इलाहाबाद में घटी हैवानी घटना,एक दलित छात्र की दरिंदों ने की पीट-पीट कर हत्या

ज़रा सोचिए... , इलाहाबाद, सोमवार , 12-02-2018


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जनचौक ब्यूरो

इलाहाबाद। इलाहाबाद में रूह कंपा देने वाली हैवानी घटना घटी है। यहां एक दलित छात्र की दरिंदों ने पत्थर और डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी है। ये बर्बर घटना शुक्रवार की शाम को शहर के लक्ष्मी टाकीज चौराहे पर हुई। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। और डीजीपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

अमर उजाला के स्थानीय संस्करण में छपी खबर के मुताबिक दिलीप सरोज कुंडा, प्रतापगढ़ का रहने वाला था। और शहर के ओम गायत्री नगर में रहकर लॉ की पढ़ाई कर रहा था। और इलाहाबाद डिग्री कालेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था। 

बताया जाता है कि दिलीप के किसी दोस्त ने नयी गाड़ी खरीदी थी। इसी की पार्टी करने के लिए वो शुक्रवार की शाम को अपने दो दोस्तों समीर और प्रकाश के साथ लक्ष्मी टाकीज के पास स्थित कलिका रेस्टोरेंट पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात में तकरीबन साढ़े नौ बजे के आस-पास दिलीप अपने दोस्तों के साथ रेस्टोंरेट में बैठा था कि तभी फार्च्यूनर गाड़ी से खाना खाने आये तीन लोगों से उसकी किसी बात को लेकर झड़प हो गयी। जिसके बाद मारपीट शुरू हो गयी।

इस बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने फोन करके अपने पांच-छह और साथियों को बुला लिया। फिर सभी ने मिलकर दिलीप को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। दरिंदे वहीं नहीं रुके। बेहोश होने के बाद उसे रेस्टोरेंट से खींचकर बाहर लाए। और फिर से डंडों और ईंट से उसकी पिटाई शुरू कर दी। ऐसा तब तक करते रहे जब तक कि वो कोमा में नहीं चला गया।

होटल के सीसीटीवी कैमरे में दरिंदों की पूरी करतूत कैद हो गयी है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि रेस्टोरेंट के बाहर भी बेसुध पड़े दिलीप पर पहले डंडे और फिर ईंट से हमला किया गया। एक हमलावर ने पहले उसके पैरों और फिर दूसरे ने ईंट से उसके सिर पर वार किया। बताया जा रहा है कि दहशत के चलते आस-पास का कोई भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस के मुताबिक दिलीप को बेहोशी की हालत में होटल के मालिक अमित उपाध्याय ने स्वरूपरानी अस्पताल पहुंचाया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद अगली सुबह दिलीप के भाई महेश सरोज इलाहाबाद पहुंचे। महेश रायबरेली स्थित जिला उद्योग केंद्र में जिला सांख्यिकीय अधिकारी हैं। दिलीप की हालत गंभीर बनी हुई थी। लिहाजा महेश ने उसे सिविल लाइंस स्थित शकुंतला अस्पताल में भर्ती करा दिया। लेकिन कोमा में जा चुके दिलीप को बचाया नहीं जा सका। और रविवार की सुबह उसकी मौत हो गयी।

 

मामले में इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों की तस्वीर कैद हो गयी है। इसके जरिये उनकी तलाश की जा रही है। इस बीच पुलिस ने मुख्य हमलावर को गिरफ्तार करने की बात कही है।

दिलीप के भाई महेश का कहना था कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। किसी तरह के किसी दूसरे विवाद से भी उन्होंने इंकार किया। उनका कहना था कि हमलावरों में से किसी को भी दिलीप नहीं जानता था।

मौत की खबर जैसे ही फैली छात्रों में तनाव फैल गया और बवाल की आशंका बढ़ गयी। रात भर शांत बैठी रही पुलिस ने आनन-फानन में गाजीपुर में तैनात टीटीई व रेस्टोरेंट के एक वेटर समेत चार लोगों चिन्हित किया और आसानी से मिल गए वेटर मुन्ना सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी टीटीई व उसके दो अज्ञात साथियों की तलाश की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में लापरवाही की बात सामने आने पर कटरा चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसवालों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी गई है। पीटकर छात्र की हत्या कर दिए जाने से छात्र संगठन भड़के हुए हैं। आइसा ने 12 तारीख को प्रदर्शन कर इसका विरोध करने का फैसला किया है। विपक्षी दलों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है।

देर शाम प्रेस कांफ्रेंस कर एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी गाजीपुर में तैनात टीटीई विजय शंकर सिंह है। जांच में पता चला है कि वह घटना वाली रात को किसी परिचित की फॉर्च्यूनर कार से अपने दो साथियों को लेकर कालिका रेस्टोरेंट में पहुंचा था। वहां किसी बात को लेकर विवाद के बाद तीनों ने दिलीप और उसके साथियों पर हमला बोल दिया था।







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