क़ज़ाख़स्तान ने शुरू किया यूरेनियम बैंक

मुद्दा , अस्ताना से प्रशांत टंडन, सोमवार , 04-09-2017


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प्रशांत टंडन

अस्ताना से वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन की रिपोर्ट-

अस्ताना। दुनिया को परमाणु शक्तियों से मुक्त रखने के वादे के साथ क़ज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव ने कम संवर्धन वाले यूरेनियम (लो एनरिच्ड यूरेनियम) बैंक की शुरूआत की। राजधानी अस्ताना में शुरू किए गए इस बैंक की मूल शाख़ा ऑस्केमेन में भी टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रपति ने यूरेनियम बैंक देश को सौंपा।

करीब 150 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से तैयार यह बैंक हल्के पानी वाले परमाणु संयंत्रों को ईंधन की सप्लाई कर पाएगा। अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की देखरेख में यह कार्य होगा। परमाणु बैंक यानी एलईयू बैंक की स्थापना संयुक्त राष्ट्र की आईईएईए के बीच करार के मद्देनज़र हुआ था। परमाणु ऊर्जा से संचालित बैंक का मक़सद है कई देशों के यूरेनियम संवर्द्धन की बजाय उन्हें हल्के पानी वाले नागरिक ऊर्जा आपूर्ति के लिए संवर्द्धित यूरेनियम सप्लाई करना। इस मौक़े पर राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव ने कहा कि एलईयू बैंक की स्थापना के साथ ही क़ज़ाख़स्तान ने दुनिया को परमाणु अप्रसार को मज़बूत करने के लिए योगदान दिया है। 

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईईएई के महानिदेशक यूकिया अमानो को बैंक की प्रतिलिपि चाबी सौंपते हुए नज़रबायेव ने कहाकि वह विश्वास करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और कम संवर्द्धन यूरेनियम बैंक परमाणु बिजली घरों के लिए ईंधन उपलब्धता को सुनिश्चित करने के अन्तरराष्ट्रीय प्रयासों में मदद करेगा। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और एलईयू बैंक पर 150 करोड़ अमेरिकी डॉलर का खर्च आया है जो दस साल तक के लिए काफी है।

इस यूरेनियम बैंक में 90 मीट्रिक टन तक संवर्द्धित यूरेनियम रखा जा सकेगा जिसे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की देखरेख में परमाणु ऊर्जा के लिए मान्य देशों को सप्लाई किया जा सकेगा। आपको बता दें कि पूरी दुनिया में परमाणु सैनिक अड्डों को नष्ट करने में क़ज़ाख़स्तान सबसे बड़ा देश है और वह दुनिया में परमाणु अप्रसार के लिए सबसे सक्रिय देश है। क़ज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव परमाणु अप्रसार के लिए कार्य करने वाले सबसे बड़ा चेहरा हैं।






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