राष्ट्रीय शर्म का विषय है मुजफ्फरपुर की घटना

त्रासदी , , मंगलवार , 31-07-2018


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गिरीश मालवीय

मुजफ्फरपुर की घटना राष्ट्रीय शर्म का विषय है। जिस तरह से इस घटना की नयी-नयी परतें खुल रही हैं वह दिखा रहा कि कुछ लोग मानवता को शर्मसार करने में जी जान से लगे हुए हैं, एक या दो बच्चियों के यौन शोषण की बात नहीं है। खुद पुलिस का मानना है कि 34 बच्चियों के साथ यह घिनौना कृत्य हुआ है।

और यह कोई निजी शेल्टर होम नहीं था। यह सरकारी शेल्टर होम था ब्रजेश ठाकुर कोई मुफ्त की सेवा नहीं कर रहा था। बिहार सरकार हर साल ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ को सरकारी मदद के तौर पर 1 करोड़ रुपए देती थी। बीबीसी की एक खबर के अनुसार, ब्रजेश ठाकुर को बालिका गृह के अलावा वृद्धाश्रम, अल्पावास, खुला आश्रय और स्वाधार गृह के भी टेंडर मिले हुए हैं। ब्रजेश ठाकुर को अकेले बालिका गृह के लिए ही हर साल 40 लाख रुपए मिलते थे। इतना सब होने के बाद भी बिहार के सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा इस एनजीओ को ठीक एक महीने बाद एक और सरकारी प्रोजेक्ट का ठेका दे दिया गया था।

इन ठेकों को हासिल करने में उसके द्वारा संचालित अखबार प्रातः कमल की विशेष भूमिका नजर आती है। ब्रजेश ठाकुर का अख़बार प्रात: कमल भी औरतों के शोषण और उत्पीड़न से लेकर उनकी उपलब्धियों से जुड़ी खबरों से भरा रहता था। ब्रजेश ठाकुर बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार है। उसके दो अखबार और हैं जिसमें एक अंग्रेजी का भी है।

उसके तीनों अखबार प्रात: कमल, News Next और हालात-ए-बिहार के साथ ही बालिका गृह का भी संचालन एक ही बिल्डिंग से हो रहा था। जो ब्रजेश ठाकुर के घर से सटी हुई है। तीनों ही अखबारों को बिहार सरकार की ओर से विज्ञापन मिलते हैं वह दो बार विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। जाहिर है उसके सम्पर्क राज्य के सत्ताधारी दल से जरूर होंगे तभी उसे इतनी अधिक सुविधाएं हासिल थीं।

ब्रजेश ठाकुर ने इस आश्रय स्थल को देह-व्यापार का केन्द्र बना दिया था जिस तरह के किस्से अब बाहर आ रहे हैं वो इंसान के भेष में हैवान बने लोगों की असलियत बता रहे हैं। नशे की दवाई तो छोड़िए अब आश्रय स्थल में अबॉर्शन रूम का भी पता चला है। लड़कियों को होटलों में भी भेजे जाने की बात सामने आ रही है।

वाकई इससे ज्यादा घृणित घटना आज तक नहीं सुनी गयी होगी जब छोटी बच्चियों के आश्रय लेने के स्थान को ही जिस्मफरोशी का अड्डा बना दिया गया था।

(गिरीश मालवीय अलग-अलग विषयों पर लिखते रहते हैं। आप आजकल इंदौर में रहते हैं।)








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monu :: - 07-31-2018
up ke hamirpur sehar me bjp dalit MLA manisha anuragi ko mandir me parvesh karne ke bad murthi ko ganga jal se dhoya gya, aakhir kab tak bjp me reserve seat se chune gye jan pratinidhi apna tyagpatra is party se dege, sayad ye loh us din ka intjaar kar rahe hai jab inke saath manusmriti me likhe huey pravdaan ke saman inki JIHWA OR KAANO ME SISHA pigla kar bhar diya jayega. sharm aati hai ese netao par jo kewal or kewal apne niji swartho ke liye savidhan ko khatm karne bali party, desh ka sohard bigadne wali party ke tukdo par pal rahe hai. " kisi ne sahi kha hai ---- "har waqt or har samy me ek jaichnad or ek vibishan hota hai " YE SAARE BJP KE MP MLA 21 VI SADI KE JAICHAND OR VIBISHAN HAI NAHI TO BJP KI ITNI TAKAT NAHI HAI KI SC ST KE MP MLA HONE KE BAD BHI IN VARGO PAR ATYACHAR OR INKE DR B . R AMEDKAR DWARA APNA JEEWAN LGA KAR DIYE GAYE SAVIDAHNIK ADHIKARO KO KHATM KAR SAKE. JAB BHI 2014-2020 TAK KA ITIHAAS KA LEKHAN LIYA JAAYEGA IN JAICHANDO OR VIBISHANO KE RUP ME YAAD KIYA JAYEGA. BACHPAN ME CHADNI BAKRI KE EK KAHANI THI KO BO BAKARI SAARI RAAT APNE CHOTE SE MEMNE KO BHEDIYO SE BACHANE KE LIYE LADI OR APNI JAAN PAR KHEL GYI . HUMARE MP MLA KO IS KAHANI SE SABK LENA CHAAIYE. EK TARF DUSRI PARTYO KE SAMNYA VARG KE MP MLA JO BJP ME NAHI HAI BO PRTY LINE SE BAHAR JAKAR BJP KE FAVOR ME RAJNITI KAR RAHE HAI OR HUMARE MP MLA OR CHUTBHIYA NETA JINKI (SPINECODE) REED KI HADDI HI NAHI BACHI JO APNE HITO SE UPAR SAVIDHAN OR APNE VARGO KE LIYE TYAG KARE OR APNI AAWAJ BULAND KARE. JAB TAK ESE NETAO KO MANUFACTURE KARNE BALI FACTORY SMAPT NAHI HOGI ESE JAICHAND OR VIBISHAN PAIDA HOTE RAHEGE. IN NETAO KA JAMEER MAR CHUKA HAI