ग्वालियर में बना बापू के हत्यारे गोडसे का मंदिर

ज़रा सोचिए... , नई दिल्ली , बुधवार , 15-11-2017


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जनचौक स्टाफ

नई दिल्ली। आरएसएस और बीजेपी के असली मंसूबे अब सामने आ रहे हैं। बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाया गया है। इस काम को आज गोडसे की फांसी की बरसी के दिन हिंदू महासभा ने अंजाम दिया है। बता दें कि नाथूराम गोडसे को आज ही के दिन यानी 15 नवंबर 1949 को अंबाला जेल में फांसी दी गई थी। हिंदू महासभा इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मना रही है।

गोडसे अदालत में पेशी के समय।

बताय जा रहा है कि महासभा ने पहले इसके लिए प्रशासन से जमीन मांगी थी। जमीन न मिलने पर उसने ग्वालियर स्थित अपने दफ्तर को ही गोडसे मंदिर में तब्दील कर दिया। और फिर उसमें गोडसे की प्रतिमा स्थापित कर दी। लेकिन सब कुछ जानते हुए भी न तो प्रशासन ने इसका विरोध किया और न ही मुख्यमंत्री शिवराज और उनके मंत्रियों के इसका कोई संज्ञान लिया। एतराज की बात तो दूर इस कृत्य की बीजेपी की तरफ से निंदा भी नहीं की गयी।

इस मौके पर महासभा के कार्यकर्ताओं ने गोडसे की मूर्ति की आरती उतारी उसके बाद मौजूद लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। 

नवजीवन वेबसाइट के मुताबिक महासभा के नेता जयवीर भारद्वाज ने माना कि गोडसे के मंदिर को बनाने के लिए प्रशासन से इजाजत मांगी गयी थी। लेकिन प्रशासन ने उसकी इजाजत नहीं दी। ऐसे में महासभा ने दफ्तर को ही मंदिर का रूप दे दिया। भारद्वाज का कहना है कि गोडसे जब भी ग्वालियर आते थे तो वो हिंदू महासभा के इसी दफ्तर में रुकते थे। ऐसे में अब इसे मंदिर का रूप दे दिया गया है।

आरती के दौरान मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि आरती के समय दो पुलिस वाले आए थे, लेकिन आस-पास के लोगों से मामूली पूछताछ कर चले गए।

नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 की शाम दिल्ली के बिड़ला हाऊस में महात्मा गांधी को गोली मारी थी। उस समय गांधी जी शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे, जब गोडसे ने उन पर नजदीक से तीन गोलियां चलाईं थी, जिससे गांधी जी की मौत हो गई थी।






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