नवलखा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार पहुंची सर्वोच्च अदालत

अभी-अभी , नई दिल्ली, बुधवार , 03-10-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की नजरबंद से आजाद करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गयी है। उसने इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। गौरतलब है कि नवलखा को 29 अगस्त को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उनके घर में नजरबंद रखने का आदेश दिया था। 

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कोई एसआईटी न बैठाने की बात कहकर याचिका को खारिज कर दिया था। लेकिन उसके साथ ही उनकी नजरबंदी को चार हफ्ते के लिए बढ़ा दिया था। इस बीच उन्हें न्याय के दूसरे मंचों से राहत लेने की छूट दी थी।

अपने फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नवलखा की ट्रांजिट रिमांड को रद्द कर दिया था। और उसके साथ ही उसने घर में नजरबंदी को भी खत्म करने का आदेश सुनाया था। बताया जा रहा है कि ये केस नवनियुक्त चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सामने आएगा।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि “हम सुप्रीम कोर्ट के सामने कहेंगे कि हाईकोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड खत्म करने के साथ ही उनके हाउस अरेस्ट को भी खत्म कर दिया है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाया था। गिरफ्तारी पर संदेह जाहिर करते हुए कोर्ट ने पंचनामा पर सवाल उठाया था जिसे हम इस बात को चिन्हित करेंगे कि नवलखा ने अपनी गिरफ्तारी के समय उस पर हस्ताक्षर किया था।”

आपको बता दें कि अपनी गिरफ्तारी के बाद नवलखा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। और अभी मामले की सुनवाई चल ही रही थी कि तभी सुप्रीम कोर्ट ने उसे ले लिया। 








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