आईएसआईएस पर दिग्विजय के बयान से दक्षिण गरम

मुद्दा , , मंगलवार , 02-05-2017


digvijay-trs-telangana-chandrashekhar-rao-hyderabad

मनोज कुमार

हैदराबाद। तेलंगाना की सियासत में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का बोलबाला है और यहां बीजेपी, टीडीपी, कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों की स्थिति कुछ वैसी ही है जैसी कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की भारी जीत के बाद समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीएसपी की हुई है। विपक्ष की कमजोर स्थिति और टीआरएस के प्रति जनता के जबरदस्त जुड़ाव से तेलंगाना की राजनीति आमतौर पर शांत ही रहती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हलचल तेज हो गयी है।

दग्विजय का टीआरएस पर आरोप

पिछले हफ्ते टीआरएस प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी की स्थापना दिवस पर हुए कार्यक्रम में कांग्रेस पर निशाना साधा था तो अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विवादास्पद बयान देकर सियासी भूचाल ही ला दिया है। दिग्विजय सिंह ने तेलंगाना पुलिस पर मुस्लिम युवाओं को आतंकी बनाने के लिए उकसाने जैसा सनसनीखेज आरोप लगाया है और इसी बहाने तेलंगाना सरकार को भी लपेट लिया।

 उन्होंने ट्वीट करके कहा था कि ‘‘तेलंगाना पुलिस ने आईएसआईएस की फर्जी वेबसाइट बना रखी है जो मुस्लिम युवाओं को रेडिकलाइज करते हुए उन्हें आईएसआईएस मॉड्यूल्स में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।’’ दिग्विजय ने कहा कि तेलंगाना पुलिस की सूचना पर मध्य प्रदेश पुलिस ने शाजापुर ट्रेन धमाके के आरोपियों को गिरफ्तार किया और फिर उसी दिन कानपुर में सैफुल्ला को एनकाउंटर में मार गिराया गया। उन्होंने ये भी कहा कि, ‘‘ क्या तेलंगाना पुलिस भड़काऊ सूचना देकर मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस में शामिल होने के लिए उकसा रही है।’’ इसके आगे उन्होंने सवाल दाग दिया कि ‘‘ क्या यह नैतिक है? क्या केसीआर (मुख्यमंत्री) ने तेलंगाना पुलिस को मुस्लिम युवाओं को फंसाने और उन्हें आईएसआईएस में जाने के लिए उकसाने की मंजूरी दे रखी है?’’

टीआरएस ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया

दिग्विजय सिंह के इस तरह के बयान पर तेलंगाना राष्ट्र समिति और तेलंगाना सरकार की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया आई है और सिर्फ टीआरएस ही नहीं बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। दरअसल दिग्विजय सिंह ने आरोपों के साथ ही कहा था कि ‘‘अगर ऐसा है तो क्या उन्हें (मुख्यमंत्री केसीआर) इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देना चाहिए। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया है तो क्या उन्हें जांच कर उन लोगों को सजा नहीं देनी चाहिए, जिन्होंने ऐसा जघन्य अपराध किया है?’’

‘टिप्पणी वापस लें दिग्विजय

दिग्विजय सिंह के आरोपों पर मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे और राज्य के आईटी और उद्योग मंत्री के.टी. रामा राव जम कर बरसे और उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह का ऐसा बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय है, एक पूर्व मुख्यमंत्री की तरफ से जिम्मेदारी भरी चीजें सामने आनी चाहिए। के.टी. रामा राव (केटीआर) ने दिग्विजय सिंह से फौरन अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने की भी अपील की। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे ने दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस मामले में दखल देना चाहिए, वरना यही समझा जाएगा कि दिग्विजय के बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस का भी मौन समर्थन है।

बीजेपी ने भी की आलोचना

सिर्फ सत्तारूढ़ पार्टी ही नहीं बल्कि विपक्षी बीजेपी ने भी दिग्विजय के बयान के लिए उनकी कड़ी आलोचना की। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने दिग्विजय सिंह के आरोपों की निंदा करते हुए कहा कि या तो दिग्विजय अपने आरोपों को सिद्ध करें, या फिर माफी मांगें। वेंकैया नायडू ने कहा कि तेलंगाना पुलिस पर दिग्विजय सिंह के आरोप बेतुके और तर्कहीन हैं। इतने वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री होते हुए उन्हें इस तरह की चीजें नहीं बोलनी चाहिए। या तो वह सबूत देकर अपने आरोपों को साबित करें या फिर माफी मांगें। वेंकैया ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में तेलंगाना पुलिस की मुस्तैदी की तारीफ की और कहा कि इस तरह के गलत आरोपों से सुरक्षाबलों का मनोबल गिरता है।

चंद्रशेखर राव ने भी साधा था निशाना

बताते चलें कि तेलंगाना में टीआरएस के बाद नंबर दो की पोजीशन पर कांग्रेस ही है, लेकिन हाल के दिनों मे कांग्रेस को बड़े झटके लगे हैं और उसके कई बड़े नेता टीआरएस में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस के लिए तेलंगाना में भी अपने वजूद को बचाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पिछले हफ्ते ही तेलंगाना राष्ट्र समिति के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने विपक्षियों में सबसे ज्यादा निशाना कांग्रेस पर ही साधा था, संभवतः दिग्विजय सिंह ने उसी का जवाब देते हुए ये संगीन आरोप लगाया, लेकिन लगता है कि जैसे बुरे दिनों में किसी के हर फैसले गलत ही साबित होते हैं, वैसे ही उनका ये दांव भी उल्टा ही पड़ गया।






Leave your comment