एएमयू हिंसा पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने तोड़ी चुप्पी, पूछा- गेस्ट हाउस तक कैसे पहुंचे उपद्रवी?

मुद्दा , , रविवार , 13-05-2018


amusu-aligarhmuslimuniversity-mhamidanasari-vicepresidentofindia

जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। पूर्व उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हुए बवाल और हिंसा पर चुप्पी तोड़ते हुए सवाल उठाया है। 2 मई 2018 को विश्वविद्यालय में अंसारी के पहुंचने और बवाल शुरू होने का समय लगभग एक ही था। छात्रसंघ और विश्वविद्यालय के छात्र इस हिंसा को लेकर सवाल उठा चुके हैं। छात्रसंघ ने पहले ही कहा था कि जान बूझकर हिंसा को प्रायोजित किया गया। अराजक तत्वों ने परिसर में उपद्रव का समय वही रखा जब हामिद अंसारी विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद थे।

मोहम्मद हामिद अंसारी ने शनिवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एएमयू छात्रों की चिंताओं और आशंकाओं की पुष्टि की है। अंसारी ने विश्वविद्यालय गेस्टहाउस के पास ‘‘घुसपैठियों’’ और ‘‘समाज विरोधी तत्वों’’ के पहुंचने और ‘‘व्यवधान’’ उत्पन्न करने पर सवाल उठाया है, जहां वह ठहरे हुए थे। 

एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी को शनिवार को लिखे एक पत्र में, पूर्व उप राष्ट्रपति ने सवाल उठाया है कि ‘‘विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस जहां वे ठहरे हुए थे वहां तक उपद्रवी कैसे पहुंचे? जबकि जिला प्रशासन को उनके प्रवास के बारे में आधिकारिक सूचना दी गई थी।’’ परिसर में हिंसा करने वालों के विरोध का उन्होंने समर्थन किया है। 

2 मई दोपहर को हिंदू युवा वाहिनी के लगभग दो दर्जन सदस्य विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार से जबरन एएमयू परिसर में घुस आए। गेस्ट हाउस जहां हामिद अंसारी ठहरे थे, मुख्य द्वार के ही नजदीक है। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता गेस्ट हाउस के पास सांप्रदायिक और उत्तेजक नारे लगाने लगे। इस दौरान उनका सुरक्षा कर्मचारियों और एएमयू के छात्रों के साथ संघर्ष हुआ। पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी छात्रसंघ की मानद आजीवन सदस्यता पाने पर छात्रसंघ के एक कार्यक्रम को संबोधित करने वहां गए थे।

घटना के बाद सैकड़ों छात्र स्थानीय पुलिस स्टेशन की तरफ मार्च किए। उनकी मांग थी कि हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों पर कार्रवाई हो। छात्र पूरी घटना की न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें दर्जनों छात्र घायल हो गए। हामिद अंसारी ने न्यायिक जांच की मांग का भी समर्थन किया है।

मोहम्मद हामिद अंसारी का एएमयू छात्रसंघ और छात्रों को लिखा गया पत्र-

मैं अलीगढ़ छात्रसंघ और उसके पदाधिकारियों को धन्यवाद देता हूं कि वे मुझे छात्रसंघ का मानद आजीवन सदस्यता प्रदान करने और बुधवार 2 मई, 2018 की शाम को पुरस्कार समारोह को आयोजित करने निर्णय किया था। हालांकि, उस दिन दोपहर को असामाजिक तत्वों के उपद्रव के कारण कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। एएमयू के छात्रों और शिक्षकों के अलावा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने दुनिया भर में इसकी निंदा की है।व्यवधान, इसका सटीक समय,और इसे न्यायसंगत बनाने के लिए दिए जाने वाले तर्कों से कई सवाल उठते हैं?

कार्यक्रम के दिन केनेडी ऑडिटोरियम (गेस्ट हाउस)  में मेरे होने की सूचना सार्वजनिक थी। संबंधित अधिकारियों को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया था और ऐसे अवसरों के लिए सुरक्षा सहित मानक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त थी। इस तरह उपद्रवी विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस तक कैसे पहुंचने में सफल हुए, यह अभी तक अस्पष्ट है। 

इस घटना के खिलाफ छात्रों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध सराहनीय है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह किसी भी तरह से अपने अकादमिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करता है। उपद्रवियों के खिलाफ न्यायिक जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई की छात्रों की मांग उचित है। एएमयू के अधिकारियों ने भी यही अनुरोध किया है।

                                                                                                                                                                                       शुभकामना सहित

                                                                                                                                                                                                 सादर

                                                                                                                                                                                          मोहम्मद हामिद अंसारी

 

 

 

 


 






Leave your comment