Subscribe for notification
Categories: बीच बहस

राजनीतिक मंशा पर पानी फिरते देख भाजपा डिटेंशन सेंटर पर बोलने लगी झूठ

देश में डिटेंशन सेंटरों को लेकर ब्लेम गेम चल रहा है। सत्तारुढ़ सरकार द्वारा इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। दरअसल इस पूरे मुद्दे पर राजनीति ज्यादा हो रही है। असम की एनआरसी में चिन्हित लगभग 19 लाख लोगों में 15 लाख हिंदुओं के होने के कारण भाजपा की राजनीतिक मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

असम में डिटेंशन सेंटरों को कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित किए जाने के गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों को ख़ारिज करते हुए असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने स्पष्ट किया है कि गुवाहाटी हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए वर्ष 2009 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पहले डिटेंशन कैंप की स्थापना की थी। यहां पर घोषित विदेशियों को बंद कर रखा जाता है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने सीएए और एनआरसी को लेकर पिछले दिनों एक सभा में कहा था कि पूरे देश में ये अफवाह फैलाई जा रही है कि मुस्लिमों को कुछ चिह्नित जगहों पर भेज दिया जाएगा। इसके बाद डिटेंशन सेंटरों को लेकर ब्लेम गेम शुरू हो गया। कांग्रेस समेत विपक्ष जहां एनआरसी, सीएए और एनपीआर को लेकर मुखर हैं, वहीं सत्ता पक्ष डिटेंशन सेंटर को कांग्रेस सरकार की देन और उच्चतम न्यायालय के फैसले के मुताबिक बता रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने देश में एक भी डिटेंशन कैंप न होने का दावा करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावे की यह कहकर हवा निकाल दी है कि बीजेपी सरकार ने असम के ग्वामलपाड़ा में डिटेंशन कैंप स्थापित करने के लिए वर्ष 2018 में 46 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की थी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तरुण गोगोई ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अवैध घुसपैठियों को रखने के लिए डिटेंशन कैंप बनाने की वकालत की थी। उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी झूठे हैं। वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने ग्वालपाड़ा जिले के मटिया इलाके में विशाल डिटेंशन कैंप बनाने के लिए 46 करोड़ रुपये जारी किए थे। इस डिटेंशन कैंप में तीन हजार अवैध घुसपैठियों को रखा जाना था। अचानक से वह (मोदी) कहते हैं कि देश में एक भी डिटेंशन कैंप नहीं है।”

प्रेस वार्ता के दौरान गोगोई ने सवाल किया कि भाजपा सरकार ने क्यों 2018 में 46 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूरी दी थी? यह दिखाता है कि मोदी झूठे हैं। उन्होंने कहा कि 2008 में जब उनकी असम में सरकार थी, तब हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य में डिटेंशन कैंप बनाया गया था। भाजपा कहती है कि ये डिटेंशन कैंप कांग्रेस ने बनवाए हैं पर हमने ऐसा हाईकोर्ट के आदेश पर किया था। वह उन लोगों के लिए हैं, जिन्हें विदेशी अधिकरण ने विदेशी घोषित किया है। असम में तरुण गोगोई लगातार तीन बार 15 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

गौरतलब है कि 2008 के आसपास असम में बाहरी लोगों के घुसपैठ का मसला चरम पर था। असम के मूल निवासी काफी पहले से बाहरी घुसपैठ के मामले को उठा रहे थे। ये मसला गुवाहाटी हाईकोर्ट तक पहुंच चुका था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जिन 50 से ज्यादा बांग्लादेशियों को फ्रॉड के जरिए भारतीय नागरिकता हासिल करने का दोषी पाया गया है, उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जाए। इस मामले में उन संदिग्ध लोगों के पास वोटर कार्ड भी मिले थे।

कोर्ट ने कहा था कि इस बात में कोई शक नहीं है कि बांग्लादेशी अवैध तरीके से असम के हर कोने में घुस चुके हैं और अब उन्होंने असम पर अपना प्रभुत्व जमा लिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार पर भी अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रेशर बढ़ गया था। विपक्षी पार्टियां कांग्रेस पर आरोप लगा रही थीं कि अवैध बांग्लादेशियों के लिए कांग्रेस नरम रवैया अपना रही है।

