राजस्थान में रिफाइनरी पर रार

राजस्थान , जयपुर/बाड़मेर, रविवार , 14-01-2018


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मदन कोथुनियां

जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान की पहली व देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी प्रदेश में वोट लेने की राजनीतिक रिफाइनरी बन गई है। बाड़मेर में तेल का दोहन शुरू होने की प्रक्रिया में लगने वाली रिफाइनरी हजारों बेरोजगार युवाओं के आशा की केंद्र बन गयी थी। लेकिन युवाओं का वो सपना अभी तक सपना ही बनकर रह गया। 

प्रदेश की दोनों प्रभुत्वशाली पार्टियों के लिए रिफाइनरी महज वोट हासिल करने का जरिया ही रही। और दोनों अब उस पर अपनी-अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही हैं। कांग्रेस के रास्ते पर चलते हुए सूबे की भाजपा सरकार ने एक बार फिर से रिफाइनरी का दोबारा उद्घाटन करने का फैसला किया है। जबकि हकीकत ये है कि पिछले 4 साल भाजपा सरकार ने बने हुए एमओयू को दोबारा बनाने व सिर्फ चिन्हित स्थान पर चारदीवारी खड़ी करने में निकाल दिए हैं। 

इस बीच बाड़मेर रिफाइनरी के शिलान्यास का श्रेय लेने के सवाल पर कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस ने कहा है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी 2013 में ही बाड़मेर में रिफाइनरी का शिलान्यास कर चुके हैं, फिर नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करके श्रेय लेने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जनवरी को राजस्थान के बाड़मेर में लगाई जाने वाली 90 लाख टन क्षमता की रिफाइनरी का शिलान्यास करने वाले हैं, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि ऐसा मोदी चुनाव को देखते हुए कर रहे हैं। 

गहलोत का सीधा हमला

राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत ने कहा है कि बीजेपी मोदी से रिफाइनरी का शिलान्यास करवा कर चुनावी फायदा लेना चाहती है। राज्य में 29 जनवरी को दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर चुनाव होने हैं। दरअसल वसुंधरा सरकार ने इस परियोजना को लटका दिया। अगर उसने वक्त पर इजाजत दी होती तो राज्य सरकार का 6000 करोड़ रुपया बचता।

बीजेपी का वार

उधर, गहलोत के इस जवाब में बीजेपी नेता और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 2013 में कांग्रेस का रिफाइनरी का शिलान्यास करना एक चुनावी स्टंट था। हमने यहां हिन्दुस्तान पेट्रोलियम से दोबारा सौदा कर रिफाइनरी लगाने का फैसला किया है और इससे हमने राजस्थान सरकार के 40,000 करोड़ रुपये बचाया है। 

इधर, राजस्थान बीजेपी ने कहा है कि वसुंधरा राजे सरकार ने बाड़मेर में 2004 में रिफाइनरी लगाने का प्रस्ताव किया था, लेकिन यूपीए सरकार ने इसे तवज्जो नहीं दी। बीजेपी के बाड़मेर जिला प्रभारी महेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि अगर यूपीए सरकार ने उस समय अनुमति दे दी होती तो यह एक साल पहले तैयार हो जाती। इससे पहले वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा था कि रिफाइनरी से बाड़मेर की तस्वीर बदल जाएगी और यहां लोगों को बड़ी तादाद में नौकरियां मिलेंगी। उन्होंने बाड़मेर के लोगों से कहा कि पीएम के शिलान्यास समारोह में इतनी बड़ी भीड़ जुटाओ कि सारे रिकार्ड टूट जाएं।

 

  • मोदी की सभा के लिए चुनौती बनी बेनीवाल की हुंकार रैली

 

इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से पहले राजस्थान के निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने शक्ति प्रदर्शन कर बीजेपी की नींद उड़ा दी है। 7 जनवरी को बाड़मेर में हुई हुंकार रैली में जुटी 5 लाख से अधिक की भीड़ रिफाइनरी के शिलान्यास सभा के लिए नई चुनौती बनी हुई है। कहा जा रहा है कि अगर पीएम की सभा में इससे कम भीड़ जुटी तो बीजेपी सरकार की बहुत किरकिरी होगी।

बेनीवाल ने बाड़मेर की हुंकार रैली को राजस्थान की सबसे बड़ी रैली होने का दावा करते हुए कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार में दम है तो इससे बड़ी रैली करके दिखाए। भाजपा और वसुंधरा सरकार ने प्रधानमंत्री की रैली में पांच लाख से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। गत 4 जनवरी को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पचपदरा का दौरा करके तैयारियों का जायजा लिया था। 

(मदन कोथुनियां पत्रकार हैं और आजकल जयपुर में रहते हैं।)

 






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????? ????? :: - 01-14-2018
शतप्रतिशत सटिक विश्लेषण कांग्रेस बीजेपी राजस्थान की जनता को बेवकूफ बनाने के लिए बारी बारी से झुमलेबाजी थोथी राजनीति कर रही है