Monday, January 24, 2022

Add News

गुजरात में जीएसएसएसबी बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक, मामले में अब तक 11 गिरफ्तार

ज़रूर पढ़े

अहमदाबाद। गुजरात की भाजपा सरकार द्वारा व्यापम जैसा घोटाला गुजरात में भी हुआ है। शनिवार को अहमदाबाद पुलिस ने NSUI के 45 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया क्योंकि इस छात्र संगठन के कार्यकर्त्ता पेपर लीक काण्ड में  Gujarat Subordinate Service Selection Board के चेयरमैन असित वोरा की पद से बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे। अपनी मांग को लेकर छात्र अहमदाबाद के मणिनगर में स्थित असित वोरा के घर का घेराव करना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने छात्रों को डिटेन कर लिया। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल सिंह गढ़वी ने जनचौक को बताया कि “असित वोरा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं जो अहमदाबाद शहर के महापौर भी रह चुके हैं। इस समय वोरा गौड़ सेवा पसंदगी मंडल (Gujarat Subordinate Service Selection Board) के चेयरमैन हैं। इनके कार्यकाल में पहली बार नहीं है जब पेपर लीक हुआ इससे पहले इनके चेयरमैन रहते हुए इससे पहले बिन सचिवालय की भर्ती परीक्षा के पेपर भी लीक हुए थे। इसलिए NSUI मांग करती है वोरा को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए।”

सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होना गुजरात में आम है।

पिछले रविवार को Gujarat Subordinate Service Selection Board द्वारा हेड क्लर्क की परीक्षा हुई थी रविवार को होने वाली परीक्षा का प्रश्न पत्र शनिवार रात को लीक हो गया था। सोशल मीडिया पर घूम रहे पेपर को सरकार लीक मानने को तैयार नहीं थी। ह्विसिल ब्लोअर युवराज सिंह जडेजा ने 13 दिसंबर को दावा किया था कि हेड क्लर्क परीक्षा के पेपर लीक होने के सुबूत हैं। पेपर परीक्षा से एक दिन पहले रात को लीक हुआ जो 6-12 लाख रुपये में बिका था। गुरुवार को युवराज सिंह ने लीक पेपर के सुबूत GSSSB के चेयरमैन असित वोरा को दिए। बोर्ड के चेयरमैन असित वोरा स्ट्रोंग रूम की अथॉरिटी थे। जहाँ पेपर रखे थे। सरकार ने अब मान लिया है कि पेपर लीक हुआ है। पेपर लीक कांड में प्रांतिज पुलिस स्टेशन ने 11 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर अब तक 7 लोगों की गिरफ़्तारी की है। गुजरात में यह पहली बार नहीं है जब सरकारी नौकरी के लिए होने वाली परीक्षा का पेपर लीक हुआ हो। गुजरात मॉडल में पिछले वर्षों में सरकारी नौकरी के लिए हुई अधिकतर भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। पिछले 5 वर्षों में गुजरात में अब तक निम्नलिखित पेपर लीक हुए हैं

  1. GPSC चीफ ऑफिसर – 2014
  2. तलाटी (तहसीलदार) पेपर लीक – 2015
  3. तलाटी (तहसीलदार) पेपर लीक – 2016
  4. लोक रक्षक दल – 2018
  5. मुख्य सेविका पेपर लीक – 2018
  6. तलाटी (तहसीलदार) पेपर लीक – 2017
  7. Teacher Elligibilty Test ( TET ) पेपर लीक – 2017
  8. Teacher’s Aptitude Test ( TAT ) पेपर लीक – 2018
  9. नायब चीटनीश पेपर लीक – 2018
  10. वन रक्षक पेपर – 2018
  11. कांस्टेबल पेपर लीक – 2018
  12. सचिवालय पेपर लीक – 2018
  13. नॉन सचिवालय क्लर्क पेपर लीक 2019
  14. सब ऑडिटर पेपर – 20121
  15. हेड क्लर्क पेपर लीक -2018

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को चुनाव से पहले मिला बड़ा मुद्दा

