सांसद भी हो जा रहे हैं मॉब लिंचिंग के शिकार, बिहार में हुआ पप्पू यादव पर हमला

घटना-दुर्घटना , , शनिवार , 08-09-2018


madhepura-pappuyadav-bharatband-bihar-mujaffarpurattack

डॉ. लीना

पटना। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) संशोधन अधिनियम के विरोध में देश के सवर्ण संगठनों के आह्वान पर 6 सितंबर  के भारत बंद का बिहार में भी व्यापक असर का दावा किया जा रहा है। यह असर सवर्णों वाले क्षेत्र में देखा गया। हालांकि राजधानी पटना में बंद का कोई खास असर नहीं हुआ। जैसा कि हर बंद में होता है। समर्थकों ने पटना सहित अन्य जिलो में रेल रोका। जगह-जगह टायर जला कर आगजनी की। वैसे भी बंद के आह्वान को देखते हुए दूकानें बंद हो जाती है लेकिन पटना में इसका व्यापक असर नहीं दिखा, लेकिन जब बंद समर्थकों आये तो दुकानदारों ने दुकाने बंद कर दी। जब वे चले गये तो फिर खोल दिया। राजधानी पटना के अतिव्यस्त डाकबंगला चैराहे पर पहुंचे बंद समर्थकों ने आवागमन को पूरी तरह बाधित कर दिया। इसके अलावा राजधानी आयकर गोलंबर समेत कई प्रमुख सड़कों पर बंद समर्थकों ने टायर जलाकर मार्ग को अवरूद्ध कर दिया। 

भारत बंद के दौरान बिहार में खास बात यह रही कि मंडल आंदोलन के दौरान सवर्णों के लिए खौफ बने बाहुबली पप्पू यादव यानी आज के सांसद राजेश रंजन को मुजज्फरपुर में सवर्णों ने पीट डाला। मंडल आंदोलन के दौरान पप्पू यादव चर्चे में आये थे। उस समय वे पिछड़ों के मंडल आयोग के साथ खडे़ हुए थे और खूब दहाड़ा था उनकी दहाड़ से सवर्णों के बीच खौफ पैदा हो गया था। लेकिन आज सवाल उठा कि मंडल आंदोलन के समर्थन में दहाड़ने वाले पप्पू यादव आज इतने कमजोर क्यों हो गये कि उन पर हमला तक हो गया। इस हमले में पप्पू यादव को रुलाने वाले जिले में खास जाति का बाहुल्य है जो मंडल आंदोलन के दौरान पप्पू यादव की दहाड़ से परेशान हो गया था। पप्पू यादव पर हमला और उनके रोने की खबर का मीडिया में आना भी सवाल खड़े करता है।

6 सितंबर के सवर्णों के भारत बंद के दौरान सिर्फ पप्पू यादव हमले के शिकार नहीं हुए बल्कि जदयू के एक एससी नेता भी चपेट में आ गये। बेगूसराय से खगड़िया जाने के क्रम में जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक पर बंद समर्थकों ने हमला किया, जिसमें उन्हें चोट लगी। राजनीतिक गलियारे में सवर्णों के भारत बंद के दौरान बिहार में पप्पू यादव और श्याम रजक पर हमले के मायने खोजे जा रहे हैं।जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के मुखिया और मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव पर बिहार के मुजफ्फरपुर में भारत बंद के दौरान हमला हुआ। पप्पू यादव पर अज्ञात लोगों ने हमला किया। पप्पू यादव ने ट्वीट कर हमले की जानकारी देते हुए लिखा-

“नारी बचाओ पदयात्रा” में मधुबनी जाने के दौरान हमारे काफिले पर भारत बंद के नाम पर गुंडों ने हमला किया।कार्यकर्ताओं को बुरी तरह जाति पूछ-पूछकर पीटा गया। आखिर बिहार में कोई शासन प्रशासन है, या नहीं! सीएम नीतीश कुमार आप किस कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं?

बता दें कि पप्पू यादव को वाई  कटैगरी की सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने कहा, “मेरा गार्ड नहीं होता तो मुझे ये लोग मार देते। उन्होंने कहा कि मैंने एसपी को फोन किया। आईजी को फोन किया। सीएम मेरा फोन नहीं उठाए। सीएम के सचिव ने तो फोन उठाया भी। हमने कहा जान बचा लीजिए, हम फंस गए हैं, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली।” पप्पू यादव ने आपबीती बताते हुए एक वीडियो भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा हमें सभी जगह परेशान किया गया।  






 

 

 

 










Leave your comment