कश्मीर मसले पर कांग्रेस ने पीएम मोदी को बनाया निशाना, पूछा- कहां गया 56 इंच का सीना?

एक नज़र इधर भी , नई दिल्ली, बुधवार , 14-02-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कश्मीर के मसले पर सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। उसने कहा कि विपक्ष में रहते मोदी जिस तरह से यूपीए सरकार की घेरेबंदी किया करते थे। आज हालात उससे भी कई गुना बदतर हो गए हैं। वो आतंकी घटनाओं की बात हो या फिर जवानों के शहीद होने का मसला। सीज फायर उल्लंघन की घटनाएं हो या निर्दोष नागरिकों की मौतें हर मोर्चे पर मोदी सरकार फेल हो गयी है।

पार्टी की नियमित प्रेस कांफ्रेंस में प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जमकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कुछ अलग तरीके से ही बात की शुरुआत की। सबसे पहले उन्होंने कश्मीर से संबंधित पांच सवाल पूछे। और फिर मोदी का एक वीडियो दिखाया जिसमें सरकार से वही सवाल पूछते दिखायी दे रहे थे। ये तब का वीडियो था जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी और मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 

सिंघवी ने कहा कि 5 प्रश्न पहले हैं मित्रों, हमें जवाब दीजिए कि ये जो आतंकवादी हैं, उनके पास जो बारुद और शस्त्र हैं, उनके पास कहां से आते हैं, वो तो विदेश की धरती से आते हैं और सीमाएं संपूर्ण रूप से आपके कब्ज़े में हैं? सीमा व सुरक्षा बल आपके कब्ज़े में है!

सिंघवी ने कहा कि आपसे दूसरा सवाल पूछना चाहते हैं, वही दोहरा रहे हैं, जो आप पूछते थे,  आतंकवादियों के पास धन आता है, कहां से आता है, पूरा Money Transaction का कारोबार भारत सरकार के कब्ज़े में है।  RBI के अंतर्गत है, बैंकों के माध्यम से होता है, क्या प्रधानमंत्री आप इतनी निगरानी नहीं रख सकते कि जो धन विदेश से आकर के आतंकवादियों के पास जाता है, आपके हाथ में है, आप उसको क्यों नहीं रोकते हैं? ये दूसरा बिंदु और प्रश्न था।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि वो तीसरा सवाल उन्हीं की भाषा में पूछते हैं  कि विदेश से जो घुसपैठी आते हैं, घुसपैठी आतंकवादियों के रूप में आते हैं, आतंकवादी घटना करते हैं, भाग जाते हैं, प्रधानमंत्री जी आप हमें बताइएँ कृपा करके, सीमायें आपके हाथ में हैं, Coastal Security आपके हाथ में है, बीएसएफ आपके हाथ में, सेना सब आपके हाथ में है, Navy आपके हाथ में है, ये विदेश से घुसपैठिये कैसे घुस जाते है ?

हम चौथा सवाल पूछते हैं आपसे, सारा Communication आपके हाथ में है, कोई भी अगर टेलीफ़ोन पर बात करता है, e-mail करता है, कोई भी communication करता है, भारत सरकार उसको interrupt कर सकती है, आप तो जानते हैं आजकल क्या हो रहा है। interrupt करके जानकारियाँ पा सकती है, कि आतंकवादी गतिविधि के अंदर कौन सा communication चल रहा है, और आप उसे रोक सकते हो!” हम पूछना चाहते हैं, और आपका ही सवाल दोहरा रहें है-प्रधानमंत्री मोदी जी इस विषय में आपने क्या किया है ?

और हमारा पाँचवा सवाल है, विदेशों में जो आतंकवादी भाग चुके हैं विदेश में बैठ कर के जो हिंदुस्तान की आतंकवादी घटनाएँ निर्देशित कर रहे हैं, उनके प्रत्यर्पण के द्वारा विदेश से हिंदुस्तान लाने का हमें अधिकार होता है, आपकी विदेश नीति में क्या इतनी भी ताकत नहीं है ?

