सामने आया योगी की पुलिस का हैवानी चेहरा: हत्यारोपी के गुप्तांगों में पेट्रोल डालकर करंट लगाया, पेट्रोल में लगी आग

त्रासदी , , बुधवार , 03-04-2019


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चरण सिंह

नई दिल्ली/कानपुर। उत्तर प्रदेश में “रामराज्य” का एक और नजारा उस समय देखने को मिला जब कानपुर के बिठूर थाने में पुलिस ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं। यहां हत्या के एक आरोपी से जुर्म कबुलवाने के लिए न केवल जमकर पीटा गया बल्कि उसके गुप्तांगों में पेट्रोल डाल दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने आरोपी के साथ ऐसी दरिंदगी दिखाई कि सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। दरअसल पेट्रोल डालने से ही खाकीधारियों का मन नहीं भरा। उसके बाद उन्होंने ने आरोपी के गुप्तांग में करंट लगा दिया जिससे पेट्रोल ने आग पकड़ लिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। और आनन फानन में पुलिस आरोपी को लेकर अस्पताल पहुंची।

कल दोपहर तक पुलिस मामले को टालती रही। शाम को जाकर एसएसपी अनंत देव ने एसओ को सस्पेंड किया।

ज्ञात हो कि गत दिनों बिठूर क्षेत्र के भिड़ैया गांव के निर्मल की हत्या कर उसके शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। पुलिस ने तफ्तीश के बाद सोमवार को उन्नाव से मोनू और सोनू नाम के दो लोगों को हिरासत में लिया था। आरोप है कि मंगलवार आधी रात के बाद पुलिस ने अपराध कबूल करवाने के लिए मोनू की जमकर पिटाई की। जब उसने अपराध कबूल नहीं किया तो उसे निर्वस्त्र कर नाजुक अंगों में पेट्रोल डालकर करंट लगाया गया। इसी क्रम में अचानक पेट्रोल ने आग पकड़ ली। पुलिस ने किसी तरह आग बुझाई और दर्द-जलन से तड़पते मोनू को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंची।

सूचना मोनू के घर पहुंची तो परिवार के लोगों ने थाने आकर जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। पूरे मामले की जानकारी पाकर कल्याणपुर के सीओ मौके पर पहुंचे। थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि मोनू ने अपने पास मौजूद माचिस से खुद आग लगा ली, जबकि अस्पताल में भर्ती मोनू ने बातचीत में पुलिस की हैवानियत बयान की है। साथ ही यह भी कहा कि मीडिया के सामने कुछ बोलने पर उसका 'एनकाउंटर' करने की धमकी पुलिस ने दी है।

चुनाव को देखते हुए अधिकारियों की नाराजगी और बवाल की आशंका भांप पुलिस ने दोपहर में सोनू को थाने से छोड़ दिया था। पुलिस मामले को इस कदर ढकने में लगी थी कि मोनू के परिवार को इसका पता मंगलवार दोपहर तब चला, जब वे मंधना के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे। यहां उसने रोते हुए परिजनों को बताया कि उसे बेरहमी से जलाया गया है।

ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या ऐसी हैवानियत की सजा केवल निलंबन ही है। इस तरह के मामलों में पुलिस पर भी आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।

 








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