नरेंद्र मोदी शासन : पांच साल- पंद्रह हत्याएं

विशेष , नई दिल्ली, सोमवार , 01-04-2019


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जनचौक ब्यूरो

जब देश में गुजरात मॉडल लागू करने की पूरी कोशिश की जा रही हो तो ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि इस मॉडल को दामन खून से न रंगे जाएं। आइए देखते हैं गुजरात मॉडल के पांच सालों में हुई पंद्रह ऐसी हत्याएं, जिन्होंने देश को तो शर्मिंदा किया ही, दुनिया भर के लोगों ने इन हत्याओं पर हम सभी पर उंगली उठाई। 

रोहित वेमुला।

1- रोहित वेमुला 

तारीख: 17 जनवरी, 2016 

नरेंद्र मोदी की सरकार में हुई रोहित वेमुला की आत्महत्या दरअसल सांस्थानिक हत्या है, इसलिए इसे नरेंद्र मोदी की सरकार में हुई हत्याओं में नंबर एक पर रखा जा रहा है। रोहित वेमुला हैदराबाद यूनवर्सिटी के छात्र थे जिनका यूनीवर्सिटी के ही लोगों ने इतना शोषण किया कि वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए। रोहित वेमुला की आत्महत्या ने पूरे देश की यूनवर्सिटियों को उबाल दिया। जगह जगह छात्र धरने पर बैठ गए और रोहित वेमुला की आत्महत्या के दोषियों को सजा देने की मांग करने लगे। वहीं मानव संसाधन मंत्रालय के इतिहास की सबसे विवादित मंत्री रहीं स्मृति ईरानी ने अपने जीवन का सबसे विवादित रोल तब संसद में निभाया, जिसके बाद तो रोहित वेमुला प्रकरण ने पूरी छात्र राजनीति की दशा दिशा ही बदल दी। रोहित वेमुला प्रकरण में सीधे सीधे बीजेपी नेता रामचंद्र राव, बंडारू दत्तात्रेय और तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृमि ईरानी का हाथ अभी भी माना जाता है। मरने के लिए वेमुला ने ‘आसा’  यानी कि अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन का बैनर फांसी का फंदा बनाया। अपने सुसाइड नोट में एक जगह रोहित वेमुला ने लिखा था- मेरे लिए आंसू न बहाए जाएं। आप जान जाएं कि मैं जीने से ज़्यादा मरकर ख़ुश हूं।

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गौरी लंकेश।

2- गौरी लंकेश 

तारीख: 5 सितंबर 2017 

मशहूर पत्रकार और लेखिका गौरी लंकेश की भी नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान हिंदू आतंकवादी संगठनों ने मिलकर हत्या कर दी। गौरी जब बंगलौर के राज राजेश्वरी नगर में अपने घर का दरवाजा खोल रही थीं तो बाइक सवार हमलावरों ने उनके सीने पर दो और सिर पर एक गोली मारी। इस हमले में उनपर कुल चार फायर किए गए। इस हत्या से तो समूची दुनिया हक्की बक्की रह गई थी। देश का शायद ही ऐसा कोई शहर बचा हो, जहां लोगों ने गौरी लंकेश को श्रंद्धांजलि नहीं दी और हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग नहीं की। बहरहाल, पुलिस को हत्या के दस महीने बाद जाकर हत्यारा कर्नाटक के विजयपुरा जिले में मिला। पुलिस का दावा है कि परशुराम वाघमारे ने गौरी लंकेश की हत्या की। पूछताछ में वाघमारे ने बताया कि उसे नहीं पता था कि वह किसे मार रहा था, लेकिन हिंदू धर्म की गौरी से रक्षा करने के लिए उसने गौरी की हत्या की। बहरहाल, गौरी लंकेश, गोविंद पानसरे, डॉ नरेंद्र दाभोलकर और एमएम कलबुर्गी के हत्यारे श्रीराम सेने और सनातन संस्था से जुड़े हुए हैं। ये वही संगठन हैं जिनको नरेंद्र मोदी शुभकामना संदेश भेजते हैं।

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जज लोया।

3- जज लोया 

तारीख: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार 1 दिसंबर 2014 को सुबह 6:15 बजे प्राण निकले

