34 लोगों की सूची में गौरी लंकेश से पहले गिरीश कर्नाड थे हत्यारों के निशाने पर

इंसाफ की मांग , , बुधवार , 25-07-2018


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जनचौक ब्यूरो

गौरी लंकेश की हत्या एक सुनियोजित साजिश का नतीजा है। कर्नाटक पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लंकेश की हत्या के प्रमुख संदिग्ध के पास से एक डायरी बरामद की है। डायरी की हिटलिस्ट में गौरी लंकेश का नाम दूसरे नंबर पर तो रंगमंच के किंवदंती पुरुष गिरीश कर्नाड पहले नंबर पर हैं। इस डायरी में कुल 34 व्यक्तियों के नाम हैं जिनकी हत्या करने की योजना पर कट्टरपंथी हिंदुत्व समूह काम कर रहा था। लंकेश की हत्या के आरोप में गिरफ्तार प्रमुख संदिग्ध कट्टरपंथी हिंदुत्व समूह से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि बरामद डायरी के अनुसार हत्या के लिए गौरी लंकेश को 2016 में ही चिह्नित कर लिया गया था। एक सुनियोजित योजना के तहत एक साल बाद ही 5 सितंबर, 2017 को लंकेश को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई।

डायरी में नामित अन्य सभी व्यक्तियों जिसमें गिरीश कर्नाड भी हैं को राज्य सरकार ने सुरक्षा प्रदान की है। कर्नाटक पुलिस के सूत्रों के अनुसार डायरी में शामिल अधिकांश नाम कर्नाटक और महाराष्ट्र से हैं, और कहा कि अन्य राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। यह डायरी पुणे निवासी अमोल काले, हिंदू जन जागृति समिति (एचजेएस) के पूर्व संयोजक के कब्जे में पाए गए दस्तावेज़ों में से एक थी। डायरी यह दिखाती है कि पूरे भारत से लंकेश और 33 अन्य लोगों का नाम संदिग्ध ने अगस्त 2016 में तैयार किया था। काले को सनातन संस्थान और उसके सहयोगी, एचजेएस से जुड़ी एक गुप्त इकाई का प्रमुख व्यक्ति माना जाता है। उसे 21 मई को कर्नाटक के दावणगेरे क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।

एसआईटी का मानना है कि काले लंकेश की हत्या करने वाले समूह के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाई है। जांच में यह भी पाया गया है कि 55 वर्षीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश को चिन्हित करने वाली सूची में अन्य जिन व्यक्तियों के नाम शामिल हैं, वे अपने भाषणों और लेखों में कट्टरपंथी हिंदुत्व के खिलाफ आवाज उठाते और लिखते रहे हैं। हिंदुत्ववादी शक्तियों के खिलाफ लिखने और बोलने के कारण कट्टरपंथी संगठन उनके खिलाफ हो गए। काले की गिरफ्तारी के बाद किए गए दौरे को प्रमाणित करने और बेंगलुरु अदालत में दायर किए गए दस्तावेजों में एसआईटी ने कहा है कि अंग्रेजी में आठ नामों वाले एक पत्र - जिसमें 8 वीं नंबर पर अंधविश्वास का विरोध करने वाले निडुम्मुडी स्वामीजी का नाम शामिल था।

डायरी काले के कब्जे में थी। दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि 22 अगस्त, 2016 के डेटलाइन के साथ डायरी के दूसरे पृष्ठ में 26 नामों की दूसरी सूची मिली थी। एसआईटी को संदेह है कि दो सूचियों में कुल 34 व्यक्तियों के नाम शामिल हैं जिन्हें कट्टरपंथी अपने विरोधी के रूप में देखते हैं। ये नाम अन्य हिंदुत्ववादियों के परामर्श से काले द्वारा तैयार किया गया। जुलाई 2016 में डायरी मुद्रित की गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि “ये सूची लोगों के एक छोटे समूह द्वारा चर्चा के उपरांत संकलित नामों का संग्रह था। ये अचानक तैयार की गयी सूची प्रतीत होती है। जिसमें परिवर्तन की गुंजाइश थी। हालांकि लंकेश का नाम नंबर 2 पर रखा गया था, लेकिन उन्हें पहले लक्षित किया गया।’’

