जनता के शिखर सम्मेलन के संकल्प के साथ समाप्त हुई भारत-पाक मैत्री एवं शांति यात्रा

एक नज़र इधर भी , अहमदाबाद, सोमवार , 02-07-2018


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कलीम सिद्दीकी

अहमदाबाद। भारत-पाकिस्तान मैत्री एवं शांति यात्रा को बीएसएफ की अनुमति न मिलने के कारण भारत-पाक सीमा नाडा बेट से 25 किलोमीटर पहले नंदेश्वरी माता के मंदिर के पास समाप्त घोषित कर दिया गया। बाद में उसका समापन समारोह अहमदाबाद में आयोजित किया गया। आप को बता दें 19 जून को संदीप पाण्डेय और उनके साथियों ने गांधी आश्रम से नाडा बेट तक की पदयात्रा का आयोजन किया था। 290 किलोमीटर की पैदल यात्रा को पहले दिन अहमदाबाद पुलिस द्वारा रोक लिया गया था। सभी पदयात्रियों को डिटेन कर तीन घंटे रानिप पुलिस स्टेशन में रख दिया गया था। रिहाई के बाद पदयात्रा गांधी नगर के अडालज से आरंभ करनी पड़ी। शुरू के 15 किलोमीटर और अंत के 25 किलोमीटर छोड़कर इन लोगों ने लगभा 250 किलोमीटर का रास्ता कदमों से नापा। 

समापन के मौके पर मीडिया से बात करते हुए संदीप पाण्डेय ने बताया कि “यात्रा के दरम्यान हम लोगों ने कुछ मांगों को लेकर एक हस्ताक्षर अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत हमारी मांगों का लगभग 500 लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन और जसोदा बेन के परिवार के लोगों के भी हस्ताक्षर शामिल हैं। यात्रा के दरम्यान बलिसना गांव की तरफ से एक मांग आई कि पाकिस्तान का कांसुलेट अहमदाबाद में भी खोला जाए। इस मांग को भी हम दोनों सरकारों के सामने रखेंगे बलिसना गांव के 100 से अधिक परिवारों की रिश्तेदारियां पाकिस्तान में हैं।”  

पाण्डेय ने आगे बताया कि “थरा और देयोदर के बीच बलदेव नाथ बापू का आश्रम है जो लोहाणा समाज के गुरु हैं। पाकिस्तान में 500 परिवार ऐसे हैं जो इनके भक्त हैं। पिछले वर्ष बापू एक महीना पाकिस्तान में रहकर आये हैं। उन्होंने वहां सत्संग भी किया। बापू “हे नाथ” नाम से एक अस्पताल बनवा रहे हैं। बापू ने एक मंदिर भी बनवाया है। उन्होंने भारत में फैलाई गई उन सभी बातों को ख़ारिज कर दिया जैसे हिन्दुओं का जबरन धर्म परिवर्तन, मंदिर तोड़ दिए जाते है, हिन्दू पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं हैं आदि-आदि। बापू के अनुसार पाकिस्तान में हिन्दू भी सुरक्षित हैं, हिन्दू धर्म भी सुरक्षित है।”

वर्तमान सरकार एक के बदले 10 सिर लाने में असफल रही है। लिहाजा अब बेहतर यही होगा कि बापू की अहिंसा की नीति को अपनाते हुए भारत-पाक सरकारें तय करें कि सीमा पर गोली नहीं चलाई जाएगी। भारत या पाक का कोई भी सैनिक गोलियों से नहीं मरेगा। जिस प्रकार से अटल जी ने दिल्ली से लाहौर की बस सेवा शुरू की थी उसी प्रकार से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी सुई गाम से कराची की बस सेवा को शुरू करें। 

Pakistan Institute for Labour Education and Research के प्रोफेसर एवं मजदूर नेता करामत अली ने skype पर संबोधित करते हुए सभी यात्रियों को बधाई दी और कहा कि “2016 से SAARC समिट नहीं हो रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सरकारें इस शिखर सम्मेलन को नहीं कर रही हैं तो आम जनता को आगे बढ़कर इसकी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। और इस प्रकार की कोई समिट करनी चाहिए। यदि ये कार्यक्रम पाकिस्तान या भारत में संभव न हो तो हमारे पास नेपाल विकल्प है। जहां पर आसानी से सभी देश के आम जन एकत्र हो सकते हैं।” हम हजारों वर्ष साथ रहे हैं। दुश्मन कैसे हो सकते हैं। टकराव के कारण एक दूसरे के दुश्मन लगते हैं। बहुसंख्यक लोग अमन चाहते हैं। थोड़े से पागल लोग हर जगह होते हैं। वह पाकिस्तान में भी हैं लेकिन अक्सरियत अमन चाहती है जो खामोश है।’’ करामत अली ने मछुवारे के मुद्दे पर कहा कि दोनों देशों को जेलों में बंद मछुवारों की सूची का आदान-प्रदान करना चाहिए ताकि पता चले किस देश के कितने लोग जेलखानों में हैं। दोनों देशों को मछुवारों को तुरंत छोड़ना चाहिए।”