खुलासा: 19 नवंबर, 2017

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जस्टिस बृजगोपाल हरिकिशन लोया की संदिग्ध मौत का मामला भी नरेंद्र मोदी की ही सरकार में सामने आया। एक जज की हत्या के आरोप ने पूरी नरेंद्र मोदी की सरकार को न सिर्फ हिलाकर रख दिया, बल्कि अभी भी परेशान किए हुए है। सोहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर केस में जज लोया को पहले तो बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस मोहित शाह जो कि उस वक्त पद पर थे, उन्होंने सौ करोड़ रुपये की रिश्वत ऑफर की। इसके पीछे उनका इस फेक एनकाउंटर केस में फंसे अमित शाह को बरी कराने का मकसद थ। लेकिन जज लोया नहीं माने। उन्होंने रिश्वत से इन्कार कर दिया। इसके बाद फिर अमित शाह ने खुद ही अपना फैसला ड्राफ्ट करके जज लोया तक पहुंचाया, लेकिन जज लोया ने उसपर साइन नहीं किए। इसके बाद जज लोया को मुंबई से नागपुर शादी के बहाने ले जाया गया, लेकिन सरकारी चिट्ठियों से पता चलता है कि वे सरकारी काम से नागपुर गए थे। आरोप है कि वहां रवि भवन में उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद इस मामले में लोकल पुलिस से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने जमकर लीपापोती की। आज तक पूरा देश जज लोया की संदिग्ध मौत की इन्क्वायरी की मांग और इंतजार दोनों कर रहा है। लोगों को पूरा शक है कि ये इन हत्याओं का लिंक कहीं न कहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से है। 

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4- गोविंद पानसरे 

तारीख: 16 फरवरी 2015

नंबर चार पर है कामरेड गोविंद पानसरे की हत्या। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में सीपीआई के काफी सीनियर नेता कामरेड गोविंद पानसरे सुबह अपनी पत्नी के साथ सागर मॉल के इलाके में टहलने निकले थे।  तभी कुछ बाइक सवारों ने उनपर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमले में गंभीर रूप से घायल कामरेड पानसरे को मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया जहां चार दिन बाद उनकी मौत हो गई। कॉमरेड पानसरे की पत्नी उमा पानसरे को भी इस हमले में सिर में गोली लगी, लेकिन डॉक्टरों ने काफी कोशिश करके उनकी जान बचा ली।  पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया और दोनों ही लोग जिनके नाम भरत कुरणे और वासुदेव सूर्यवंशी है, दोनों में से एक गौरी लंकेश की हत्या में भी तो तो एक डॉ नरेंद्र दाभोलकर की हत्या करने में भी था। ये उसी सनातन संस्था के आतंकवादी हैं जिन्हें नरेंद्र मोदी शुभकामनाएं भेजते हैं। 

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5- जुनैद हत्याकांड

तारीख: 22 जून 2018

जुनैद हत्याकांड नंबर पांच पर है। पिछले साल 22 जून को हरियाणा के बल्लभगढ़ में रहने वाले 16 साल के जुनैद की हिंदूवादी धड़ों से जुड़े लोगों ने ट्रेन में चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। जुनैद दिल्ली से ईद की खरीदारी करके वापस बल्लभगढ़ अपने घर जा रहा था। मामूली धक्का मुक्की के बाद रमेश कुमार, रामेश्वर दास, प्रदीप, गौरव सहित उनके साथियों ने कहना शुरू कर दिया कि तुम मुसलमान हो, देशद्रोही हो, तुम पाकिस्तानी हो, मांस-मीट खाते हो. यह सब कहते कहते इन लोगों ने जुनैद की पिटाई शुरू कर दी और फिर चलती ट्रेन में चाकू से गोदकर मार डाला। फरीदाबाद के असोटी स्टेशन के पास जुनैद को ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। अभी इस मामले के कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और पुलिस इस खुलासे की जुगत में लगी है कि जुनैद का परिवार कैसे जुनैद की हत्या के ऐवज में रुपये और जमीन की डीलिंग उनसे कर रहा है, जिन्होंने जुनैद की चाकुओं से गोदकर हत्या की।

