हर नुकसान की कीमत पर सत्य के साथ खड़े हुए ओलेंदे! लेकिन युधिष्ठिर के “वंशजों” ने ओढ़ ली झूठ की चादर

मुद्दा , , शनिवार , 22-09-2018


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रविंद्र पटवाल

बचपन से मुझे फ़्रांस ने सम्मोहित किया है। अपने देश के बाद अगर किसी देश के बारे में मैंने कल्पना की है रहने, देखने और जीने की तो उस देश का नाम फ़्रांस है।

फ़्रांस को दुनिया में सबसे सभ्य देशों की गिनती में अव्वल दर्जा दिया जाता है। 1789 की फ़्रांसीसी क्रांति जिसने दुनिया को आजादी, समानता और बंधुत्व का नारा दिया to the people, by the people and for the people तब से अब तक सबसे लोकप्रिय सपना आज भी दुनिया में बना हुआ है।

इसी साल फ़्रांस की फुटबाल टीम ने विश्व कप जीता, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका रही खुद फ़्रांस के उस समाज की, जिसने पूरी दुनिया की संस्कृति, लोगों को अपनाया और उन्हें सम्मान के साथ अपने समाज में जगह दी।

आज एक बार फिर फ़्रांस ने वह कर दिखाया जो बाकी दुनिया के देशों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं।

फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांदे ने अपने देश के लाभ की चिंता नहीं की, उन्होंने उस कम्पनी के बारे में नहीं सोचा जो मरने के कगार पर थी। उस कम्पनी के बंद होने से हजारों फ्रेंच इंजीनियर बेरोजगार हो जाते। फ्रांस को हजारों करोड़ का नुकसान होने जा रहा है। 

हम महाभारत को खूब घोंटते हैं। उसमें युधिष्ठिर नामक पांडव पुत्रों में वे सबसे ज्येष्ठ पुत्र थे और उनके बारे में प्रसिद्ध था कि उनके जैसा सच्चाई की राह पर चलने वाला दूसरा कोई नहीं। राजा हरिश्चंद्र के बारे में भी यही कथा है। लेकिन हमारे समाज में जो लगातार ऊपर से झूठ प्रपंच की बौछार पड़ती जाती है, उसने हमारे चरित्र को इतना कमजोर और कायर बना दिया है कि अगर राह चलते 20 रुपया गिरा मिल जाय तो उसे झट जेब में रख लेंगे और इसका जिक्र तक नहीं करेंगे। 100 में 80 लोगों का चरित्र आज ऐसा हो गया है।

लेकिन उसके लिए जितना वे दोषी हैं, उससे कई गुना वे दोषी हैं जिन्होंने इस समाज का ठेका ले रखा है। मुंह में राम, बगल में छुरी लेकर अपने फायदे के लिए हमारे धर्म के ठेकेदार झूठ पर झूठ बोलते हैं।

हमारे पूज्य श्री श्री रविशंकर आज कहां हैं जिन्होंने कहा था कि मोदी लाओ और डॉलर 60 से 40 हो जायेगा। कहां हैं बाबा रामदेव जो कहते थे मोदी लाओ, पेट्रोल के दाम 70 से 40 रूपये हो जायेंगे?

आज भी हम कहते कुछ हैं करते ठीक उल्टा हैं।

इसीलिए फ़्रांस और फ़्रांस का समाज मुझे प्रिय है।

जिसे इतना बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा वह तो एक इंटरव्यू में सवाल पूछने पर बता रहा है कि क्या करते धंधा बचाने के लिए हमने भारत की कम्पनी अम्बानी के नाम पर सहमति देनी पड़ी, क्योंकि भारत सरकार ने यही नाम आगे किया था।

और दूसरी तरफ हमारी आज की वर्तमान सरकार है जो पिछले एक साल से एक के बाद एक सफ़ेद झूठ बोल रही है।

किसलिए?

देशहित के लिए? 

देश की सुरक्षा के लिए?

भारत की सेना की हिफाजत के लिए?

नहीं।

क्योंकि एक दोस्त पूंजीपति जो जम कर चंदा देता है, अगर उसे बचा लिया तो उसके ऊपर जो 45000 करोड़ का बकाया है बैंकों का, और वो नीलाम होने वाला है, उसे राहत मिलेगी।

अनिल अम्बानी के पास हवाई जहाज तो छोड़िये, जो पिता की मिली हुई कम्पनी हैं, उन्हें बचाने और बनाये रखने का सलीका भी नहीं है। एक फोन कम्पनी तो बचा नहीं सके। 2010 में दादरी में 10000 मेगावाट का पावर प्लांट के शिलान्यास के बाद कोई उस जगह घूरने भी नहीं गया,वे दुनिया के आधुनिकतम हवाई जहाज देश को देंगे।

लेकिन मोदी सरकार ने देश से झूठ बोला।

टैक्स को जम कर वसूला।

पेट्रोल और डीजल पर मनमोहन सरकार के बाद अब तक 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई।

पर आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब तेल की कीमत बढ़ने लगी तो एक बार भी कम करने पर रोना आ रहा है।

क्यों?

क्योंकि अनिल अंबानी सरीखे मित्रों का काम जो कराना है।

मेरी समझ से सब कुछ एक्सपोज़ हो चुका है।

नैतिकता का जो आवरण ओढ़ा हुआ था उसकी चादर एक ईमानदार देश के ईमानदार पूर्व राष्ट्रपति ने अपने देश का नुकसान सहते हुए भी तार तार कर दिया है।

युधिष्ठिर और हरिश्चंद्र के वंशज अभी भी इस संकट के लिए पापनाशिनी गंगा मैया की गोद में डुबकी लगाकर सारे पापों से मुक्ति के उपाय पर गहन विचार-विमर्श करने में व्यस्त होंगे, क्योंकि हमे शर्म तो कभी आती नहीं।

(रविंद्र पटवाल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और तमाम विषयों पर अपनी बेहतर समझ के लिए जाने जाते हैं। आप आजकल दिल्ली में रहते हैं।)

 










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Ajeet :: - 09-22-2018
Sabse bade Sharm ki bat ye hai ki humare Desh ka pm modi khud chor hai. Usme Apne dost ke fayde ki liye national security ke nam par scam Kiya hai Or media sala madarchod chup bitha hai

ASHA DINKAR SANGODE :: - 09-22-2018
no.1 jhhootha, actor, besharm chunav prachar ke samay mahilaon ki sharm na rakhate huye "inch me size " slogan bola shan se , ye tabhi samajh aa gaya tha ki khud ki besharmi se poore desh ko bhi .....