छत्तीसगढ़ में बीजेपी की चुनावी सभाओं से गायब होने लगी है भीड़

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तामेश्वर सिन्हा

बस्तर। छत्तीसगढ़ में बीजेपी की चुनावी सभाओं से भीड़ आखिर गायब क्यों हो रही है? कहीं ये सत्ता परिवर्तन की लहर तो नहीं? वो भीड़ अब चुनावी माहौल में नहीं दिख रही है जिसमें प्रशासनिक अमला ट्रकों में भर-भर के भीड़ को इकट्ठा करते थे। पंचायत सचिव से लेकर सरपंच तक भीड़ जुटाने के लिए कड़ी मशक्कत करते थे। आचार संहिता से पूर्व जिस तरह छत्तीसगढ़ में विकास यात्रा के नाम पर सरकारी मशीनरी के सहारे भीड़ एकत्रित की जाती थी अब हजारों की संख्या तो दूर 100-200 लोग भी चुनावी सभा में नेताओं को सुनने नहीं आ रहे हैं। जबकि बीजेपी ने केन्द्रीय मंत्रियों को स्टार प्रचारक के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में माहौल तैयार करने के लिए उतार दिया है।

चुनावी दौरे पर छत्तीसगढ़ के कांकेर विधानसभा के सरोना पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव की सभा में भीड़ नहीं जुटी। अब इस मामले को लेकर सफाई देने का अभियान भी शुरू हो गया है। इस विषय पर जब मंत्री जी से सवाल किया गया तो उन्होंने इलाके को गरीब तबके का बताते हुए लोगों के धान कटाई में व्यस्त होने के कारण भीड़ नहीं जुटने की बात कह दी।

बता दें कि भाजपा के स्टार प्रचारक केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा के प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने कांकेर विधानसभा के सरोना गांव पहुचे थे जहां उनकी चुनावी सभा में आम जनता से ज्यादा तो पुलिस के जवान मौजूद थे। लेकिन मंत्री के उड़ने के बाद भाजपाई मंच पर एकत्रित होकर भीड़ नहीं आने के लिए एक-दूसरे पर दोषरोपण करते नजर आए। ठीक ऐसा ही नजारा उत्तर बस्तर अंतर्ग्रत भानुप्रतापुर विधानसभा के ग्राम हल्बा में भी देखने को मिला।

यह एक जगह की बात नहीं है बीजेपी की सभाओं से भीड़ गयाब होने का दूसरा नजारा कोंडागांव जिले के तहत आने वाले ग्राम समपुर में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा की सभा में था यहां महज 200 लोगों की भीड़ थी। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम-से कम हेलीकॉप्टर देखने तो 500 लोगों की भीड़ जुट ही जाती है लेकिन इस बार बीजेपी मंत्रियों के चुनवी सभा से भीड़ गायब हो रही है।

आप को बता दें कि बीजेपी के पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए बीजेपी स्टार प्रचारकों का रविवार से आना शुरू हो गया है, छत्तीसगढ़ के संवेदनशील क्षेत्र बस्तर में पहले चरण का12 नवम्बर को मतदान होना है।

इससे पूर्व बालोद जिले के एक सभा में मुख्यमंत्री रमन सिंह की सभा में महज 300 लोगों की भीड़ थी। मुख्यमंत्री रमन सिंह की सभा बीजापुर जिले में भी था जहां महज हजार से पन्द्रह सौ की भीड़ मौजूद थी वहां भी आधे दंतेवाड़ा जिले से बसों में बैठा कर लाया गया था। इसी बीजापुर में आचार संहिता से पहले सीएम की सभा में दस हजार तक भीड़ पहुंचती थी जो चुनावी माहौल में सिमट गई है सीएम की सभा विश्रामपुरी ब्लाक में भी था वहां भी यही नजारा था।

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