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कलबुर्गी।

6- एमएम कलबुर्गी 

तारीख: 30 अगस्त, 2015

नंबर छह पर है एमएम कलबुर्गी की हत्या। 2006 में साहित्य अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित हम्पी यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर कलबुर्गी की 2015 में कर्नाटक के धारवाड़ में हत्या कर दी गई थी. इसके बाद एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया कि कलबुर्गी की हत्या के पीछे दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के एक संगठन का हाथ है। अब हम इस संगठन का नाम भी जानते हैं। इस संगठन का नाम सनातन संस्था है और यह एक घोषित हिंदू आतंकवादी संस्था है। नरेंद्र मोदी लंबे समय से इस संस्था में आते जाते रहे हैं और चिट्ठी पत्री करते रहे हैं। इतना ही नहीं, हिंदू आतंकियों के इस दुर्दांत संगठन ने देश भर में घूम घूमकर और भी कई लेखकों और पत्रकारों की हत्या की है जिनमें पूना के सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभेलकर और पत्रकार गौरी लंकेश भी शामिल हैं। इसके बावजूद सनातन संस्था के लोग महाराष्ट्र और गोवा में खुलेआम न सिर्फ घूम रहे हैं बल्कि बीजेपी के नेताओं के साथ मंच भी शेयर कर रहे हैं।

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7- पत्रकार अक्षय सिंह कांड

तारीख: 4 जुलाई, 2015

नंबर सात पर है पत्रकार अक्षय सिंह की हत्या। बीजेपी के कुख्यात व्यापम घोटाले में बीजेपी के घोटाले बाजों ने चैनल आज तक के रिपोर्टर अक्षय सिंह की भी हत्या कर दी। अक्षय सिंह की हत्या तब की गई, जब वे मध्य प्रदेश में हुए व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी कि व्यापम घोटाले में एक छात्रा की संदिग्ध मौत पर जानकारी लेने उसके घर पहुंचे थे। वहां बीजेपी के लोगों ने उन्हें जहर देकर मार डाला। इतना ही नहीं, बीजेपी के लोगों ने यह जमकर प्रचार किया कि पत्रकार अक्षय सिंह की मौत बीमारी के चलते हुए, लेकिन अक्षय सिंह की हत्या के चश्मदीदों ने बताया है कि उनकी मौत से पहले उनके मुंह से झाग निकल रहा था। आपको बता दें कि बीजेपी के इस व्यापम घोटाले में अब तक कुल 40 लोगों की हत्या की जा चुकी है। इस मामले में बीजेपी का एक मंत्री भी जेल में बंद है।

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शंभू रैगर।

8- अफराजुल हक कांड

तारीख: 7 दिसंबर, 2017

नंबर आठ पर है शंभू रैगर। राजस्थान के राजसमंद जिले में शंभू रैगर ने एक बंगाली मुस्लिम मजदूर की गैती से काटकर हत्या की है। मोदी का परम भक्त शंभु रैगर हत्या के दौरान इसका फेसबुक लाइव भी करता रहा। उसके फेसबुक लाइव को लाखों लोगों ने शेयर किया। बीजेपी का बगलबच्चा बन चुके फेसबुक ने उस बेहद वीभत्स और हिंसक वीडियो को तब तक नहीं हटाया, जब तक कि देश भर में उसकी आलोचना नहीं होने लगी। फेसबुक ने इस तरह से शंभू रैगर की इस हैवानियत का समर्थन किया। बाद में शंभु रैगर के लिए पुलिस ने कहानी बनाई कि ऐसा उसने अवैध संबंधों को छुपाने के लिए किया, लेकिन पुलिस की बात पर किसी ने यकीन नहीं किया। इसका सबूत है कि शिवसेना, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और खुद बीजेपी से जुड़े लोगों ने शंभू रैगर की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान में जगह जगह ऐसी झांकी निकाली, जिसमें शंभू रैगर को भगवान बनाया गया था।

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9- सोनभद्र स्वयं सेवक कांड

तारीख: 21 मार्च 2019

इसी होली में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों ने एक मुसलमान को कुल्हाड़ी से काट डाला, जो कि नवें नंबर पर है। 

