वो 8 काम जो सरकार कर सकती है लेकिन नहीं कर रही!

मुद्दा , , मंगलवार , 08-01-2019


pm-modi-reservation-quota-private-public-sawarna

रवींद्र पटवाल

अगर आपके परिवार की आय 8 लाख रूपये तक है, और आप ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, मुस्लिम, ईसाई, सिख या जैन हैं तो आपको 10% कोटा में आरक्षण मिलेगा। सरकारी नौकरी अब है नहीं, यह दूसरी बात है। अब देखते हैं, प्रश्न के दूसरे पहलू पर। आज और कल अर्थात 8 और 9 जनवरी को देश के 30 करोड़ संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूर और कर्मचारी राष्ट्रीय हड़ताल पर हैं। उनकी सबसे पहली मांग ही यह है कि उन्हें 7th pay commission में निर्धारित न्यूनतम वेतन 18000 रूपये की सरकार गारंटी करे, जो सालाना 2.16 लाख होती है।  इन 30 करोड़ में कम से कम 28 करोड़ की आमदनी 2 लाख सालाना से कम है। उसी तरह देश की 55% आबादी जो खेती पर निर्भर है का 80% हिस्सा इसी श्रेणी या इससे बदतर हालात में रहता है।

यह 10% आरक्षण जिन्हें मिल रहा है, इस स्कीम में 4 लाख और 8 लाख के आय वालों को ही 90% मिलने जा रहा है। यानि बाकी का 40% अनारक्षित और इस 10 में से 9 नौकरी वो ही झटकेंगे जो मध्य वर्ग और सम्पन्न वर्ग में पहले से हैं। खुद सोचिये और देखिये। और एक बात और चुनावों में बुरी तरह हार की आहट और सपा-बसपा के भी गठबंधन के कारण अफरा तफरी में एक दिन पहले कैबिनेट में प्रस्ताव और अगले दिन लोकसभा और राज्यसभा में पास कराने की हड़बड़ाहट जिस तरह की गई है, उससे एक बात साफ़ है। "ये लोग कुछ भी प्रस्ताव ला सकते हैं, और संविधान में बदलाव कर कल से अगर उसे लागू करा सकते हैं तो ये अभी तक- 

1. हर 18 साल से ऊपर के नौजवान/महिला को रोजगार का अधिकार मौलिक अधिकार भी ला सकते हैं। 

2. रोजगार मुहैया न होने की स्थिति में हर व्यक्ति को कम से कम 15000 रूपये भत्ता का बिल पास करा सकते हैं। 

3. देश में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से उत्पन्न संपत्ति पर सामूहिक स्वामित्व के तहत वह आय सबके बीच बांट सकते हैं। 

4. बैंकों से कर्ज लेकर उन्हें न चुकाने वाले पूंजीपतियों की सम्पत्ति कुर्क कर उन्हें जेल भेज कर इस तरह के अपराध से देश को मुक्ति दिला सकते हैं। 5. हर बच्चे को मुफ्त और क्वालिटी शिक्षा की गारंटी करा सकते हैं। 

6. ग्रामीण और शहरी इलाके में मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा और हर जिले में 200 बिस्तर वाले अस्पताल जिसमें सर्जरी से लेकर कई विशिष्ट डिपार्टमेंट हों,करा सकते हैं।

7. महिलाओं को संसद और राज्यों में लंबित कई दशकों से 33% आरक्षण का बिल पास करा सकते हैं।

8. लोकपाल, सीबीआई, ED आदि संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से चलने दे सकते हैं। 

ये वे सब कर सकते हैं, लेकिन आज तक हमें चोर और लुटेरे ही सत्ता में बैठे मिले हैं। इन्हें धकियाते रहिये, इन्हें सर पर बिठाएंगे तो ये आपको लात मारते हैं। और सिर्फ चुनाव आने पर आपको सर माथे पर लेते हैं, लेकिन वो भी ऐसा नियम बनाते हैं, कि आप फिर धोखे में आ जाते हैं। इन्हे बराबर लात मारते रहने की जरुरत है। और ऊपर लिखे अधिकार के लिए बिना मारते रहना जरुरी है, क्योंकि यह सब वे करते हैं, तो हमारे आपके और इस देश के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से ही तो।

इनके पास क्या था, इनके पास क्या था जो ये आपको देते। या इस देश में बड़े बड़े क्रोनी पूंजीपति के पास क्या है जो वो देगा? सिवाय आपके ही सेविंग अकाउंट और म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा उधार लेकर? सबसे आखरी बात अब आरक्षण को सरकारी नौकरियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में भी लागू किया जाए और कुल 60% आरक्षण हो। लेकिन सवर्ण और अन्य धर्मों के लिए इनकम सीमा 4 लाख से ऊपर किसी भी कीमत पर न हो।

(रवींद्र पटवाल स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं और आजकल दिल्ली में रहते हैं।)








Tagpmmodi reservation quota publicprivate sawarna

Leave your comment