जिंबाब्वे में सैन्य तख्ता पलट, उपनिवेश विरोधी आंदोलन के नायक और राष्ट्राध्यक्ष राबर्ट मुगाबे हिरासत में

देश-दुनिया , , बृहस्पतिवार , 16-11-2017


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जनचौक स्टाफ

हरारे। जिंबाब्वे में सैनिक तख्ता पटल हो गया है। सेना ने 93 वर्षीय दुनिया के सबसे पुराने राष्ट्राध्यक्ष और उपनिवेश विरोधी लड़ाई के योद्धा राबर्ट मुगाबे को अपनी हिरासत में लिया है। सेना ने कहा है कि उसने मुगाबे और उनके परिवार को सुरक्षित हिरासत में रखा हुआ है। और उसका मकसद अपराधियों का सफाया है। मुगाबे 1980 में स्वतंत्र होने के बाद से जिंबाब्वे के राष्ट्रपति हैं।

राष्ट्रीय ब्राडकास्ट स्टेशन पर कब्जा करने के बाद एक जनरल टेलीविजन पर सामने आया और उसने सत्ता पर कब्जे की घोषणा की। हरारे के मुख्यभाग में स्थित केंद्रीय दफ्तरों के आस-पास की सड़कों को ब्लाक कर दिया गया है। वातावरण बिल्कुल शांत है।

इस बीच मुगाबे ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा से फोन पर बात की है। उन्होंने उन्हें बताया कि वो अपने घर में नजरबंद हैं लेकिन ठीक हैं। अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि क्या सैन्य तख्ता पलट का लक्ष्य मुगाबे के शासन को खत्म करना है। हालांकि बताया जा रहा है कि उनका मुख्य लक्ष्य मुगाबे की 41वर्षीय पत्नी ग्रेस को उनका उत्तराधिकारी बनने से रोकना है।

वो सत्ता में रहते हैं या फिर चले जाते हैं ये भविष्य की बात है लेकिन एक बात तय हो गयी है कि इसके साथ ही देश पर मुगाबे के वर्चस्व की समाप्ति हो गयी है। औपनिवेशिक कब्जे से छुटकारा पाने के बाद से मुगाबे सत्ता में बने हुए थे। बहुत सारे अफ्रीकी अभी भी मुगाबे को स्वतंत्रता के नायक के तौर पर देखते हैं। लेकिन पश्चिम मुगाबे को देश को बर्बाद करने वाले एक शासक के तौर पर पेश करता है।

पिछले हफ्ते मुगाबे ने अपने उप राष्ट्रपति को हटा दिया था। और मगरमच्छ के उपनाम से जाने जाने वाले इमर्सन मंगगवा को उसकी जगह कुर्सी पर बैठाया था। जनरल मानते हैं इस पहल के जरिये मुगाबे पत्नी ग्रेस के लिए सत्ता का रास्ता साफ करना चाहते थे। सेना ने सरकार के वित्तमंत्री को भी हिरासत में लिया हुआ है।






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