महिला के साथ कुलपति की अश्लील बातचीत पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हंगामा, पूर्व अध्यक्ष रिचा के साथ हुई बदसलूकी

मुद्दा , इलाहाबाद, बुधवार , 19-09-2018


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जनचौक ब्यूरो

इलाहाबाद। महिला साहित्यकार और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच अश्लील बातचीत का मसला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर कल इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जोरदार हंगामा हुआ है। जिसमें पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने वीसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस द्वारा छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की भी खबर है। बताया जा रहा है कि कुछ छात्र घायल भी हो गए हैं। इस बीच, विश्वविद्यालय में होने वाले छात्रसंघ चुनाव ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है। जिसके चलते तमाम छात्रसंगठन और नेता भी अपने-अपने तरीके से इसका फायदा लेने में जुट गए हैं। रिचा ने इस पूरे मसले पर कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।

ये पहला ऐसा मुद्दा है जिस पर एबीवीपी और समाजवादी छात्रसंगठन दोनों एक साथ दिख रहे हैं। कल दोनों संगठनों के प्रमुख नेताओं ऋचा सिंह, रोहित मिश्रा, दिनेश यादव, अवनीश यादव और निर्भय द्विवेदी ने एक साथ वाइस चांसलर रतनलाल हांगलू के विरोध में प्रदर्शन किया। इन नेताओं ने उपकुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर सेंट्रल लाइब्रेरी के सामने मेन गेट को जाम कर दिया था।

गौरतलब है कि कथित तौर पर कुछ ऑडियो वायरल हुए हैं जिन्हें कुलपति से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसमें वो एक महिला से बातचीत करते सुने जा सकते हैं। ऋचा सिंह और रोहित मिश्रा का कहना है कि यह पद का बेजा इस्तेमाल कर महिला को फेवर देने का मामला है। यह सरासर अपने रसूख का बेजा इस्तेमाल करना है। वो जोर देते हैं कि हांगलू के ऊपर अतीत में भी इस तरह के इल्जाम लगते रहे हैं। आगे ऐसे और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि कुलपति ने ऑडियो को फर्जी बताया है। विश्वविद्यालय के पीआरओ चितरंजन दास ने कहा कि अगर आडियो सही भी है तो बातचीत में कुछ भी ऐसा आपत्तिजनक नहीं है। यह दो व्यक्तियों की सहमति का मामला है। अभी तक पीड़ित महिला सामने नहीं आयी है।

लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आ गया जब प्रॉक्टर और टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसेवक दुबे ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि इसके पहले भी वो इस्तीफ़ा देते रहे हैं मगर अबकी बार वो वापस आने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। प्रोफ़ेसर दुबे अब तक कुलपति के साथ मजबूती से हर झंझावात में खड़े रहे हैं। मगर इस मुश्किल में उन्होंने भी हांगलू से पल्ला झाड़ लिया है।

इसी मामले में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक और नया बखेड़ा खड़ा हो गया। एक उम्मीदवार अपनी ताकत के प्रदर्शन के तहत पैदल मार्च कर रहे थे। पूर्व महामंत्री और दबंग छात्रनेता अभिषेक सिंह माइकल उनके समर्थन में मार्च में आये थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने अवनीश यादव और रोहित मिश्रा के साथ हाथापाई की और ऋचा सिंह को देख लेने की धमकी दी। इन छात्र ने नेताओं ने आरोप लगाया है कि अभिषेक सिंह वीसी के मोहरे हैं और आंदोलन को डाइल्यूट करने के लिए उसमें हिंसा के तत्व ला रहे हैं। और उनके खिलाफ मारपीट करने का मुकदमा दर्ज करवाया है। रिचा सिंह ने तो इस तरह का भी आवेदन दिया है कि अगर उन्हें कुछ होता है तो उसके लिए वीसी जिम्मेदार होंगे।

 इस बीच रिचा सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पुराने मामले को खोजकर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है। पोर्टल स्त्रीकाल के मुताबिक  विश्वविद्यालय के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) चितरंजन कुमार द्वारा ऋचा सिंह पर छात्रसंघ का अध्यक्ष रहने के दौरान रुपए गबन करने का आरोप लगाया गया है। वहीं सपा के छात्रसंगठन से निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव के खिलाफ़ दूसरों से अपनी कांपियां लिखवाने का आरोप पीआरओ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के द्वारा लगाया गया है। लोगों का कहना है कि अविनाश यादव और ऋचा सिंह पर यदि ऐसा कोई आरोप था तो यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने पहले क्यों कोई कार्रवाई नहीं की? जाहिर है ये सब कुलपति पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बदले की भावना से की जा रही कार्रवाईयां हैं। 








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