कठुआ केस: परीक्षा की उपस्थिति शीट से नहीं मेल खाया आरोपी विशाल का हस्ताक्षर

मुद्दा , नई दिल्ली, सोमवार , 21-05-2018


kathua-rape-murder-vishal-fsl-examination-sheet

जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। जनवरी महीने में हुए कठुआ की 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के मामले के आरोपी विशाल जगरोता का हस्ताक्षर मेरठ में परीक्षा के दौरान उपस्थिति शीट में किए गए हस्ताक्षर से मेल नहीं खाता है। फोरेंसिक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 

सीएफएसएल ने अपनी ये रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। जांच टीम के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। क्राइम ब्रांच ने अब विशाल के तीन दोस्तों को पूछताछ के लिए बुलाया है। आपको बता दें कि 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की आगे की जांच के लिए ब्रांच को हरी झंडी दे दी।

अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि उपस्थिति शीट पर विशाल के हस्ताक्षर नहीं हैं उसको किसी दूसरे ने किया है। 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार विशाल ने दावा किया था कि अपराध की घटना के समय वो मेरठ में था और उस दौरान कभी कठुआ नहीं आया था। उसने जांचकर्ताओं को बताया था कि 15 जनवरी को परीक्षा शुरू होने से पहले उसने ही उपस्थिति शीट पर हस्ताक्षर किया था।

उसके बाद क्राइम ब्रांच ने उपस्थिति शीट को सीएफएसएल के पास जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पता चला है कि हस्ताक्षर विशाल ने नहीं बल्कि उसके किसी मित्र ने किया है। अधिकारियों का कहना है कि जम्मू से मेरठ जाने वाली उसकी ट्रेन देर से पहुंची थी और वो मेरठ तब पहुंचा जब परीक्षा खत्म हो गयी थी।

अधिकारी ने बताया कि जांच किए गए दस्तावेजों का सवालकर्ता जो परीक्षा में हस्तलेखन के नमूनों की जांच का विशेषज्ञ है का मानना है कि उपस्थिति शीट पर किया गया हस्ताक्षर विशाल के हस्ताक्षर के साथ मेल नहीं खाता है।

इसके साथ ही क्राइम ब्रांच ने गैंग रेप और हत्या के इस मामले में अपनी जांच के दायरे को बढ़ा दिया है जिसके तहत उसने अब मेरठ कालेज में विशाल की तरफ से हस्ताक्षर करने वालों की भी तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस उसके तीन दोस्तों सचिन, नीरज और साहिल से फिर एक बार पूछताछ करना चाहती है। लेकिन उन्होंने उत्पीड़न की बात कहकर इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

17 मई को अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया और क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने का निर्देश दिया। लेकिन उसके साथ ही अपने आदेश में कहा कि “प्रत्येक गवाह के साथ उसके एक रिश्तेदार के रहने की इजाजत होगी लेकिन साथ ही उसने कहा है कि रिश्तेदार को जांच रूप में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। हालांकि वो देखी जा सकने वाली एक निश्चित दूरी पर खड़ा रहेगा।”

कोर्ट ने ये निर्देश देते हुए इस बात को भी साफ कर दिया कि इससे ये कतई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि जांच एजेंसी किसी तरह का उत्पीड़न कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि आज उन तीनों से सवाल जवाब किया जाएगा और इस दौरान कोर्ट के हर निर्देश का पालन होगा।

अधिकारियों को इस बात का अंदेशा है कि विश्वविद्यालय से किसी ने विशाल को इस बात की इजाजत दी थी कि जनवरी में हुई उसकी परीक्षा में उत्तर पुस्तिका पर कोई दूसरा लिख सकता है। क्योंकि उसकी ट्रेन जम्मू से देर से पहुंची थी। अधिकारी ने इस बात का भी आरोप लगाया कि आरोपी जानबूझ कर एक एटीएम में घुसा और उपस्थिति का प्रमाण जुटाने के लिहाज से एक कैमरे की ओर देखा।

क्राइम ब्रांच ने अपनी चार्जशीट में इस बात का जिक्र किया है कि विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों ने सांजी राम से घूस के तौर पर बड़ी रकम हासिल किया है।

चार्जशीट में कहा गया था कि “इस मामले में आगे जांच की जरूरत है क्योंकि संबंधित कालेज और विश्वविद्यालय से रिकॉर्ड जुटाने बाकी हैं....आगे जांच करने के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की जाएगी।”

बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में जिन आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गयी है विशाल उनमें से एक है। चार्जशीट में इस बात का भी दावा किया गया है कि इस अपराध के मुख्य साजिशकर्ता सांजीराम ने बच्ची के अपहरण को घुमंतू जाति को कठुआ इलाके से भगाने की योजना के मकसद से किया था। 

क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में आरोप लगाया था कि विशाल ने अपराध की घटना से अनुपस्थित होने का एक भ्रम पैदा करने की कोशिश की थी। जिसके लिए उसने न केवल रिकार्डों में छेड़छाड़ की बल्कि अपने पिता सांजीराम और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर झूठे प्रमाण भी बनाए।

इस पूरे मामले में 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है जिसमें एक नाबालिग बच्चा भी है जो इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक है। पिछले महीने उसकी जमानत याचिका को कोर्ट ने रद्द कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अब सुनवाई के लिए पठानकोट शिफ्ट कर दिया है। जो कठुआ से महज 30 किमी की दूरी पर है। इसकी अपील खुद पीड़ित के माता-पिता ने की थी।








Tagkathua rape murder vishal examination

Leave your comment