होलिका दहन की रात जब पूरा देश होली की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था तभी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक स्वयंसेवक ने एक मुसलमान की हत्या कुल्हाड़ी से काटकर कर दी। सोनभद्र के ओबरा थाना के परसोई गांव में 20 मार्च को ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से इबादत करके लौटे 60 साल के मोहम्मद अनवर अभी ठीक से अपने परिवार से मिल भी नहीं पाए थे कि रात को बीस लोगों ने मिलकर इन्हें मार डाला। मृतक के परिजनों ने रवींद्र खरवार और उसके साथियों के ऊपर अनवर की हत्या का अररोप लगाया है. रवींद्र खरवार वहीं गांव में संघ की शाखा चलाता है और शाखा के लिए ही उसने अनवर की जमीन पर कब्जा कर लिया था। जब अनवर ने विरोध किया तो संघ के स्वयं सेवक रवींद्र खरवार ने संघ के बीस स्वयंसेवकों के साथ मिलकर अनवर की हत्या कर दी।

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10- तमिलनाडु स्नाइपर कांड 

तारीख: 22 मई, 2018 

नंबर दस पर है तमिलनाडु में हुआ स्नाइपर गोलीकांड। तूतीकोरिन में वेदांता स्टारलाइट का विरोध करते मजदूरों पर तमिलनाडु की एआईएडीएमके की सरकार ने स्नाइपर्स से गोली चलवाई। स्नाइपर्स शार्प शूटर होते हैं जो लंबी दूरी तक वार करने वाली राइफल से लोगों को निशाना बनाते हैं। इनका प्रयोग सिविल इलाकों में तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि दुश्मन देश हमला न कर दे। तमिलनाडु पुलिस ने वहां मौजूद 15 हजार लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की और 13 लोगों को स्नाइपर्स ने चुन चुनकर मारा। जिस वेदांता स्टारलाइट के लिए सरकार ने गोली चलवाई, बीजेपी उसी से चंदा भी लेती है। बीजेपी को वेदांता 19 करोड़ रुपये चुनावी चंदा दे चुका है। बहरहाल, इस मामले में 13 मजदूरों की हत्या करने वाले लगभग सभी लोग बरी हो गए। 2019 यानी अब के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का इसी एआईएडीएमके से ही तमिलनाडु में गठबंधन है। 

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11- मंदसौर कांड 

तारीख: 6 जून 2017 

नंबर 11 पर है मंदसौर गोलीकांड। जून की तपती दुपहरी में मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान उबल रहे थे। किसानों की मांग थी कि उन्हें फसल का सही दाम मिले। इन किसानों पर बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान ने गोली चलवा दी। इस गोलीकांड में छह किसान मारे गए। फसल का दाम मांगते छह किसानों की एक साथ हुई सरकारी हत्या पर पूरा देश स्तब्ध रह गया। इसके बाद किसानों ने ऐतिहासिक नासिक मार्च, मुंबई मार्च और दिल्ली मार्च किया। बीजेपी सरकार किसानों को लेकर कितनी संवेदनशील है, इसका पता इस बात से चल जाता है कि मंदसौर गोलीकांड में पहले तो प्रशासन ने कहा कि उसे पता ही नहीं कि गोली किसने चलाई। मामले पर बैठी जांच कमेटी ने बीजेपी सरकार को रिपोर्ट दी कि भीड़ को तितर बितर करने के लिए उसपर गोली चलानी जरूरी थी और यह उस वक्त की जरूरत थी। 

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12- पत्रकार चिराग पटेल 

तारीख: 15 मार्च, 2019

अहमदाबाद में टीवी पत्रकार चिराग पटेल की भी हत्या का मामला इसी महीने यानी कि मार्च 2019 में सामने आया है। पत्रकार चिराग पटेल लगातार गुजरात सरकार की नाकामियों को उजागर कर रहे थे। चिराग पटेल टीवी नाइन के गुजराती चैनल में काम करते थे। उनकी जली हुई लाश अहमदाबाद के कठवाड़ा नहर के पास मिली थी। चिराग के परिवार वालों ने 15 मार्च को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चिराग की लाश मिलने के बाद गुजरात का पूरा प्रशासन मिलकर उनकी हत्या को हादसा बताने पर तुल गया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि यह एक हत्या है। बताया जा रहा है कि अहमदाबाद में बीजेपी के कई नेता और कई सरकारी अधिकारी चिराग के काम से परेशान थे और लगातार असहज महसूस कर रहे थे। 

