Sunday, December 5, 2021

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भारत से जुड़े भ्रष्टाचार के साये में दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्ष

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क्या यह महज संयोग है कि दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्ष भ्रष्टाचार के मामले में फंस रहे हैं और इन सबका इंडिया कनेक्शन है। दक्षिण अफ्रीका के एक पूर्व राष्ट्रपति को तो जेल की सजा हो गयी है जबकि फ़्रांस एक पूर्व और एक वर्तमान राष्ट्रपति राफेल डील भ्रष्टाचार की जाँच के लपेटे में आ गये हैं, ब्राजील के राष्ट्रपति कोरोना वैक्सीन घोटाले  में फंस रहे हैं। भारत के प्रधानमन्त्री पर भी  राफेल डील के छींटे पड़ रहे हैं, लेकिन इनके  कपड़े इतने साफ हैं कि इन पर किसी छींटें का असर नहीं होता।

फ़्रांस में राफेल डील में न्यायिक जाँच भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल जंगी विमानों के सौदे को लेकर अब फ्रांस में न्यायिक जांच शुरू हो गई है। फ्रांसीसी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक जज को इस बेहद संवेदनशील सौदे की जांच का जिम्मा सौंपा है, जो सौदे में भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों की जांच करेंगे। फ्रांसीसी खोजी वेबसाइट मीडियापार्ट ने यह रिपोर्ट देते हुए कहा है कि इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांदे और मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रान समेत कई प्रमुख हस्तियां जाँच के लपेटे में आ गयी हैं और दोषी पाए जाने पर न केवल इनकी कुर्सी जा सकती है बल्कि जेल भी हो सकती है। इनसे जल्दी ही  पूछताछ की जा सकती है।

जांच में राफेल सौदे के समय राष्ट्रपति रहे फ्रांस्वा ओलांदे और मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रान से भी पूछताछ की जा सकती है। मैक्रान सौदे के वक्त वित्त मंत्री थे, ऐसे में उनके कामकाज को लेकर सवाल किए जाएंगे। वहीं, तत्कालीन रक्षा मंत्री और अब फ्रांस के विदेशी मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियान से भी पूछताछ हो सकती है। तत्कालीन रक्षा मंत्री और अब फ्रांस के विदेशी मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियान से भी जुड़ी चीजों को लेकर पूछताछ हो सकती है। कई और बड़े नेताओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। 

मीडियापार्ट के मुताबिक, इस न्यायिक जांच के आदेश फ्रांस की राष्ट्रीय वित्तीय अभियोजक (पीएनएफ) के दफ्तर ने दिए हैं ।जांच में 2016 में विमानन कंपनी दसॉल्ट एविएशन के 36 राफेल सौदे की जांच होगी। मीडियापार्ट ने कहा है कि 2016 में अंतर सरकारी सौदे की जांच की जाएगी, जिसे औपचारिक तौर पर इस साल 14 जून को शुरू किया गया था। इस जांच के आदेश फ्रांसीसी गैर सरकारी संगठन शेरपा की शिकायत और मीडियापार्ट की अप्रैल में सौदे में धांधली की रिपोर्टों के आधार पर दिए गए हैं। शेरपा को वित्तीय अपराध से जुडे़ मामलों में गहरी पैठ है।

कोवैक्सीन के खरीद घोटाले में ब्राजील के राष्ट्रपति फंसे वैक्सीन खरीद में अधिक कीमत चुकाने के आरोप में राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो फंसते नजर आ रहे हैं। भारतीय कंपनी भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन की डील संबंधी मामले ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो फंस गए हैं। इनके खिलाफ जांच शुरु होने वाली है। ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रोसा वीबर ने इसकी मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने टॉप प्रॉसीक्यूटर ऑफिस को इस जांच की अनुमति दी है। कोरोना वायरस टीकों की खरीद से जुड़े समझौते में संभावित भ्रष्टाचार की खबरों पर ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के आंखें मूंद लेने के आरोपों ने उनके शासन पर खतरा बढ़ा दिया है। इन खतरों में उनपर आपराधिक आरोप लगाए जाने की अनुशंसा भी शामिल है।