असम में पहली बार हाईकोर्ट के निर्देश पर विदेशियों को रखने के लिए 2009 में डिटेंशन सेंटर बना। इसके बाद भाजपा  सरकार ने 2018 में गोपालपाड़ा में तीन हजार की क्षमता वाला बड़ा डिंटेशन सेंटर बनाने के लिए 46.41 करोड़ का फंड रिलीज किया। 2009 में पहली बार पता चला था कि असम सरकार ने अवैध घुसपैठियों को रखने के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए हैं। जुलाई 2009 में असम के राजस्व मंत्री भूमिधर बर्मन ने विधानसभा को बताया कि सरकार ने अवैध घुसपैठियों को रखने के लिए दो डिटेंशन सेंटर बनाए हैं।

द फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के सेक्शन 3 (2) (सी) के तहत केंद्र सरकार, भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके देश भेजने का अधिकार रखता है। पासपोर्ट एक्ट के मुताबिक वैध पासपोर्ट के बिना घुसे लोगों को निकाला जा सकता है। द फॉरनर्स एक्ट के तहत भारत सरकार विदेशी नागरिक को एक जगह रोक सकती है। असम में साल 2012 में तीन जेलों के अंदर ही डिटेंशन सेंटर बनाया गया था। ये डिटेंशन सेंटर गोलपाड़ा, कोकराझार और सिलचर के ज़िला जेलों के अंदर बनाया गया था।

दरअसल किसी भी देश में अवैध अप्रवासियों (दूसरे देश से आए नागरिक) को रखने के लिए जो जगह बनाई जाती है उसे डिटेंशन सेंटर कहते हैं। इसमें कोई व्यक्ति तभी तक रहता है जब तक कि वह अपनी नागरिकता साबित नहीं कर दे। यदि कोई व्यक्ति ट्रिब्यूनल/अदालत द्वारा विदेशी घोषित हो जाता है तो उसे अपने वतन वापसी तक इसी सेंटर में रखा जाता है।

1920 के पासपोर्ट एक्ट के मुताबिक भारत सरकार किसी भी ऐसे व्यक्ति को देश से सीधे निकाल सकती है जो वैध पासपोर्ट या फिर वैध दस्तावेज के बिना देश में घुसा। विदेशी नागरिकों के मामलों में  भारत सरकार को ये शक्ति संविधान के अनुच्छेद 258 (1) और अनुच्छेद 239 के तहत मिली हुई है, जिसमें वो विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकती है।

केंद्र सरकार ने द फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के सेक्शन 3 (2) और फॉरेनर्स ऑर्डर, 1948 के पारा 11 (2) के तहत सभी राज्यों को डिटेंशन सेंटर बनाने का अधिकार दिया था। उसी के तहत ये डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ कानूनी मामलों के जानकार भी हैं।)

This post was last modified on December 29, 2019 6:48 pm

Leave a Comment
Disqus Comments Loading...
Share

Recent Posts

जनता ही बनेगी कॉरपोेरेट पोषित बीजेपी-संघ के खिलाफ लड़ाई का आखिरी केंद्र: अखिलेंद्र

पिछले दिनों वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने वामपंथ के विरोधाभास पर मेरा एक इंटरव्यू लिया…

11 mins ago

टाइम की शख्सियतों में शाहीन बाग का चेहरा

कहते हैं आसमान में थूका हुआ अपने ही ऊपर पड़ता है। सीएएए-एनआरसी के खिलाफ देश…

1 hour ago

राजनीतिक पुलिसिंग के चलते सिर के बल खड़ा हो गया है कानून

समाज में यह आशंका आये दिन साक्षात दिख जायेगी कि पुलिस द्वारा कानून का तिरस्कार…

3 hours ago

रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगाड़ी का कोरोना से निधन, पीएम ने जताया शोक

नई दिल्ली। रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगाड़ी का कोरोना से निधन हो गया है। वह दिल्ली…

15 hours ago

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के रांची केंद्र में शिकायतकर्ता पीड़िता ही कर दी गयी नौकरी से टर्मिनेट

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के रांची केंद्र में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने…

15 hours ago

सुदर्शन टीवी मामले में केंद्र को होना पड़ा शर्मिंदा, सुप्रीम कोर्ट के सामने मानी अपनी गलती

जब उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब तलब किया कि सुदर्शन टीवी पर विवादित…

18 hours ago