मीरा कुमार ने अरविंद केजरीवाल से मांगा समर्थन

राष्ट्रपति चुनाव , , रविवार , 02-07-2017


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव सत्तापक्ष और विपक्ष के खेमे में बंट गया है। दोनों पक्ष अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए देश के हर राजनीतिक दल से संपर्क साध रहे हैं। लेकिन इस सिलसिले में किसी ने दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी से समर्थन की मांग नहीं की है। राष्ट्रपति चुनाव में आम आदमी पार्टी की स्थिति अभी तक अछूत की बनी हुई है। चुनाव मैदान में उतरे दोनों घटक दल एनडीए और यूपीए ने आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से अलग-थलग रखने की कोशिश करते रहे। इससे आम आदमी पार्टी काफी दुविधा में फंसी हुई थी कि बिना मांगे वह अपना समर्थन किसको दे। लेकिन राजनीति में एक कहावत आम है कि यहां कोई किसी का स्थाई शत्रु और मित्र नहीं होता। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार ने आम आदमी पार्टी को इस दुविधा से उबार दिया है। सू़त्रों का कहना है कि कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार ने अरविंद केजरीवाल को फोन कर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन मांगा है।  

मीरा कुमार के फोन का असर 

सूत्रों का कहना है कि मीरा कुमार की पहल का असर भी दिखने लगा है। आम आदमी पार्टी ने अभी औपचारिक रूप से मीरा कुमार के समर्थन देने की घोषण नहीं की है। लेकिन इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व सहमत है कि उसका समर्थन मीरा कुमार को किया जाए। 17 जुलाई को आम आदमी पार्टी ने अपने राजनीतिक मामलों की समिति पीएसी की बैठक बुलाई है। बैठक में औपचारिक रूप से मीरा कुमार के समर्थन के फैसले पर मुहर लगने की संभावना है। 

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि भले ही कांग्रेस हाईकमान ने सीधे तौर अरविंद केजरीवाल से समर्थन नहीं मांगा, लेकिन मीरा कुमार बिना हाईकमान के इशारे से ऐसा कदम नहीं उठा सकती हैं। मीरा कुमार की यह पहल कांग्रेस के दूरगामी राजनीति का संकेत देती है। ऐसा कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी भविष्य में विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बन सकती है। 

मीरा कुमार के पक्ष में क्यों हैं अरविंद केजरीवाल 

आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा जरूर लेगी। उनके अनुसार चूंकि दो ही उम्मीदवार हैं। इसमें एक उम्मीदवार एनडीए का है और दूसरा उम्मीदवार यूपीए का है। भाजपा की तरफ से एनडीए के उम्मीदवार बनाए गए रामनाथ कोविंद को समर्थन करने की तो कोई गुंजाइश ही नहीं है। इसलिए पार्टी के पास केवल मीरा कुमार को समर्थन करने का विकल्प बचता है। आम आदमी पार्टी के पास दिल्ली में 65 तो पंजाब में 21 विधायक और पंजाब में 4 सांसद भी हैं। इसलिए पार्टी के पास राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर 9 हजार के करीब वोट बनते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में आम आदमी पार्टी का राजनीतिक रुख और संख्या बल काफी महत्व रखता है।  






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