संविधान बचाओ,देश बचाओ सम्मेलन में युवाओं का हुंकार

गुजरात , , शुक्रवार , 15-02-2019


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कलीम सिद्दीकी

अहमदाबाद/राजकोट। ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ सम्मेलन का पिछले एक सप्ताह से हिंदूवादी संगठनों द्वारा विरोध चल रहा था। राजकोट में कन्हैया कुमार के जो भी पोस्टर लगे थे, विरोध करने वालों ने उस पर कालिख पोत दी थी। एबीवीपी (ABVP) से जुड़े लोगों का कहना है कन्हैया कुमार देशद्रोही है, देशद्रोह का मुकदमा पाटीदार गुजराती नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ भी है। कालिख पोतने वालों ने भेदभाव करते हुए केवल कन्हैया कुमार के पोस्टर को ही निशाना बनाया है। जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल सहित सभी वक्ताओं ने इस घटना की निंदा की है।कन्हैया कुमार ने गुजराती भाषा में अपने संबोधन का आरंभ कर प्रधानमंत्री पर तीखे हमले किए।

कन्हैया ने कहा- “हमारे मुंह पर कालिख इसलिए पोता गया है क्योंकि हमारा मुंह साफ़ है। कालिख उन लोगों ने पोती है जिनका चेहरा भ्रष्टाचार की कालिख से पुता हुआ है। इनके चेहरे पर खून के धब्बे हैं, दलाली की कालिख है, 12000 किसानों की आत्महत्या का दाग है, इनके विचार भी काले हैं।”

कन्हैया ने आगे कहा-

“प्रधानमंत्री आप किसको अपना दुश्मन मान रहे हो एक विद्यार्थी को जिसकी मां आंगनवाड़ी में 3000 रुपये की नौकरी करती है। बाप किसान है और भाई सीआरपीएफ (CRPF) जवान था जो शहीद हो गया।” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, “देश का संविधान गंभीर संकट से गुजर रहा है। लुटेरों के हाथ संविधान खतरे में है उसे बचाने की आवश्यकता है। हम लोग जोड़ने की बात करते हैं। भारत के भूगोल पर बसने वाले सभी नागरिकों के अधिकार के लिए हम लोग नारे लगाते हैं।” अंत में कन्हैया ने आज़ादी के नारे भी लगाए।

दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने भी सीधे प्रधानमंत्री और अमित शाह के खिलाफ बैटिंग करते हुए कहा-

“अब गुजरात के लोग मोदी-शाह की जोड़ी से नहीं डरते हैं। यह लोग नकली राष्ट्रभक्त और नकली रामभक्त हैं। कोई 2 करोड़ नौकरी और 15 लाख की बात न करले इसलिए ‘चलो अयोध्या चलो कुंभ’ की बात करते हैं। 16 फ़रवरी, 2016 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी 25 करोड़ लोगों को उनका पैसा नहीं मिला जो चिटफण्ड कंपनियों के शिकार हुए हैं। सीबीआई राजनैतिक विरोधियों के यहां जाती है। लेकिन जय अमित शाह के घर नहीं जाती।”

हार्दिक पटेल ने कहा-

“मेरे ऊपर दो देशद्रोह का मुकदमा है क्योंकि मैं अमित शाह और मोदी का विरोधी हूं। मैं मोदी का जन्मजात विरोधी नहीं हूं। उनका विरोध इसलिए करता हूं क्योंकि उन्होंने वादे किए, सपने दिखाये जो टूट गए। 2 करोड़ रोज़गार का वादा किया था, कालाधन वापस लाने का वायदा किया था, सभी के खाते में 15 लाख देने को कहा था। दाऊद को भारत लाने वाले थे। कोई भी वादा पूरा नहीं किया। राजकोट सिटी को स्मार्ट बनाने को कहा था लेकिन तांत्रिक सिटी बना दिया इसलिए विरोधी हूं।”  

गोपाल एंटालिया पाटीदार आंदोलन से जुड़े हुए हैं। अंधविश्वास सहित कई सामाजिक मुद्दों पर काम करते हैं। बीजेपी की नीतियों से नाराज़ रहते हैं। विधान सभा में जाकर गृहमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा को जूता मारा था। जिस कारण काफी चर्चा में आ गये थे। एंटालिया ने कहा, “इस देश का 200 वर्षों तक क्रांति का इतिहास रहा है। समय-समय पर क्रांति हुई है। आज फिर क्रांति की जरुरत है क्योंकि संविधान खतरे में है। हमारा शिक्षामंत्री डाकू है, यहां शिक्षा में अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। नौ लाख परीक्षार्थी परीक्षा में बैठते हैं लेकिन घोटाला होने के कारण परीक्षा रद्द हो जाती है। बिना नौकरी वापस घर आ जाते हैं रोज़गार नहीं है। ठेकेदारी प्रथा के कारण शोषण और भ्रष्टाचार हो रहा है। ये लोग आम लोगों को मंदिर मस्जिद में उलझा कर कुदरती संसाधन को लूट रहे हैं। गौचर की ज़मीनें हड़प रहे हैं। इनका देशप्रेम यही है यह लोग चोर और भागीदार हैं।कार्यक्रम का आयोजन पूर्व कांग्रेसी नेता इंद्रनील राजगुरु ने किया था। इंद्रनील कुछ महीने पहले ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया है। एक प्रकार से यह कार्यक्रम इंद्रनील का शक्ति प्रदर्शन था। इंद्रनील ने साफ किया है वह बीजेपी में नहीं जायेंगे अब देखना यह है कि इंद्रनील फिर से कांग्रेस में शामिल होंगे या किसी और दल में। ऐसे में इंद्रनील क्या निर्णय लेते हैं यह गुजरात की राजनीती में दिलचस्प होगा।


 










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