लखनऊ में मल्टीनेशनल कंपनी एप्पल के मैनेजर की पुलिस एनकाउंटर में मौत, आनन-फानन में सरकार ने की कई घोषणाएं

त्रासदी , नई दिल्ली, शनिवार , 29-09-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। यूपी में इस समय पुलिस का राज चल रहा है। अभी तक एनकाउंटर की खबरें दूर दराज के इलाकों, गांवों और कस्बों से आती थीं और सामाजिक तौर पर मुस्लिम, दलित और पिछड़े इसके निशाने पर हुआ करते थे। लेकिन कल की लखनऊ में हुई एक घटना ने इसको विस्तार दे दिया है। अब खाकी वर्दी की गुंडई और उसका रोब न केवल मेट्रो शहरों में दिखने लगा है बल्कि समाज का सवर्ण तबका भी अब इसके निशाने पर है। कल रात बहुराष्ट्रीय कंपनी एप्पल के कर्मचारी विवेक तिवारी का हुआ एनकाउंटर इसी बात की गवाही देता है।

घटना गोमतीनगर की है। जब तिवारी अपनी एक महिला सहयोगी सना के साथ दफ्तर से घर जा रहे थे। तभी रास्ते में गोमतीनगर विस्तार के पास उनकी गाड़ी के सामने अचानक एक बाइक पर सवार दो पुलिस वाले आ गए। उनका कहना है कि उन्होंने तिवारी को रोकने की कोशिश की लेकिन विवेक ने रुकने की बजाय कार कथित तौर पर पुलिसकर्मी की मोटरसाइकिल पर चढ़ा दी। जिसके बाद सिपाही ने गोली चला दी।

हालांकि उसके बाद उनकी सहयोगी सना द्वारा थाने में लिखाई गयी एफआईआर में कहीं भी गोली का जिक्र नहीं है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सना को गोमती नगर विनय खंड-3 में स्थिति उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है। न तो उनसे किसी मीडिया वाले को मिलने दिया जा रहा है और न ही किसी से उन्हें बातचीत करने दी जा रही है। बताया जा है कि पुलिस अब मामले की लीपापोती में जुट गयी है। विवेक सुल्तानपुर के रहने वाले थे और कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

जिलाधिकारी द्वारा जारी सूचना।

लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि गोमतीनगर विस्तार के पास विवेक की गाड़ी खड़ी थी। तभी सामने से दो पुलिसवाले आए। विवेक ने निकलने की कोशिश की। पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की। तभी अचानक गोली चल गई। और फिर गाड़ी एक खंभे से टकरा गई। उसके बाद विवेक के सिर से खून बहने लगा। विवेक को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। मौत हादसे में हुई है या गोली से, इसकी जांच चल रही है।

दूसरी तरफ उनकी सहयोगी और आखिरी समय में उनके साथ मौजूद सना के मुताबिक रात में सिपाहियों ने अचानक गाड़ी रोकने के लिए कहा। लेकिन वहां सन्नाटा था लिहाजा विवेक सर ने गाड़ी नहीं रोकी। उसके बाद बाइक के पहिये पर गाड़ी चढ़ गयी। जिसके बाद पुलिस वालों ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने के बाद गाड़ी आगे जाकर दीवार में टकरा गया। गोली चलाने के बाद दोनों पुलिसकर्मी फरार हो गए।

उनका कहना था कि वो कल वो अपना फोन नहीं ले गयी थीं अभी वो ट्रक वालों से फोन मांग ही रही थीं कि तभी दोबारा वहां पुलिस आ गयी और वो एंबुलेंस काल कर रही थी उन्होंने पुलिस की गाड़ी से ही अस्पताल ले जाने की बात कही। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

इस तरह से पूरे मामले के अलग-अलग वर्जन आ रहे हैं। इसमें क्या सत्य है ये जांच का विषय है। लेकिन इस बात में कोई शक नहीं कि गोली चली है और विवेक की मौत हुई है। 

पत्नी का पत्र।

इस बीच इसको लेकर प्रशासनिक महकमे और पूरे सत्ता के गलियारे में हड़कंप मच गया है। मामले में आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों प्रशांत मलिक और संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी गयी है और एसआईटी गठित कर दी गयी है। प्रेस कांफ्रेंस के जरिये इस कार्रवाई की जानकारी देने वाले लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि जांच को दूसरे सर्किल को दिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने पर भी विचार चल रहा है। 

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया है और कहा है मामले में शामिल आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। योगी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो घटना की सीबीआई से भी जांच कराएंगे। इस बीच इसको लेकर विपक्ष ने योगी सरकार की घेरेबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने इसे जंगल राज करार दिया है।

उधर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर उनसे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक करोड़ का मुआवजा और अपनी शैक्षणिक योग्यता के मुताबिक रोजगार की मांग की है।

ये एनकाउंटर का कोई पहला मामला नहीं है अभी चंद दिन पहले ही पुलिस ने अलीगढ़ में दो युवकों का लाइव एनकाउंटर किया है। बाकायदा मीडिया वालों को साथ लेकर इसे अंजाम दिया गया था। ये घटना बताती है कि सीएम ने खाकीवर्दीधारियों को पूरी छूट दे रखी है।








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