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को 2022 विधान सभा चुनाव से पहले एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रमुख जगदीश ठाकोर ने मीडिया से कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सरकारी नौकरी का परीक्षा पेपर लीक हुआ हो। 2014 से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। लेकिन कभी भी किसी सरकारी व्यक्ति के नाम पेपर लीक मामले में नहीं आए। बिना सरकार के पेपर लीक संभव नहीं है। इस सरकार से युवाओं का भरोसा उठ गया है। पेपर लीक कांड पर आम आदमी पार्टी भी भाजपा पर जमकर हमलावर है। ह्विसिल ब्लोअर युवराज सिंह जडेजा आम आदमी पार्टी की युवा विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। विपक्ष चाहता है असल आरोपियों को बेनकाब किया जाये। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों एक साथ सरकार को घेर रही हैं। लेकिन अब तक न तो असित वोरा को बोर्ड से हटाया गया है। न ही भर्ती परीक्षा रद्द हुई है।

भाजपा का पक्ष पेपर लीक काण्ड अक्षरधाम हमले जैसा

राज्य सरकार में गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा है कि आरोपियों पर गुजसीटोक के तहत मुकदमा दर्ज होगा। सरकार पेपर लीक करने वालों को आमिर अजमल कसाब और अक्षरधाम हमले के बराबर अपराध मानकर आतंकविरोधी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की बात कह रही है। लेकिन पुलिस ने 11 आरोपियों के विरुद्ध 406, 409 , 420 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं में 3 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इस केस में यदि आतंकवाद विरोधी धाराओं में किस कोर्ट में मुकदमा टिकेगा यह बड़ा सवाल है। सरकार की तरफ से ऐसे बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। कानून के जानकर मानते हैं आतंकवाद विरोधी धाराएं लगाने की बात हवा हवाई है। यह केवल जनता को शांत करने के लिए दिया गया बयान है। गुनाह उन्हीं धाराओं में दर्ज होगा जिस तीव्रता में हुआ है। गुजसीटोक कानून 2019 में पारित हुआ है। जिसके तहत 5 वर्ष से उम्रकैद तक की सजा कम से कम 5 लाख दंड का प्रावधान है। यह कानून संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ बनाया गया है। यह कानून IGP और कमिश्नर की पूर्व मंज़ूरी के बाद लागू होता है। SP और dSP रैंक के अधिकारी जांच करते हैं। परन्तु पेपर लीक काण्ड में अभी तक आरोपियों पर GUJCTOC नहीं लगाया गया है।

अब तक कम से कम 9 आरोपी पकड़े गए हैं

पेपर लीक काण्ड में शनिवार को दो और आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई। इससे पहले शुक्रवार को 7 की गिरफ़्तारी हुई थी। अब तक पुलिस ने जिन 11 लोगों को आरोपी बनाया है। उनके नाम इस प्रकार हैं।

  1. चिंतन पटेल
  2. धवल पटेल
  3. महेंद्र पटेल
  4. जयेश पटेल
  5. कुलदीप पटेल
  6. सुरेश पटेल
  7. जसवंत पटेल
  8. महेश पटेल
  9. सतीश उर्फ़ हप्पी पटेल
  10. ध्रुव बारोट
  11. दर्शन व्यास

आरोपी महेंद्र पटेल राज्य में चल रहे सरपंच चुनाव में प्रांतिज के पोग्लू गाँव से सरपंच का उम्मीदवार है। महेंद्र पर आरोप है कि उसने अपने घर पर बैठकर कम से कम पांच अभ्यर्थियों को पेपर हल करवाए। एक आरोपी खुद अभ्यर्थी है। आरोपी दर्शन व्यास के हिम्मत नगर स्थित घर से पुलिस 23 लाख रुपये भी बरामद किये हैं। अभी तक असित वोरा का नाम आरोपियों में नहीं आया है।

(अहमदाबाद से जनचौक संवाददाता कलीम सिद्दीकी की रिपोर्ट।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

कब बनेगा यूपी की बदहाली चुनाव का मुद्दा?

सोचता हूं कि इसे क्या नाम दूं। नेताओं के नाम एक खुला पत्र या रिपोर्ट। बहरहाल आप ही तय...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -