पूर्व सैनिकों ने भी उठायी भीड़ हत्या के खिलाफ आवाज, लिखा पीएम को पत्र

ज़रा सोचिए... , नई दिल्ली, सोमवार , 31-07-2017


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जनचौक ब्यूरो

(देश में अल्पसंख्यकों और दलितों पर होने वाले हमलों और लगातार होने वाली भीड़ हत्या की घटनाओं ने समाज के प्रबुद्ध और संवेदनशील तबके को भीतर से हिला दिया है। इन घटनाओं से आहत देश की सीमाओं पर एक दौर में राष्ट्र की रक्षा कर चुके सेना के अफसरों और जवानों ने अपनी पीड़ा को सार्वजनिक तौर पर जाहिर करने का फैसला किया है। इसके तहत ऐसे तकरीबन 114 लोगों ने देश के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र प्रशासित क्षेत्र के लेफ्टिनेंट गवर्नरों को सामूहिक तौर पर एक स्व हस्ताक्षरित खत लिखा है-संपादक) 

प्रति, 

   प्रधानमंत्री, भारत सरकार, राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर

30 जुलाई, 2017

हम भारतीय सैन्य बल के वरिष्ठों के एक समूह हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सुरक्षा में लगा दिया। सामूहिक तौर पर हमारा समूह किसी भी एक दल से संबंध नहीं रखता है। हमारी सामाहूकि प्रतिबद्धता केवल और केवल भारत के संविधान के प्रति है।

बड़े दुख के साथ इस पत्र को लिखना पड़ रहा है। लेकिन देश को अपने आक्टोपसी चंगुल में कसती जा रही मौजूदा घटनाओं ने हमें अपना विरोध दर्ज करने के लिए मजबूर कर दिया है। हम ‘मेरे नाम पर नहीं’ अभियान के साथ एकजुटता जाहिर करते हैं जिसने पूरे देश के पैमाने पर हजारों-हजार नागरिकों को भय के माहौल, धमकी, नफरत और संदेह के खिलाफ गोलबंद करने का काम किया है।

सेना के जवान ‘विविधता में एकता’ के सिद्धांत में विश्वास करते हैं। धर्म, भाषा, जाति, संस्कृति या फिर संबंध के दूसरे किसी निशान ने सैन्य बलों की एकता पर कभी कोई असर नहीं डाला है। और अलग-अलग पृष्ठिभूमि से आने वाले सैनिकों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए एक दूसरे से कंधे से कंधा मिलाकर लड़ा है वो सिलसिला आज भी जारी है। हमारी पूरी सेवा के दौरान एक खुलेपन का भाव, न्याय और सही व्यवहार ने हमेशा हमारी कार्यवाहियों के मार्ग को प्रशस्त किया है। हम एक परिवार हैं। हमारी विरासत बहुरंगी किस्म की एक रजाई है। वही भारत है और हम इस अपनी इस जीवंत विविधता पर गर्व करते हैं।

फिर भी आजकल हमारे देश में जो हो रहा है वो पूरा सैन्य बल और वास्तव में हमारा संविधान जिसके लिए खड़ा है उस पर चोट पहुंचाने का काम कर रहा है। हम हिंदू धर्म के स्वघोषित रक्षकों द्वारा पूरे समाज के पैमाने पर निगरानी रखने के नाम पर किए जाने वाले अभूतपूर्व हमलों के गवाह हैं। हम मुसलमानों और दलितों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करते हैं। हम मीडिया घरानों, नागरिक समूहों, विश्वविद्यालयों, पत्रकारों और विद्वानों को अभियान से उन्हें राष्ट्रद्रोही घोषित कर उन पर किए जाने वाले हमलों के जरिये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोकने की निंदा करते हैं। इसके साथ ही उन पर इन हमलों के दौरान राज्य के मौन रहने की भी निंदा करते हैं।

हम बहुत दिनों तक इसकी अनदेखी नहीं कर सकते हैं। अगर अपने संविधान में अंतर्निहित धर्मनिरपेक्ष, उदारवादी मूल्यों के लिए नहीं बोलते या फिर उसके लिए खड़े नहीं होते तो ये देश के प्रति कृतघ्नता होगी। हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। असहमति राष्ट्रद्रोह नहीं होता है। वास्तव में यही लोकतंत्र का मर्म है।

हम केंद्र और राज्यों की सत्ता में बैठे लोगों से निवेदन करते हैं कि वो हमारी चिंताओं का संज्ञान लें और संविधान की रक्षा के लिए पूरी भावना और शिद्दत के साथ तात्काल कदम उठाएं।

हस्ताक्षर करने वाले (वर्णानुकम के अनुसार)

1-लेफ्टिनेंट ईएन अंब्रे

2-ब्रिगेडियर वीकेएस एंटनी

3-मेजर एमके आप्टे

4-कर्नल सीटी आरसू

5-लेफ्टिनेंट कर्नल इसरार असगर

6-सीडीआर सीआर बाबू

7-लेफ्टिनेंट सीडीआर पीएस बल

8-लेफ्टिनेंट सीडीआर राकेश बाली

9-मेजर जनरल दीपांकर बनर्जी

10- लेफ्टिनेंट जनरल सीए बैरेटो

11-ब्रिगेडियर नोएल बैरेटो

12-कर्नल टीएस बेदी

13-सर्जन सीडीआर पी बेलुबी

14-पेटी ऑफ गजानन भट आईएन

15-सीडीआर पीजी भट

16-जीपी कैप्टन एवी भागवत

17-कर्नल वी बोपियाह

18-मेजर जनरल पीआर बोस

19-वाइस एडीएम ए ब्रिटो

20-कर्नल आरटी चाको

21-लेफ्टिनेंट कर्नल एम चंद्रशेखर

22-सीडीआर क्लार्क

23-कर्नल केएस चौधरी

24-ब्रिगेडियर टीपीएस चौधरी

25-ब्रिगेडियर दिलीप देवरे

26-कर्नल सैमुअल धार

27-लेफ्टिनेंट जनरल एफटी डायस

28-लेफ्टिनेंट कर्नल एपी दुरई

29जीपी कैप्टन एमपी एलांगोवन

30-मेजर जनरल श्यामल घोष

31-कर्नल वी नंदा गोपाल

32-सीडी ईसी गोविंदन

33-कर्नल वी गोविंदराजन

34-कर्नल आरपी ग्रोवर

35-सीडीसी पीसी गुलाटी

36-सीडीआर एम हरि

37-लेफ्टिनेंट कर्नल मुजफ्फर हसन

38-ब्रिगेस प्रेम हेजमादी

39-एवीएम कपिल काक

40-कर्नल एटी कलघाटगी

41-मेजर जनरल एमपीएस कंडल

42-कर्नल एमएस कपूर

43-मेजर जनरल टीके कौल

44-लेफ्टिनेंट कर्नल पीबी केसकर

45-लेफ्टिनेंट कर्नल वी खारकर

46-विग सीडीआर आर खोसला

47-ब्रिगेडियर अनिल मल्होत्रा

48-कर्नल अरुण मल्होत्रा

49-लेफ्टिनेंट कर्नल आरसी मल्होत्रा

50-ब्रिगेडियर जी के मलिक

51-सीडीआर जी मेनेजेस

52-विग सीडीआर एसएन मेट्रानी

53-मेजर जीएन मिश्रा

54-एवीएम आरपी मिश्रा

55-कर्नल विमान मिस्त्री

56-कर्नल आरबी मिस्त्री

57-कर्नल ए के मित्रा

58-कर्नल प्रदीप मित्र

59-मेजर जनरल एच मुखर्जी

60-मेजर जनरल आरपीआरसी नायडू

61-कर्नल पवन नायर

62-लेफ्टिनेंट कर्नल वीके नायर

63-कर्नल आरएलवी नाथ

64-सीडीआर एम निर्मल

65-लेफ्टिनेंट जनरल विजय ओबेराय

66-रियर एडमिरल एलन ओ'लेरी

67-एयर सीडर तानपत पन्नू

68-लेफ्टिनेंट कर्नल निरज पंत

69-कर्नल आर सी पटियाल

70-सीडीआर हेक्टर पॉपपेन

71-कैप्टन सुब्बाराव प्रभात आईएन

72-ब्रिगेडियर रणजीत प्रसाद

73-ब्रिगेडियर वीएचएम प्रसाद

74-विग कमांडर केवी रघुराम

75-ब्रिगेडियर आरएस राजन

76-कर्नल एसएस राजन

77-सीडीआर एस.एम. राजेश्वर

78-एयर मार्शल फिलिप राजकुमार

79-कर्नल टीएन रमन

80-एडमिरल एल रामदास

81-वाइस एडमिरल एमसी राव

82-कर्नल टी के रविंद्रनाथ

83-एयर मार्शल डीएस साभिखी

84-लेफ्टिनेंट कर्नल नागराज शास्त्री

85-लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ

86-कर्नल पीडी शाह

87-ब्रिगेडियर बकीर शमीम

88-लेफ्टिनेंट जनरल वाईएन शर्मा

89-लेफ्टिनेंट कर्नल एचडी शिरमन

90-वाइस एडीएम एमआर शंकर

91-सीडीआर एमए सोमाना

92-ब्रिगेडियर अमरदीप सिंह

93-जीपी कैप्टन डॉ। सिंह

94-ब्रिगेडियर जोगिंदर सिंह

95-ब्रिगेडियर मस्तेंदर सिंह

96-सीडीआर राजीव सिंह

97-कर्नल सलाम के सिंह

98-कर्नल एस श्रीकांत

99-ब्रिगेडियर एम सुदंदिरम

100-फ्लाइट एलटी आर सुरेश

101-एसजीटी एमएन सुब्रमणि

102-लेफ्टिनेंट सीडीआर पी सुब्रमण्यम

103-मेजर जनरल एल तहलियानी

104-सीडीआर एसपी तनेजा

105-सीडीआर टीपी थारियन

106-लेफ्टिनेंट कर्नल जेके थॉमस

107-सीडीआर एम थॉमस

108-सीडीआर एन त्रिपाठी

109-एयर मार्शल एनवी त्यागी

110-कैप्टन ए के वर्मा

111-विग सीडीआर बीजे वाज़

112-मेजर राजा वेल

113-लेफ्टिनेंट कर्नल आर वेणुगोपाल

114-मेजर जनरल एसजी वंबटकेरे










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