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Categories: बीच बहस

ठेके की खेती में नहीं उतरने की घोषणा करने वाले अडानी का बेहद विशाल है कारोबारी साम्राज्य

कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच अडानी और अंबानी समूह चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले अंबानी समूह की ओर से सफाई के बाद अडानी समूह ने भी सफाई दी है कि वह किसानों से अनाज नहीं खरीदती और कंपनी का ठेके की खेती में जाने का इरादा नहीं है।

कंपनी ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुये कहा कि वह किसानों से कोई अनाज नहीं खरीदती बल्कि वह अनाज के भंडारण की सेवायें देती है। उसने अनाज भंडारण के लिये जो गोदाम (साइलो) बनाये हैं, वह परियोजना उसने 2005 में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की निविदा के तहत प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर हासिल की थी। अडानी एग्री लॉजिस्टिक्स के उपाध्यक्ष पुनीत मेंहदीरत्ता ने कहा, ‘कंपनी कोई ठेका खेती का काम नहीं करती है और न ही भविष्य में कंपनी का ऐसा कोई इरादा है। यह भी गलत आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी ठेका खेती के लिए पंजाब और हरियाणा में जमीन का अधिग्रहण कर रही है।’

कोरोना के दौर में भले ही आम आदमी का धन खत्म हुआ है, नौकरियां गई हैं, गौतम अडानी की संपत्ति सबसे तेजी से बढ़ी है। अडानी परिवार की संपत्ति 2020 में दोगुनी होकर 41 अरब डॉलर हो गई, जो एक साल पहले 20 अरब डॉलर थी। अडानी ग्रीन, अडानी पोर्ट एंड सेज और अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर तेजी से बढ़े हैं। अडानी समूह की बाजार पूंजी बढ़कर 4.18 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल 2 लाख करोड़ रुपये थी। अडानी समूह निम्नलिखित 21 क्षेत्रों में काम करता है-

1. अक्षय ऊर्जा उत्पादनः अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड भारत की बड़ी अक्षय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। कंपनी ग्रिड से जुड़ी सौर व पवन ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन करती है। कंपनी अपने बिजली की आपूर्ति केंद्र व राज्य सरकारों और सरकारी कंपनियों को करती है। कंपनी ने 2025 तक 25 गीगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने एक स्थान पर 648 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र की स्थापना की है, जो स्थापना के समय विश्व की सबसे बड़ी सौर बिजली परियोजना थी। कंपनी ने 100 मेगावॉट क्षमता की भारत की सबसे बड़ी सिंगल लोकेशन एचएसएटी आधारित सौर बिजली परियोजना स्थापित की है।

2. सोलर मैन्युफैक्चरिंगः अडानी सोलर अडानी समूह के सोलर फोटोवोल्टेइक (पीवी) विनिर्माण और ईपीसी इकाई का हिस्सा है। कंपनी ने 1.5 जीवी क्षमता का अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया है, जिसमें शोध एवं विकास संस्थान भी है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) सुविधा मुंद्रा स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित है। यह इस समय देश पहली और सबसे बड़ी सोलर सेल और मॉड्यूल उत्पादन कंपनी है। कंपनी ने 3.5 गीगावॉट क्षमता का मॉड्यूल और सेल संयंत्र एक क्षत के नीचे करने का लक्ष्य रखा है।

3. पोर्ट व टर्मिनलः कंपनी इस क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी कामर्शियल पोर्ट ऑपरेटर है। समुद्र के किनारे स्थित 6 राज्यों गुजरात, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में इसके 10 घरेलू बंदरगाह हैं। कंपनी के बंदरगाह शुष्क कार्गो, तरल कार्गो, कच्चातेल और कंटेनर सेवाएं देने में सक्षम हैं। कंपनी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 388 एमएमटीपीए है। कंपनी का मुंद्रा पोर्ट भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है।

4. लॉजिस्टिक्सः कंपनी एंड टु एंड लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है। इसकी संपत्तियों और सेवाओं में कंटेनर, बल्क, ब्रेक बल्क, केमिकल, ऑटो और लिक्विड इंडस्ट्री शामिल हैं। हरियाणा के पाटली, पंजाब के किला-रायपुर और राजस्थान के किशनगढ़ में कंपनी के लॉजिस्टिक्स पार्क हैं। कंपनी सालाना 5 लाख ट्वेंटी फुट इक्वैलेंट यूनिट (टीईयू) हैंडलिंग की क्षमता रखती है और इसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने 300 किलोमीटर निजी रेल ट्रैक बिछाई है। कंपनी के पास 10 अपने रैक और 12 पट्टे के रैक हैं और वह लाइसेंसयुक्त कंटेनर रैक ऑपरेटर है। कंपनी के 5 स्थलों पर 2 आईसीडी, 2 एग्जिम यार्ड और एक कंटेनर यार्ड हैं।