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अखलाक।

13- अखलाक हत्याकांड 

तारीख: 28 सितंबर, 2015

नंबर तेरह पर है नोएडा के दादरी में हुआ अखलाक हत्याकांड। घर में गोमांस रखने का बहाना बनाकर कट्टर हिंदूवादी दलों से जुड़े लोगों ने अखलाक की घर में घुसकर हत्या कर दी। इस हत्या से गोरक्षकों की गुंडागर्दी और हैवानियत ने एक झटके में पूरे देश चिंता में डाल दिया। गोमांस के महज शक की बिना पर आतंकवादी बनकर गोरक्षकों ने 52 साल के अखलाक को पीट पीटकर मार डाला। इस घटना ने पूरे देश का सिर शर्म से झुका दिया। अब मामले को साढ़े तीन साल से अधिक हो चुके हैं और अखलाक का परिवार अभी भी न्याय का इंतजार कर रहा है। इस बीच अखलाक के परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां वही हिंदूवादी संगठन दे रहे हैं, जिन्होंने अखलाक की हत्या की थी। 

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सुबोध कुमार।

14 - इंस्पेक्टर सुबोध कुमार 

तारीख: 3 दिसंबर, 2018

यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या नंबर चौहद पर है। बुलंदशहर में कट्टर हिंदुत्ववादी हत्यारों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पिछले साल 3 दिसंबर को बुलंदशहर में गौकशी के बाद बीजेपी के सहयोगी बजरंग दल के नेता योगेश राज ने दंगा भड़का दिया और जगह जगह आगजनी कराने लगा। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह जब मामले को रोकने गए तो उनकी भी हत्या कर दी गई। तीन दिसंबर को हुई इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से उत्तर प्रदेश पुलिस घटना के मुख्य आरोपी योगेश राज को लगातार क्लीन चिट देने की कोशिश में लगी है। आपको बता दें कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने दादरी में हुए अखलाक हत्याकांड की भी जांच की थी। शहीद इंस्पेक्टर सुबोध परिजनों ने उनकी हत्या के पीछे अखलाक हत्याकांड को भी एक कारण माना है। 

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गोपीनाथ मुंडे।

15- गोपीनाथ मुंडे 

तारीख: 3 जून, 2014

नंबर पंद्रह पर है बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की रहस्यमय मौत। इसी साल यानी 2019 की शुरुआत में साइबर एक्सपर्ट सैयद शुजा ने खुलासा किया कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की हत्या कराई गई थी। हत्या का कारण यह रहा कि 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने जो ईवीएम की हैकिंग कराई, उसकी पूरी जानकारी गोपीनाथ मुंडे को थी। कोई था जो नहीं चाहता था कि 2014 के चुनावों का राज खुले। वहीं गोपीनाथ मुंडे के परिजनों को भी अभी भी यही लगता है कि उनकी मौत किसी कार हादसे में नहीं हुई बल्कि ये प्लान बनाकर की गई हत्या थी। मामला सामने आने पर मुंडे की पुत्री और चिक्की घोटाला कर चुकीं पंकजा मुंडे ने तो अपने पिता की मौत पर कोई शक जाहिर नहीं किया, लेकिन मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे ने मामले की जांच रॉ या सुप्रीम कोर्ट के जज से कराने की मांग की। धनंजय मुंडे ने कहा कि गोपीनाथ मुंडे से प्रेम करने वालों ने उनकी मौत पर हमेशा सवाल उठाया है. आपको बता दें कि लंदन में सैयद शुजा ने यह भी खुलासा किया कि मुंडे की मौत की जांच कर रहे एनआईए अधिकारी तंजील अहमद इस बात का पता लगने के बाद हत्या का मामला दर्ज करने की योजना बना रहे थे, लेकिन खुद उन्हीं की हत्या हो गई. 

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Samnath Kashyap piplawand :: - 04-01-2019
ऐसे कही छोटे तबके के लोगो का तो पता नही चलता, जो ऐसी घटनाओ का सामाना कर लिए है ।धन्यवाद सर