ये पाँच प्रश्न सीधे कांग्रेस पार्टी लाजमी रूप से हम सब, आप, हम जनता जनार्दन पूछने का अधिकार रखते हैं और आपके माध्यम से पूछ रहे हैं। आजतक हमें इसका उत्तर मिला है चुप्पी द्वारा, सन्नाटे वाली चुप्पी के साथ। लेकिन हमें इसके साथ-साथ पाँच प्रश्नों की पहेली बुझानी है। ये कांग्रेस पार्टी पूछ रही है बिल्कुल सही है। और कौन पूछ रहा है, जरा देखिए और कौन पूछ रहा है?

(वीडियो चलाया गया जिसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और भाजपा के तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार भाषण देते हुए उस समय के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी से उपरोक्त पाँचों प्रश्न पूछ रहे थे)

सिंघवी ने कहा कि आपने इसका अंतिम वाक्य नहीं सुना। वो था कि 56 इंच की छाती चाहिए ये सब हासिल करने के लिए, इसी का अगर आप अंतिम वाक्य देंखें तो।

उन्होंने कहा कि हमको इस सन्नाटे वाली चुप्पी का कोई उत्तर नहीं मिल रहा है। उत्तर की जगह कभी हमें जम्मू में उग्रवादी हमला मिल रहा है, सुंजवान मिल रहा है, पठानकोट मिल रहा है, उरी मिल रहा है। इसका उत्तर क्या है माननीय प्रधानमंत्री जी अगर नहीं जानना चाहते तो इसका उत्तर दुर्भाग्यवश ये है कि इस सरकार के 45 महीनों में 207 मुख्य आतंकवादी घटनाएं घट चुकी हैं। जबकि यूपीए के कार्यकाल के 45 महीनों में इसी मापदंड में 96 आतंकवादी घटनाएं घटी थीं। 207 और 96 ये उत्तर है इन पांच प्रश्नों का। उसी 45 महीने में जवानों के शहीद होने के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो भाजपा शासनकाल के 45 महीनों में 286 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। यूपीए के कार्यकाल में 45 महीनों में 115। उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि कोई भी जवान बेशकीमती होता है। वो बात नहीं हो रही है। आज बात हो रही है 56 इंच छाती की, इन पांच प्रश्नों की। सिविलियन मृत्यु, आम आदमी, जनता जनार्दन की मृत्यु है बीजेपी के 45 महीनों में 138, यूपीए के 45 महीनों में 72, अब सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि गाँवों में, सीमाओं में, बॉर्डर में सबसे ज्यादा आतंकवाद फैलता है। पूरे 45 महीने में प्रमुख सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं 2,555 घट चुकी हैं। हमारे 45 महीनों में इसका पांचवा हिस्सा यानि 543। और वर्तमान सरकार के 45 महीनों में इन सीजफायर उल्लंघनों में 62 जवानों की मृत्यु हुई, जो यूपीए के वक्त 19 थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पास आंकड़ों का बौछार है। लेकिन जो प्रश्न पार्टी पूछ रही है, उसका उत्तर उसे राष्ट्रवाद के सबक के रूप में मिलता है, उसका छाती पीट-पीट के मिलता है। 56 इंच की छाती की बात करके मिलता है, जुमलों से मिलता है। लेकिन ठोस क्या मिलता है, जुमलों से भला क्या होता है?

 उन्होंने कहा कि एक कॉमा, फुलस्टॉप नहीं बदला है। माननीय प्रधानमंत्री जो आज हैं, उस वक्त विपक्ष में थे, 2014 की बात है ये। पाँचों प्रश्नों का कॉमा, फुलस्टॉप नहीं बदला। आखिरी जो वाक्य था, 56 इंच वाला वो इसी संदर्भ का वाक्य है। और वो बिल्कुल कांग्रेस उसी तरह से पूछ रही है लेकिन जो आंकड़े हैं, वो तो विपरीत हैं। 

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में डॉ. सिंघवी ने कहा कि पाकिस्तान से ना हमें कोई आशा है और ना भारत सरकार को, ना हमको किसी रुप से आशावान होना चाहिए। पाकिस्तान जैसे देश पर भरोसा करना या उनसे उम्मीद करना गलत होगा। मैं बड़ा सीधा ये कहूंगा पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कीजिए और अमेरिका पर आप एक सीमा से ज्यादा निर्भर नहीं हो सकते। मुद्दा ये है कि आपको राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपने आपको मजबूत बनाना है, आपको ऐसे घुसपैठियों, ऐसी हरकतों से एक बार समझ आता है, दो बार समझ आता है। 

 






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