5. एग्री लॉजिस्टिक्सः अडानी एग्री लॉजिस्टिक्स खाद्यान्न की अग्रणी बल्क हैंडलिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन (डिस्ट्रीब्यूशन) कंपनी है। यह भारतीय खाद्य निगम और विभिन्न राज्य सरकारों के लिए अनाज की ढुलाई कर रही है। कंपनी ने 2007 में भारतीय खाद्य निगम के लिए भारत के पहले आधुनिक अनाज भंडारण सुविधा का निर्माण कराया था। यह पंजाब के मोगा और हरियाणा के कैथल में ग्रेन साइलोज चलाती है, जिसमें अनाज का भंडारण होता है। कंपनी ने मुंबई, चेन्नई, बेंगलूरु, कोलकाता और कोयंबटूर में रिसीविंग साइलोज स्थापित किए हैं, जो अडानी डेडीकेटेड रेलवे रैक्स से जुड़े हैं। कंपनी का दावा है कि वह किसानों के हर पसीने की बूंद का क्रेडिट देने के लिए काम कर रही है।

6.औद्योगिक भूमिः अडानी की 15,000 हेक्टेयर औद्योगिक क्षेत्र भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में स्थिति है, जिसे मुंद्रा इकोनॉमिक हब के नाम से जाना जाता है। यह भारत के निर्यात व आयात का द्वार है। यह भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह आधारित मल्टी प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग जोन है। मुंद्रा में निजी समुद्री बंदरगाह, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, आर्थिक लाभों और संबंधित बुनियादी ढांचा, की सुविधा है। कंपनी के मुताबिक मुंद्रा न सिर्फ कारोबार व उद्यम केलिए वैश्विक केंद्र है, बल्कि बेहतर जिंदगी जीने के लिए भी बेहतर केंद्र है।

7. बिजली पारेषणः अडानी का ट्रांसमिशन कारोबार देश के सबसे बड़ी पारेषण कारोबार करने वाली कंपनियों में से एक है, जिसकी मौजूदगी देश के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में है। कंपनी ने 2022 तक 20,000 सर्किट किलोमीटर बिजली के तार खींचने का लक्ष्य रखा है। इस समय कंपनी 8,500 सर्किट किलोमीटर का परिचालन करती है और इसकी 14,000 एमवीए बिजली ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता है।

8. बिजली वितरण: अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (एईएमएल) अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड की 100 प्रतिशत सहायक इकाई है। यह बिजली उत्पादन, पारेषण और खुदरा में बिजली आपूर्ति का काम करती है। यह मुंबई में 400 वर्ग किलोमीटर में रह रहे 30 लाख ग्राहकों को बिजली की आपूर्ति कर रही है। अडानी मुंबई में 2000 मेगावॉट बिजली की मांग पूरी करती है और इसका मुंबई में सबसे बड़ा बिजली आपूर्ति नेटवर्क है।

9. गैस वितरणः कंपनी की गैर वितरण की 6,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी पाइपलाइन है, जिसके माध्यम से वह देश के रसोईघरों में गैस पहुंचा रही है। कंपनी 1,200 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों, 3,00,000 से ज्यादा घर और 2,400 से ज्यादा वाणिज्यिक इकाइयों में गैस पहुंचा रही है। उसके 80 से ज्यादा सीएनजी स्टेशन हैं। अडानी गैस लिमिटेड देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीटी) कारोबारी है।

10.  रक्षा एवं एयरोस्पेसः अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के माध्यम से समूह ने इस क्षेत्र में कदम रखा है, जिससे भारत को वैश्विक रक्षा व एयरोस्पेस केंद्र बनाया जा सके। कंपनी भारत को सैन्य प्रतिस्पर्धी बनाने और अहम तकनीक के प्लेटफॉर्मों पर ध्यान कर रही है, जिससे सीमाओं पर सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसके लिए वह वैश्विक साझेदारों से समझौते कर रही है।