पाकिस्तान स्थित गांधीवादी एवं सामाजिक कार्यकर्ता सईदा दीप ने कहा कि इस समय पाकिस्तान में आम चुनाव है जिस कारण हमलोग यात्रा के समर्थन में कुछ ख़ास नहीं कर पाए। अगली प्रस्तावित यात्रा के समय हम लोग भी पाकिस्तान से यात्रा निकालेंगे और कोशिश रहेगी कि दोनों तरफ के लोग यात्रा के माध्यम से मिल सकें।” करामत अली ने बताया यात्रा भले ही हिंदुस्तान में हुई हो लेकिन इसका प्रभाव पाकिस्तान में भी है। 25 जुलाई को चुनाव के बाद नई सरकार आने पर और असर दिखेगा। 

संदीप पाण्डेय ने दक्षिण एशिया को अणु बम्ब मुक्त की मांग दोहराते हुए कहा कि जो देश जंग से दूर हैं। वह तरक्की कर रहे हैं। बांग्लादेश का उदहारण देते हुए उन्होंने कहा कि “ साक्षरता दर, कुपोषण,प्रजनन दर, बाल एवं महिला स्वास्थ्य जैसे सामाजिक मानक पर बांग्लादेश पाकिस्तान और भारत से आगे निकल गया है। रक्षा बजट कम कर भारत और पाक को शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए। 

यात्रा के मुख्य आयोजक कौशर अली सैय्यद ने कहा कि “सरकारें खरबों रुपये बम, बारूद और हथियारों पर खर्च करती हैं। क्योंकि सरकार के मंत्री और सौदे से जुड़े लोग करोड़ों रुपये दलाली और भ्रष्टाचार से कमाते हैं। बोफोर्स से लेकर अगस्ता वेस्टलैंड डील का भ्रष्टाचार हमारे सामने है। यही मुख्य कारण है जो भारत और पाकिस्तान की सरकारें रक्षा बजट में कमी नहीं कर रही हैं।” 

एक साधु से मिलते हुए संदीप पांडेय।

सैय्यद ने आगे बताया कि “यात्रा की कामयाबी से सभी यात्री उत्साहित हैं और इसी वर्ष के अंत में एक और यात्रा भुज से खावड़ (पाकिस्तान सीमा ) की भी योजना है। सैय्यद ने यूपी से आये साथी नन्द लाल, आलोक पाण्डेय, नरेश चंद सिंह का आभार व्यक्त किया। बनारस से आये नन्द लाल ने पूरी यात्रा के दौरान अपने सामाजिक गीतों से समां बांध दिया। नन्द लाल गुजरात में स्टार पदयात्री रहे। उनके गीत यादगार रहे।” तनु श्रीबेन और मंजिल नानावती महिला पदयात्री के तौर पर यात्रा का हिस्सा रहीं।

पदयात्रियों के सम्मान में वाघ बकरी चाय के मालिक पीयूष देसाई ने भी गाँधी आश्रम पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जहां सभी यात्रियों ने अपने यात्रा का अनुभव साझा किया। पीयूष देसाई गुजरात के बड़े कारोबारी हैं। गांधीवादी विचारों से प्रभावित अहिंसावादी हैं। देसाई ने भी भविष्य में रोटरी क्लब इंडिया – पाकिस्तान के माध्यम से यात्रा के बारे में सोच रहे हैं। देसाई हमेशा हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द बना रहे इसके प्रबल पक्षधर रहे हैं। देसाई सप्ताह में एक बार अपने मित्रों के साथ गांधी आश्रम भी जाते हैं ताकि बापू के विचारों से जुड़े रहें। 

यात्रा की सबसे बड़ी कामयाबी यही है कि इस यात्रा से शिक्षक, इंजीनियर, पत्रकार, छात्र एवं सभी जाति-धर्म के लोग जुड़े और उन लोगों ने शुरू से लेकर अंत तक उसमें हर तरह का सहयोग किया।   

 








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