ब्राजील सरकार ने भारत बायोटेक से दो करोड़ डोज वैक्सीन का आर्डर दिया था। इसके तहत एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए। एक डोज के लिए 15 डॉलर या करीब 1117 रुपये कीमत तय की गई थी। लेकिन ब्राजील दूतावास से एक सीक्रेट मैसेज भेजा गया कि वैक्सीन की कीमत सौ रुपये ही है। इसके बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया। विपक्ष की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच का आदेश दे दिया है।

राष्ट्रपति बोलसोनारो को इस घोटाले के बारे में कई महीने पहले ही जानकारी दे दी गई थी। लेकिन उन्होंने इस घोटाले को रोकने के लिए क्या किया यह अभी साफ नहीं हो सका है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि राष्ट्रपति ने घोटाले को रोकने के लिए क्या किया। अटार्नी जनरल आफिस की गुजारिश के बाद जस्टिस रोजा वेबर ने 90 दिनों में जांच करने का आदेश दिया है। उधर, विपक्षी दलों ने सदन में महाभियोग का प्रस्ताव दायर किया है।

गुप्ता ब्रदर्स के साथ भ्रष्टाचार में फंसे दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति

दक्षिण अफ्रीकी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को अदालत की अवमानना के लिए मंगलवार को 15 माह कैद की सजा सुनाई। पचास अरब रैंड के भ्रष्टाचार में जुमा मुख्य आरोपी हैं जिसमें तीन गुप्ता बंधु भी शामिल हैं। गुप्ता बंधुओं ने उनके साथ कथित तौर पर निकटता के कारण भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। गुप्ता बंधुओं ने जुमा के दो बच्चों को भी कथित तौर पर फायदा पहुंचाया, जो दुबई में स्वनिर्वासन में रह रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने उनके प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पूर्व राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल से दौरान हुए भ्रष्टाचार के आरोप की जांच कर रहे आयोग के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अदालत की अवमानना का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है। जैकब जुमा पर लगे भ्रष्टाचार के मामलों में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले गुप्ता बंधु भी आरोपी हैं। ऐसे में दक्षिण अफ्रीकी सरकार यूएई से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।

79 साल के जैकब जुमा पर 2009 से 2018 के बीच करीब नौ वर्ष तक पद पर रहते हुए सरकारी राजस्व में लूट-खसोट होने का आरोप है। भ्रष्टाचार के इन मामलों में गुप्ता बंधु भी आरोपी हैं, जो इस समय यूएई में स्वनिर्वासन की जिंदगी जी रहे हैं। सुनवाई के दौरान जुमा अदालत में नहीं थे और उन्हें थाने में आत्मसमर्पण के लिए पांच दिनों का समय दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो पुलिस मंत्री को उनकी गिरफ्तारी का आदेश देना होगा।

उत्तर प्रदेश के गुप्ता ब्रदर्स तीन भाई हैं। इन तीनों का जन्म व पढ़ाई सहारनपुर में ही हुई।जेवी जैन कॉलेज से इन्होंने डिग्री ली।अजय ने बीकॉम करके सीए किया ।अतुल ने बीएससी, कंप्यूटर हार्डवेयर और असेंबलिंग का कोर्स और राजेश ने बीएससी की।

गुप्‍ता ब्रदर्स यानी अजय, अतुल और राजेश उर्फ टोनी गुप्‍ता, भारत में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से आते हैं। इनके पिता शिव कुमार गुप्‍ता सहारनपुर में टैलकम पाउडर में प्रयोग होने वाले सोपस्‍टोन पाउडर का डिस्‍ट्रीब्‍यूशन करते थे। बेटे कुछ समय बाद दिल्‍ली पहुंचे और उन्‍होंने मसालों का बिजनेस शुरू किया। सन् 1993 में बिजनेस में नए मौके तलाशने के मकसद से ये दक्षिण अफ्रीका चले गए। गुप्‍ता ब्रदर्स ने यहां पर कंप्‍यूटर बिजनेस से लेकर माइनिंग और मीडिया तक का काम शुरू किया और हर काम में सफल रहे। तीन भाइयों के अलावा चेचेर भाई वरूण गुप्‍ता भी इनके साथ शामिल हो गए।

