसके साथ ही टायर जलाकर अपना गुस्सा प्रकट किया। ये सभी लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

 






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