शर्मनाक! दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में आज भी जारी है छुआछूत

विशेष , , शुक्रवार , 12-01-2018


untouchability-and-discrimination

जनचौक स्टाफ

सर्वे रिपोर्ट : दिल्ली, यूपी, राजस्थान में दलितों और महिलाओं के साथ भेदभाव

नई दिल्ली। कहने को तो भारत दिन प्रतिदिन विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 21वीं सदी के भारत में गरीबी, अशिक्षा, जातीय-नस्ली भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक विषमता पर एक हद तक काबू पा लिया गया है। लेकिन ये सब बातें सरकारी हैं। देश के सुदूर क्षेत्रों की बात तो अलग है दिल्ली जैसे अति आधुनिक शहर और देश की राजधानी में दलितों और महिलाओं को छुआछूत और भेदभाव का शिकार बनना पड़ रहा है। यह बात कोई हवा-हवाई नहीं बल्कि एक सर्वे की रिपोर्ट में सामने आई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक  राजस्थान और उत्तर प्रदेश की दो तिहाई ग्रामीण आबादी सामाजिक भेदभाव और छुआछूत का दंश झेल रही है। ऐसे क्षेत्रों में दलित और गैर दलित के बीच होने वाले प्रेम विवाह सामाजिक तनाव का कारण बनते हैं। 

 

सर्वे के अनुसार राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में 50 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 48 फीसदी और दिल्ली में 39 फीसदी दलितों और महिलाओं ने छुआछूत और गैर बराबरी के सवाल पर जवाब दिया कि उन्हें भेदभाव भुगतना पड़ता है। महिलाओं को परिवार में भी भेदभाव का शिकार होना पड़ता है। 

सर्वे के मुताबिक राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में 66 फीसदी और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 64 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें छुआछूत की कुरीति का सामना करना पड़ता है।

 

यह सर्वे सोशल एटीट्यूड रिसर्च इंडिया का है। संस्था ने फोन से दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दलित और महिलाओं से होने वाले भेदभाव के संदर्भ में सवाल पूछा था। कुल 8,065 पुरुष और महिलाओं से यह सवाल किया गया। यह सर्वे एक पेपर बेस्ड था। 

अंग्रेजी अख़बार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक यह सर्वे 6 जनवरी को इकोनॉमिक एंड पोलिटिकल वीकली अखबार में प्रकाशित हुआ था। इस सर्वे को अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय ने करवाया था। 

सर्वे के अनुसार दलित और गैर दलित में अंतरजातीय विवाह के सवाल पर राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में 60 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण भागों में 40 प्रतिशत मामलों का विरोध होता है। जवाब देने वालों ने एक आश्चर्यजनक उत्तर यह भी दिया कि अंतरजातीय शादियों को रोकने के लिए कानून बनना चाहिए। 

 










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