एसएससी के जिस चेयरमैन के कार्यकाल में हुआ पेपर लीक, उसे मिला एक साल के विस्तार का पुरस्कार

मुद्दा , नई दिल्ली, शनिवार , 19-05-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। एसएससी के चेयरमैन असीम खुराना को केंद्र सरकार ने एक साल का कार्यकाल विस्तार दिया है। इसके लिए न केवल नियमों में बदलाव किया गया है बल्कि इस पद के लिए जरूरी ऊपरी आयु सीमा को भी बढ़ा दी गयी है। आपको बता दें ये वही एसएससी है जिसमें व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों ने पूरे देश में महीनों आंदोलन किया था। हालांकि उनकी सारी मांगें पूरी नहीं हुई थीं लेकिन सीमित सीबीआई जांच में ही कई लोग पकड़े गए थे।

खास बात ये है कि खुराना आईएएस के गुजरात कैडर से हैं और दिसंबर 2015 में उनकी इस पद पर नियुक्ति हुई थी और 62 साल पूरा होने के बाद इसी 12 मई को उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था। लेकिन उससे पहले ही कार्मिक प्रशासन विभाग ने एक नोटिस जारी कर बताया कि खुराना के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। आदेश में लिखा गया है कि “पुनः रोजगार के आधार पर 12 मई 2018 से आगे अगले आदेश तक एक साल के कार्यकाल के लिए” एसएसी के चेयरमैन पद पर उनकी सेवा को विस्तारित किया जाता है।

इस नोट में एसएससी के नियमों में बदलाव को भी साफ कर दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि “एसएससी के चेयरमैन की पोस्ट को हासिल करने के लिए ऊपरी आयु सीमा 65 साल होनी चाहिए।”

आपको बता दें इस साल की 17 से 22 फरवरी के बीच संपन्न कंबाइड ग्रेजुएट लेवेल (टायर-2) परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। पूरे देश के स्तर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार मामले में सीबीआई जांच बैठाने के लिए मजबूर हो गयी थी। इसके साथ ही मामले की जांच होने तक एसएससी ने नतीजे पर रोक लगा दी थी।

इस परीक्षा में तकरीबन 30.26 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जबकि भरे जाने के लिए पद केवल 8000 थे। जिन्हें 35 अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त होना था।

पेपर लीक की खबर आने के बाद इलाहाबाद से लेकर दिल्ली तक देश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे। बताया जाता है कि पेपर को लीक कराने में बाकायदा एक रैकेट काम कर रहा था जिसमें कई कोचिंग सेंटरों के मालिक शामिल थे। यहां तक कि मामले में एसएससी के एक पूर्व चेयरमैन तक के लिप्त होने की बात सामने आयी थी।  










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