हजारीबाग में कर्ज में डूबे कारोबारी परिवार के छह सदस्यों की मौत: आत्महत्या या हत्या?

त्रासदी , रांची, सोमवार , 16-07-2018


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विशद कुमार

झारखंड की राजधानी रांची से 90 किलोमीटर दूर  हजारीबाग में  एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी। बीते शनिवार देर रात कर्ज में डूबे एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से पूरा क्षेत्र सन्न रह गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह कर्ज के कारण आत्महत्या प्रतीत हो रहा है, लेकिन हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। घटना हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र स्थित मुनगा बगीचा के खजांची तालाब के पास की है।

माहेश्वरी परिवार

आपको बता दें कि परिवार के छह सदस्यों में से दो बुजुर्ग सदस्यों (पति-पत्नी) ने फांसी लगाकर जान दी, वहीं एक बच्चे की धारदार हथियार से हत्या की गयी, जबकि एक बच्ची को जहर देकर मारा गया। एक महिला की गला दबाकर हत्या की गयी है। जबकि एक व्यक्ति की टेरेस से गिरने से मौत हुई है। बताया जाता है कि इसी शख्स ने पहले अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या की और अंत में टेरेस से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस शख्स का नाम नरेश माहेश्वरी है।

शहर के अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले के 303 और 304 नंबर फ्लैट में नरेश माहेश्वरी अपने पूरे परिवार के साथ रहता था। परिवार में उसकी मां, पिता, पत्नी और दो बच्चे थे।

पुलिस को अपार्टमेंट के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। ब्राउन लिफाफे पर लाल स्याही से लिखा है कि अमन को लटका नहीं सकते थे। इसलिए उसकी हत्या की।  इसके नीचे नीली स्याही से मोटे अक्षरों में सुसाइड नोट लिखा है और उसके नीचे लिखा है : बीमारी+ दुकान बंद+ दुकानदारों का बकाया न देना + बदनामी + कर्ज = तनाव (टेंशन) = मौत ।

सुसाइड नोट।

घटना हजारीबाग के खजांची तालाब के निकट सीडीएम अपार्टमेंट की है। मृतकों में  नरेश माहेश्वरी (40 वर्ष), महावीर माहेश्वरी (70वर्ष), किरण माहेश्वरी (65वर्ष), प्रीति माहेश्वरी (38 वर्ष), अन्वी माहेश्वरी (6वर्ष)  अमन माहेश्वरी  (8 वर्ष) है ।

परिवार के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति महावीर माहेश्वरी  (70) और उनकी पत्नी किरण माहेश्वरी (65) ने फांसी लगाकर अपने जीवन लीला का अंत किया, तो नरेश माहेश्वरी ने धारदार हथियार से गला काटकर अपने बेटे अमन को मार डाला। संभवत: पत्नी प्रीति माहेश्वरी की गला दबाकर हत्या की। नरेश की बेटी अन्वी माहेश्वरी की मौत की वजह जहर बतायी जा रही है।

किरण माहेश्वरी और उनकी बहू प्रीति माहेश्वरी का शव एक कमरा में मिला है, जबकि दूसरे कमरे में महावीर माहेश्वरी और उनके पोते अमन का शव मिला। नरेश की तीन साल की बेटी अन्वी का शव बरामदे में पड़ा मिला। नरेश माहेश्वरी का शव फ्लैट के नीचे कम्पाउंड में मिला।

शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हत्या की आशंका से भी इन्कार नहीं कर रही है। कहा जा रहा है कि एक साथ छह लोगों की मौत के इस मंजर से ऐसा लगता है कि किसी ने इन सबकी हत्या की है।

घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी ने बताया कि नरेश के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है इसमें मौत के कारणों का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि नरेश कर्ज में डूब गया था। उसका कारोबार भी सही नहीं चल रहा था, कि वह लोगों का कर्ज चुका सके। कर्ज से परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया है। नरेश माहेश्वरी का पूरा परिवार 50 लाख रुपये के कर्ज में डूबा था। नरेश का ड्राइ फ्रूट्स का पुश्तैनी धंधा दो महीने से ठप था।

आत्महत्या के बाद का दृश्य।

नरेश माहेश्वरी  के एक पड़ोसी कुलदीप कृष्णा ने बताया कि सुबह उसकी मां ने उसे नींद से जगाया और कहा कि नरेश माहेश्वरी नीचे गिरा हुआ है। लगता है बेहोश है। उन्होंने आकर देखा तो उसकी सांसें नहीं चल रहीं थीं। वह मृत पड़ा था। इसके बाद उन्होंने नरेश के रिश्तेदार को इसकी सूचना दी। पुलिस को भी फोन कर इसकी जानकारी दी गई । बाद में पता चला कि परिवार के सभी सदस्यों की मौत हो चुकी है। 

पड़ोसियों ने बताया कि यह मारवाड़ी परिवार सूखे फलों का कारोबार करता था। पिछले कुछ दिनों से कारोबार में भारी नुकसान झेल रहा था। इसके चलते परिवार में आये दिन झगड़े हुआ करते थे। आशंका है कि इन्हीं परेशानियों के बाद परिवार ने यह कदम उठाया।

घटना की जानकारी मिली, तो सदर विधायक मनीष जायसवाल भी वहां पहुंचे। उन्होंने कहा की ऐसी घटनाओं का समाज पर दुष्प्रभाव पड़ता है। मनुष्य के जीवन में विपत्ति या संकट आता है। कुछ क्षण के लिए मन विचलित भी होता है, लेकिन इस तरह का निर्णय गलत है। समाज को जागरूक होना होगा। हम सबको मिलकर एक-दूसरे के दुःख-सुख में शामिल होना होगा, ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। 

उन्होंने बताया  कि परिवार की सामूहिक मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस को जल्द से जल्द इस घटना के निष्कर्ष तक पहुंचना चाहिए, ताकि मृत्यु के कारणों का खुलासा हो सके।

(विशद कुमार स्वतंत्र पत्रकार हैं और आजकल रांची में रहते हैं।)

 




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