राबर्ट्सगंज में आरएसएस के फर्जीवाड़े को उजागर करने वाले पत्रकार और पोर्टलों के खिलाफ एफआईआर

मीडिया की आज़ादी , वाराणसी, बुधवार , 17-01-2018


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जनचौक ब्यूरो

वाराणसी। देश और विभिन्न राज्यों की सत्ता पर काबिज भाजपा और उसके मातृ संगठन आरएसएस के फर्जीवाड़ों और घोटालों को उजागर करने वाले पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भी एक ऐसा मामला सामने आया है। जिले के रॉबर्ट्सगंज संस्कृत माध्यमिक विद्यालय और राष्ट्रीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालय तरावां में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की अवैधानिक नियुक्तियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थानीय इकाई के पदाधिकारियों की भूमिका उजागर करने वाले दो पत्रकारों शिव दास और अश्विनी कुमार सिंह समेत वनांचलएक्सप्रेस.कॉम, मीडियाविजिल.कॉम और नवजीवनइंडिया.कॉम पर प्रकाशित खबरों का हवाला देकर भारतीय दंड संहिता की धारा-506 (धमकी देने) और आईटी एक्ट की धारा-66 के तहत प्राथमिकी दर्ज  की गई है। गत वर्ष 9 दिसंबर को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दर्ज  यह एफआईआर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोनभद्र इकाई के सह विभाग कार्यवाह हरिश्चंद्र त्रिपाठी की तहरीर पर दर्ज की गई है।

हरिश्चंद्र त्रिपाठी द्वारा गत 6 दिसंबर को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को दिये गए तहरीर में आरोप लगाया गया है कि “वेबपोर्टल मीडिया विजिल, वनांचलएक्सप्रेस.कॉम, नवजीवनइंडिया.कॉम सहित अन्य पोर्टलों पर शिव दास एवं अश्वनी कुमार सिंह द्वारा थाना रॉबर्ट्सगंज में दर्ज मु.अ.स.-706/17 की आड़ लेकर मेरे बारे में झूठी और अनाप शनाप बातें लिखकर समाचार प्रसारित किया जा रहा है और फेसबुक, ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया माध्यमों से भी मेरे बारे में दुष्प्रचार किया जा रहा है। मु.अ.सं.-706/17 थाना रॉबर्ट्सगंज में मेरा नाम न होने के बाद भी मुझे भय में डालकर, धारा-376/377 आईपीसी एवं एससी/एसटी एक्ट का झूठा आरोप लगाकर फंसाने की धमकी दिया जा रहा है”।

इस संबंध में वनांचलएक्सप्रेस.कॉम पर “RSS की फर्जी नियुक्तियों का खेल, पूर्व DIOS और दो पूर्व पत्रकारों समेत 12 पर एफआईआर दर्ज” शीर्षक से खबर लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार शिव दास से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा, “संबंधित खबर पुलिस में दर्ज एफआईआर, सुबूतों और तथ्यों के आधार पर लिखी गई है। उपलब्ध दस्तावेज और शिकायतकर्ताओं द्वारा शासन-प्रशासन को लिखे गए पत्र रॉबर्ट्सगंज संस्कृत महाविद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोनभद्र इकाई के सह विभाग कार्यवाह हरिश्चंद्र त्रिपाठी की नियुक्ति को सवालों के घेरे में खड़ा करते हैं। इतना ही नहीं, रॉबर्ट्सगंज संस्कृत माध्यमिक विद्यालय और राष्ट्रीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालय तरावां में प्रधानाचार्य, सहायक अध्यापकों और लिपिक की अवैधानिक नियुक्तियों में हरिश्चंद्र त्रिपाठी की संलिप्तता भी इंगित होती है।”

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दर्ज मु.अ.स.-706/17 में हरिश्चंद्र त्रिपाठी की भूमिका का उल्लेख करते हुए शिव दास ने कहा, “गत 2 दिसंबर को खबर लिखते समय जब मैंने वर्जन लेने के लिए हरिश्चंद्र त्रिपाठी के मोबाइल नंबर 9415304238 पर फोन किया तो उन्होंने कहा कि ठीक है जो होगा आ ही जाएगा, सिद्ध हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन मु.अ.स.-706/17 में नामजद आरोपी कौशलेंद्र पांडेय को पकड़ा दिया। यह इस ओर इशारा करता है कि हरिश्चंद्र त्रिपाठी का कौशलेंद्र पांडेय की नियुक्ति में कहीं न कहीं हाथ है। इतना ही नहीं, हरिश्चंद्र त्रिपाठी जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से दर्ज कराये मुकदमे में शामिल आरोपियों कौशलेंद्र पांडेय और मनोज चतुर्वेदी के करीबियों में से हैं। यह एक फोटो से समझा जा सकता है।”

जनचौक ने जब पत्रकार शिव दास से हरिश्चंद्र त्रिपाठी के धमकी देने और फिरौती मांगने के आरोपों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “सोनभद्र के पत्रकार अश्विनी कुमार सिंह से मिली सूचनाओं और दस्तावेजों के आधार पर मैंने गत 2 दिसंबर को ही खबर लिखकर वनांचलएक्सप्रेस.कॉम, मीडियाविजिल.कॉम और नवजीवनइंडिया.कॉम को प्रेषित कर दिया। किन्हीं कारणों से खबर उस दिन प्रकाशित नहीं हो पाई। उस वक्त मैं वाराणसी में था और 14 दिसंबर तक वाराणसी में ही रहा। फिर रॉबर्ट्सगंज जाकर फिरौती मांगने या धमकी देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। रही बात मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की तो वर्जन लेते समय हरिश्चंद्र त्रिपाठी और कौशलेंद्र पांडेय से कुल तीन मिनट 16 सेकंड तक बात हुई जिसकी रिकॉर्डिंग मेरे पास है और इसकी एक प्रति आपको भेज रहा हूं। इसके अलावा हरिश्चंद्र त्रिपाठी से मेरी आज तक कोई बात नहीं हुई है।”

(वनांचल एक्सप्रेस से साभार)






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