11. खाद्य तेल एवं फूड प्रोडक्ट्सः विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड, सिंगापुर और अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड का संयुक्त उद्यम अडानी विल्मर लिमिटेड देश की बड़ी खाद्य कंपनियों में से एक है। कंपनी फार्च्यून ब्रांड से सोया तेल, राइस ब्रान तेल, मूंगफली का तेल और कॉटनसीड के तेल की आपूर्ति करती है। इसका विवो ब्रांड भी आया है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह डायबिटीज केयर का भारत का पहला तेल है। इसके अलावा कंपनी इस ब्रांड से बासमती चावल, दाल और सोयाबीन की बिक्री करती है। खुदरा दुकानों पर 10 लाख से ज्यादा ब्रांड फार्चून मौजूद हैं। इसकी प्रतिदिन 12,000 टन खाद्य तेल शोधन की क्षमता है।

12.  फलः कंपनी उच्च गुणवत्ता के बागवानी उत्पाद के भंडारण व खपत की सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने सेब के लिए भंडारण तकनीक विकसित की है। यह फार्म पिक ब्रांड से हिमाचल प्रदेश में भंडारण की सुविधा दे रही है। कंपनी का दावा है कि वह 15,000 से ज्यादा किसानों को लाभ पहुंचा रही है और 36 से ज्यादा शहरों में उसके फार्म पिक सेब उपलब्ध हैं।

13.  रियल एस्टेटः अडानी रियल्टी अहमदाबाद, मुंबई, गुड़गांव, कोच्चि और मुंद्रा में 64 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक और सोशल क्लब परियोजनाएं चला रही है। कंपनी ने 6000 से ज्यादा परिवारों को फ्लैट दिए हैं और 13 लाख वर्गमीटर क्षेत्र की डिलिवरी दे चुकी है। कंपनी 13 लाख वर्गमीटर की परियोजनाओं पर काम कर रही है।

14.  फाइनेंशियल सेवाः अडानी कैपिटल प्रमुख रूप से उद्यमियों को वित्तीय सेवाएं मुहैया कराती है। इसकी खुदरा व ग्रामीण उधारी और थोक उधारी की शाखाएं हैं।

15.  हाउसिंग फाइनेंस: अडानी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी की स्थापना 2017 में हुई। कंपनी होमलोन, संपत्ति के बदले लोन, कंस्ट्रक्शन फाइनेंस मुहैया कराती है। खबरों के मुताबिक कंपनी संकट में फंसी डीएचएफएल के अधिग्रहण की भी कवायद कर रही है।

16.  एयरपोर्टः अडानी समूह देश भर में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में काम कर रहा है और एयरपोर्ट का अधिग्रहण कर उसका विकास व रखरखाव कर रहा है। अडानी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया के अहमदाबाद, त्रिवेंद्रम, लखनऊ, मंगलूरु, गुवाहाटी और जयपुर हवाई अड्डों के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाई है। इतना ही नहीं, अडानी ने मुंबई इंटरनेशनल एयपोर्ट में भी 74 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है, जो एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया और रेड्डी परिवार की कंपनी जीवीके का संयुक्त उद्यम है। दिल्ली के बाद मुंबई हवाई अड्डा देश का दूसरा सबसे बड़ा हवाईअड्डा है।

17. जलः कंपनी ने नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने व मौजूदा एसटीपी को दुरुस्त करने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी की योजना सिंचाई संबंधी बुनियादी ढांचा विकसित करने, जलापूर्ति और जल वितरण परियोजनाएं, जल शोधन परियोजनाएं स्थापित करने की योजना है।

18.  सड़क, मेट्रो व रेलः कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, सुरंग, मेट्रो रेल, रेलवे आदि विकसित करने पर काम कर रही है। अडानी की भारत में 300 किलोमीटर लंबी रेल लाइन है, जो खदानों, बंदरगाहों व अन्य कारोबारी केंद्रों को जोड़ती है। कंपनी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के करीब 640 किलोमीटर लंबी 3 सड़क परियोजानाओं पर काम कर रही है।

19.  डेटा सेंटरः अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) एकमात्र कंपनी है, कंपनी के मुताबिक उसकी देश भर में डेटा सेंटर विकसित करने की क्षमता है।

20.  थर्मल पावर जेनरेशनः अडानी की ताप बिजली उत्पादन क्षमता 12,410 मेगावॉट है। कंपनी के मुंद्रा (गुजरात), तिरोडा (महाराष्ट्र), कवाई (राजस्थान), उडुपी (कर्नाटक), और कोरबा तथा रायखेड़ा (छत्तीसगढ़) में संयंत्र हैं। यह देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादन कंपनी है।

21.  नेचुरल रिसोर्सेज: अडानी समूह ने 2007 में खनन कारोबार में कदम रखा और वह विभिन्न इलाकों में काम कर रही है। कंपनी इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी खदान विकसित कर रही है।

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This post was last modified on January 7, 2021 8:47 pm

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