देखते ही देखते गुप्‍ता फैमिली, साउथ अफ्रीका की सबसे प्रभावशाली फैमिली बन गई। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में अतुल गुप्ता की कुल दौलत करीब 78 करोड़ यूएस डॉलर के करीब थी।इतनी दौलत के साथ वह दक्षिण अफ्रीका के 16वें सबसे अमीर शख्स थे।

पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के खिलाफ आरोप हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपने करीबी भारतीय मूल के व्यापारियों अतुल, अजय और राजेश गुप्ता को देश के संसाधनों को लूटने और सरकारी नीति को प्रभावित करने की अनुमति दी। जुमा सत्ता से बेदखल हुए तो गुप्ता बंधुओं ने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया।

गुप्ता बंधुओं के खिलाफ साल 2016 से ही खबरें आने लगी थीं। कहा गया कि पैसों के दम पर गुप्ता फैमिली ने देश की तत्कालीन दक्षिण अफ्रीकी सरकार से साठगांठ कर ली है।इस परिवार पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा से करीबी होने के चलते गलत तरीके से अपना बिजनेस प्रमोट करने का आरोप लगा।यहां तक कि बड़ा फंड भी इधर से उधर किया गया। इन्हीं आरोपों पर उनके अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब के खातों और वित्तीय लेनदेन को खंगाला गया।जुमा और गुप्‍ता ब्रदर्स हमेशा इस बात से इनकार करते रहे कि उनके बीच किसी तरह की कोई साठगांठ है। गुप्‍ता ब्रदर्स ने इस बात से भी इनकार कर दिया कि उन्‍होंने जुमा के पद का प्रयोग अपने प्रभाव के लिए किया है।हालांकि अफ्रीकी मीडिया में ये तक कहा गया था कि गुप्‍ता ब्रदर्स ने जुमा के बेटों और उनकी पत्‍नी को अपनी कंपनियों में कई पद दिए थे।

गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में ऐसा माहौल बना कि उन्हें देश छोड़कर दुबई भागना पड़ा। यहां तक कि अब उनके कई कारोबार भी बिक चुके हैं। ब्रिटेन ने भी गुप्‍ता ब्रदर्स के बैंक अकाउंट को सीज कर दिया था।

दक्षिण अफ्रीका के दागी गुप्ता बंधु परिवार की 200 करोड़ की शादी समारोह उत्तराखंड के औली में 18 से 22 जून19 के बीच सम्पन्न हुआ था और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली भाजपा की तत्कालीन त्रिवेंद्र रावत सरकार और पूरी राज्य मशीनरी पलक पांवड़े बिछाकर शादी समारोह को अति भव्य बनाने में जुटी थी।

इस शादी पर करीब 200 करोड़ खर्च किये गये थे । शादी के लिए विशेष तौर पर पांच करोड़ के फूल स्विट्जरलैंड से मंगाए गये थे । इस शादी में देश भर के दिग्गज शामिल हुए थे। 20 अप्रैल 2013 को एक एयरबस A330-200 चार्टर्ड एयरक्राफ्ट जो जेट एयरवेज का था और जिस पर 217 मेहमान शामिल थे, उसे साउथ अफ्रीकी एयरफोर्स बेस पर लैंडिंग की मंजूरी दी गई थी।पहले इस शादी का आयोजन इटली में होने जा रहा था, लेकिन तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के सुझाव पर औली को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में चुना गया। शादी के आयोजन की तैयारियां औली, जोशीमठ समेत आस पास के कई दूसरे गांव व क्षेत्रों में की गयी थीं ।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल इलाहाबाद में रहते हैं।)

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