एसआईटी जांच से पता चला है कि काले ने उत्तरी कर्नाटक के विजयपुरा क्षेत्र से 26 वर्षीय परशुराम वाघमारे को तैनात किया था, जिसे उन्होंने लंकेश को मारने के लिए कर्नाटक और महाराष्ट्र में सनातन संस्था और एचजेएस के कट्टरपंथी नेटवर्क का उपयोग करके प्रशिक्षित किया था। एसआईटी को संदेह है कि साजिश और हत्या को अंजाम देने में लगभग आठ महीने लगे। जून 2017 में साजिश में तेजी आई, एसआईटी ने अदालत में सौंपे गए दस्तावेजों में संकेत दिया है। एसआईटी ने 31 मई को अदालत में रिमांड याचिका में कहा था ‘‘जून 2017 में, अमोल काले उर्फ भासाब और दादा (एक लापता संदिग्ध) ने आरोपी मनोहर एडव उर्फ मनोज को बेलगाम में स्वीकार होटल में बुलाया और उनसे गौरी लंकेश की गतिविधियों और दिनचर्या का अध्ययन करने के लिए कहा जो हिंदू धर्म की आलोचना कर रहे थे।’’एसआईटी जांच में पाया गया कि काले और चार अन्य गिरफ्तार आरोपियों ने लंकेश को मारने के लिए साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के दो महीने बाद एक और हत्या की योजना पर काम कर रहे थे। जो मैसूर में कन्नड़ लेखक और प्रोफेसर के एस भगवान की हत्या की साजिश और योजना थी।

काले की डायरी में हिट लिस्ट में शामिल लोगों में के एस भगवान का नाम भी शामिल है। सूची में दर्ज अन्य नामों में कन्नड़ लेखक योगेश मास्टर, चंद्रशेखर पाटिल और बनजगेरे जयप्रकाश और कर्नाटक के पिछड़े जाति आयोग के अध्यक्ष सी एस द्वारकानाथ शामिल हैं। गौरतलब यह है कि सूची में दर्ज अधिकांश नाम लेखकों,तर्कवादियों और समाजसेवियों का है। जयप्रकाश, भगवान, पाटिल और योगेश साहित्यिक व्यक्तित्व हैं। बारागुर रामचंद्रप्पा, पाटिल पुट्टप्पा, चेनेवीरा कनवी और नटराज हुलियार,नरेंद्र नायक तर्कवादी हैं तो पूर्व आईएएस एस एम जमदार लिंगयत समुदाय को अलग धर्म बनाने के पैरोकार हैं। राज्य सरकार ने सबको सुरक्षा कवर प्रदान किया है।

काले की डायरी की सूची और कर्नाटक के एचजेएस के 38 वर्षीय पूर्व कार्यकर्ता सुजीत कुमार ने खुलासा किया है कि राज्य में लगभग 30 हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं का एक गुप्त नेटवर्क विध्वंसकारी गतिविधियों को पूरा करने के लिए इकट्ठा किया गया था। एसआईटी ने अभी तक कथित शूटर वाघमारे सहित हत्या में शामिल नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दो दिन पहले यानी सोमवार को हुबली में गणेश मिस्किन 27 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर वाघमारे को मोटरसाइकिल पर लंकेश के निवास पर ले गया था। इसी के साथ ही हुबली निवासी 28 वर्षीय अमित बद्दी को भी गिरफ्तार किया गया है, बद्दी ही लंकेश की हत्या की योजना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दो कारों में से एक को कथित रूप से चला रहा था।








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