शाह को करना था आदिवासियों का सम्मान, अपमानित करके चले गए !

राजनीति , बस्तर, शनिवार , 06-10-2018


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तामेश्वर सिन्हा

कांकेर (बस्तर)। छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव को देखते हुए आदिवासियों को पटाने में जुटी बीजेपी का दांव उल्टा पड़ गया और उसे लेने के देने पड़ गए। ये वाकया किसी और की मौजूदगी और रवैये के चलते नहीं बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चलते हुआ। 

पार्टी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लाक में आगामी चुनाव के मद्देनजर आदिवासियों को रिझाने के लिए आदिवासी सम्मेलन और बोनस तिहार कार्यक्रम का आयोजन किया था। जिसमे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ तमाम बीजेपी नेताओं ने भाग लिया।

इस सम्मेलन के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ भोजन कर चर्चा करने वाले थे! लेकिन समाज प्रमुखों को यह मालूम होना चाहिए था कि बस्तर का पारम्परिक बस्तरिया मुकुट पहन लेने भर से कोई आदिवासी हितैषी नहीं हो जाता है? इधर स्थानीय रेस्ट हाउस में समाज का प्रतिनिधि मंडल अमित शाह के साथ भोजन का इन्तजार करता रहा और उधर अमित शाह बिना समाज प्रमुखों से मिले हेलिकॉप्टर में बैठ कर फुर्र हो गए। इस घटना से आदिवासी समाज खुद को अपमानित महसूस कर रहा है। बीजेपी द्वारा आयोजित आदिवासियों के इस सम्मेलन में आदिवासी ही उपेक्षित हो गए।

अपमान और दुत्कार का ये मामला यहीं तक सीमित नहीं था। इसके पहले जिन आदिवासियों के नाम पर पूरा सम्मेलन आयोजित किया गया था उसके मंच पर ही उन्हें जगह नहीं मिली। आदिवासी समाज का कहना है कि आदिवासियों के नाम पर रखे गए इस सम्मेलन में आदिवासी समाज प्रमुखों को ही मंच में जगह नहीं दी गयी। जगह उनको मिली जो पहले से बीजेपी में शामिल हैं। पार्टी के इस रवैये को लेकर आदिवासियों में बहुत नाराजगी है। आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि उन्हें निमन्त्रण देकर इस सम्मेलन में बुलाया गया था वो खुद से नहीं आए हैं जो उनको बेइज्जत किया जा रहा है।

नरहरपुर के आदिवासी युवा सुखमन सलाम ने बताया कि आदिवासी सम्मेलन होता, तो वे हमारे सभा में आते, ना कि हम उनके सभा में? बेमतलब के भाजपा के अपने अटल विकास यात्रा की सभा को आदिवासी सम्मेलन का नाम दिया  गया था ताकि लगे की आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार कोई उपेक्षा नहीं कर रही है। ये कैसा सम्मेलन है जिसके बारे में आदिवासियों को पता तक नहीं है कि उनका कोई सम्मेलन भी हो रहा है।

 








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Munna :: - 10-06-2018
Aur karo sabha aur bhugto