जिग्नेश ने सौंपा राहुल गांधी को 15 सूत्रीय मांग पत्र

गुजरात , , शनिवार , 04-11-2017


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कलीम सिद्दीकी

नवसारी / अहमदाबाद। शुक्रवार को राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवानी तथा अन्य दलित नेताओं के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाक़ात हुई। इस मुलाक़ात में मेवानी ने गुजरात में दलित समाज के साथ अन्याय और अत्याचार पर चर्चा की। मुलाक़ात से पहले मेवानी ने प्रेस वार्ता के द्वारा दलित समाज से जुड़े नीचे लिखे 17 मुद्दे मीडिया के सामने रखे:

1. ऊना के मोटा समधियाला गांव में बालू भाई सरवैय्या तथा अन्य चार युवकों के साथ गौ रक्षकों द्वारा किये गए अत्याचार के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने सरकारी नौकरी, 5-5 एकड़ ज़मीन, घर, प्लॉट, बीपीएल कार्ड सहित जो भी सहायता की थी एक भी वादा गुजरात सरकार ने पूरा नहीं किया। उस पर अमल किया जाए। दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत स्पेशल कोर्ट बनाकर तेज़ी से ट्रायल चलाया जाए।

2. गुजरात के सभी जिलों में एट्रोसिटी एक्ट के तहत स्पेशल कोर्ट बनाई जायें जिसमें मात्र दलित उत्पीड़न के ही केस देखे जाएं।

3. लैंड कचेहरी बनाकर एससी,एसटी/ओबीसी और तमाम भूमिहीन खेत मजदूरों को ज़मीन दी जाए। 

4. महसूल विभाग द्वारा पहले से आवंटित ज़मीन की सनद और उन पर भौतिक क़ब्ज़ा दिलाया जाए। 

5. सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार जिन सफाई कर्मचारियों की गटर में उतरने से मृत्यु हुई उन्हें मुआवजा दिया जाये। भविष्य में किसी को गटर में न उतरना पड़े उसके लिए ऐसी टेक्नोलॉजी की व्यवस्था की जाये। 

6. राज्य में आरक्षण लागू करने के लिए महज प्रस्ताव है उसके बदले रिजर्वेशन एक्ट बनाया जाये। 

7. एसी एसटी सब प्लान का दलित आदिवासी भाई बहनों को सीधा लाभ मिले ऐसा स्पेशल एक्ट बनाया जाये। 

8. हजारों दलित बेरोजगार हैं दूसरी तरफ सरकार में बैकलॉग की हजारों जगह खाली है। उन पर तत्काल भर्ती की जाये। शहरी दलितों में बेघर दलितों की एक बड़ी संख्या है ऐसे परिवारों को आवास दिया जाये। 

9. ऊना घटना के बाद राज्य में हुए आन्दोलन तथा प्रदर्शन के दौरान लगे पुलिस मुकदमों को वापस लिया जाए। 

10. राज्य में दलित अत्याचार के शिकार बने पीड़ितों को नियम के अनुसार ज़मीन दी जाये औए उनका पुनर्वास किया जाये। 

11. पूरे राज्य में मृत पशु के निकासी का काम दलित समाज ही करता है। यदि स्वेच्छा से कोई छोड़ना चाहे तो सरकार उसे स्वनिर्भर बनाने के लिए 5 एकड़ ज़मीन दे। विदेशों में उपयोग होने वाली टेक्नोलॉजी लाई जाये ताकि मृत पशु के निकासी का काम जाति विशेष के लोग ही न करें। 

12. राज्य में फिक्स्ड पे, कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम आउट सोर्सिंग प्रथा बंद हो। 

13. दलित समाज शिक्षण संस्थान बनाने के लिए गांधी नगर में 100 एकड़ ज़मीन दी जाये। दलित समाज को शैक्षणिक तथा अन्य सरकारी लाभ के लिए इनकम की सीमा को 6 लाख रुपये किया जाये। 

14. केंद्र सरकार की स्टार्ट अप योजना के अंतर्गत 50000 दलितों को स्टार्ट अप का लाभ मुहैया कराया जाये। 

15. थानगढ़ दलित हत्या काण्ड के आरोपी अभी तक पकड़े नहीं  जा सके हैं। उनकी गिरफ़्तारी हो और संजय प्रसाद समिति की रिपोर्ट को प्रकाशित की जाये। 

राहुल गांधी से मीटिंग के बाद जिग्नेश मेवानी ने बताया कि गुजरात की बीजेपी सरकार छुआछूत के तहत उनसे संवाद नहीं कर रही थी। जबकि राहुल गांधी ने उनसे मुलाक़ात कर गुजरात के दलितों का दर्द समझने की कोशिश की। मीटिंग सकारात्मक रही। वो 99% मांगों को मानने के लिए तैयार हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के सवाल पर जिग्नेश ने चुप्पी साध ली। 










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