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मां और मुल्क बदले नहीं जाते

यह शीर्षक हमारा नहीं है। यह सीएए-एनआरसी का विरोध करने वाले एक युवा की भावनाएं हैं। पूरे देश में सीएए और एनआरसी का विरोध हो रहा है। इसमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। हर कोई विरोध में अपनी तरह से अपनी बात कह रहा है। एक बात समझने की है। इन सर्दी भरे दिन और रातों को कोई यूं ही शौक में खुले आसमान के नीचे अपना विरोध दर्ज कराने के लिए नहीं खड़ा हुआ है। आजादी के बाद पहली बार है जब सभी जाति-धर्म के युवा सड़कों पर हैं। महिलाएं प्रदर्शन करने के लिए रात को घरों से निकल रही हैं और मासूम बच्चे भी अपनी बात रखने को घरों से बाहर निकल पड़े हैं। प्रदर्शनकारियों की सैकड़ों तस्वीरों में से जनचौक ने दस तस्वीरें आपके लिए चुनी हैं। कुछ तस्वीरें आपकी भी आंखें नम कर देंगी, मगर ‘सत्ता के खुदाओं’ की आंख का पानी मर चुका है!


This post was last modified on January 3, 2020 8:22 pm

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Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi