गोरखपुर में प्रशासन के साथ मिलकर दबंगों के जमीन कब्जे का विरोध कर रहे दलितों पर पुलिस फायरिंग, तीन घायल

ज़रा सोचिए... , गोरखपुर, बृहस्पतिवार , 17-05-2018


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मनोज कुमार सिंह

गोरखपुर। मंगलवार को गगहा क्षेत्र के अस्थौला गांव में खलिहान की जमीन पर कब्जे का विरोध कर रहे दलितों का पुलिस से संघर्ष हो गया। थाने में दलितों को पीटे जाने की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए और थाने पर पथराव किया। पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर फायरिंग की। पुलिस रबर बुलेट चलाने की बात कर रही है जबकि ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस की गोली से जित्तू, दीपक और भोलू को गोली लगी है। इन तीनों को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर भर्ती कराया गया है।

पुलिस और दलितों के बीच एक घंटे तक संघर्ष चला जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए जिनमें पुलिस कर्मी भी शामिल हैं।

बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि बाद में बड़ी संख्या में पुलिस बल ने गांव में जाकर दलितों को जमकर पीटा और दो दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ कर थाने लेती गई। इनमें महिलाएं भी हैं। पुलिस की पिटाई से कई ग्रामीणों के जख्मी होने की भी सूचना है।

अस्थौला गांव में खलिहान की जमीन पर बारात घर का निर्माण हुआ है। शेष बची भूमि पर कुछ लोग कब्जा करने की नीयत से निर्माण करा रहे थे जिसका गांव के दलित विरोध कर रहे थे। दलितों का कहना था कि खलिहान की भूमि का वे सामूहिक उपयोग करते हैं। इस जमीन पर कब्जा होने से उन्हें खेतीबारी में दिक्कत आएगी। दलितों का आरोप था कि गांव के दबंग लोग अपने लोगों के जरिए खलिहान की भूमि पर कब्जा करा रहे थे।

जमीन जिसको लेकर विवाद हुआ।

कुछ दिन पहले खलिहान की जमीन पर दीवार खड़ी कर दी गई जिसे ग्रामीणों ने गिरा दिया। इसकी शिकायत थाने पर की गई। पुलिस का कहना है कि शिकायत पर हल्का सिपाही एक ग्रामीण को थाने ले आया। इसकी जानकारी होने पर सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए और हिरासत में लिए ग्रामीण को छोड़ने की मांग करने लगे। पुलिस ने इसका विरोध किया तो ग्रामीण उग्र हो गये और थाने पर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ा लिया। पथराव से थाना परिसर में खडी पुलिस की जीप तथा कई अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम भी जाम कर दिया। पुलिस का कहना है कि थाने के गेट पर लगी पुलिस की बोर्ड तथा बैरिकेडिंग बोर्ड तोड़ दी गई। बचाव के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और रबर की गोलियां चलानी पड़ीं।

ग्रामीणों के अनुसार गगहा के एसओ खलिहान की जमीन कब्जा कर रहे दबंगों का सहयोग कर रहे थे। आज पुलिस ने ही इस मसले पर बातचीत के लिए दलितों को थाने पर बुलाया था। जब दलित थाने पहुंचे तो वहां पुलिस के साथ कब्जा कराने वाला दबंग भी मौजूद था। वहां उसने पुलिस की लाठी से दलितों को पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने भी दलितों को थाने में पीटा। इसकी जानकारी होने पर गांव से सैकड़ों की संख्या में दलित मौके पर पहुंचे और पिटाई का विरोध किया। इसको लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई। ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस ने फायरिंग की। ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग व्यक्ति ने भी अपनी बंदूक से फायरिंग की।

फायरिंग में 12 वर्ष के दीपक को जंघे में गोली लगी। गोली उसके जंघे में फंसी है जबकि 18 वर्षीय भोलू के पैर में गोली लगी। 65 वर्षीय जित्तू को भी गोली लगी है। लाठीचार्ज में भी ग्रामीण घायल हुए हैं।

थाने पर प्रदर्शन।

बसपा नेता श्रवण कुमार निराला ने कहा कि इस घटना के लिए पूरी तौर पर गगहा के एसओ जिम्मेदार हैं। उनके द्वारा एकतरफा कार्रवाई से यह स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने अनावश्यक अत्यधिक बल प्रयोग किया और गोली चलाई। बाद में पुलिस बल ने गांव जाकर दलितों पर लाठियां बरासाईं। महिलाओं को भी बख्शा नहीं गया। उन्होंने दलितों पर पुलिस दमन को तत्काल रोकने और लाठी-गोली चलाने वाले एसओ व अन्य पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की।

घटना की जानकारी मिलने पर बासगांव, सिकरीगंज, राजघाट,  शाहपुर, गोरखनाथ, तिवारीपुर, खजनी, बेलीपार, गोला सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिलाधिकारी,  आईजी निलांजना चौधरी, एसपीआरए नार्थ रोहित सिंह, एसपी क्राईम, एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा, उपिलाधिकारी गोला गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ देर शाम तक थाने में जमे रहे। अस्थौला गांव में पीएसी भी लगाई गई है।

गगहा थाने पहुंचे एडीजी ला एंड आर्डर दावा शेरेपा ने कहा कि ‘ उपद्रवियों‘ की पहचान की जा रही है। कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

(मनोज कुमार सिंह गोरखपुर न्यूज़लाइन के संपादक हैं और आजकल गोरखपुर में रहते हैं।)








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